दिल्ली शराब घोटाला केस में तेलंगाना के पूर्व सीएम KCR की बेटी के. कविता बरी हो गई हैं. इसके बाद KCR परिवार एक बार फिर से एकजुट हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. खबर है कि के. कविता और उनके माता-पिता (KCR) के बीच दूरी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं.
शायद अब के. कविता के लिए भारत राष्ट्र समिति (BRS) में वापसी का कोई रास्ता नहीं बचा है. यही कारण है कि उन्होंने अपनी नई पार्टी लॉन्च करने की तैयारी शुरू कर दी है परिवार के बीच का यह विवाद तब और खुलकर सामने आया, जब बरी होने के बाद कोई परिवारिक खुशी से जुड़ी तस्वीर या खबर सामने नहीं आई.
इससे ठीक उलट, अगस्त 2024 में जब कविता तिहाड़ जेल से जमानत पर बाहर आई थीं, तब उनके पिता KCR और भाई KTR ने भावुक होकर उन्हें गले लगाया था. एक करीबी सहयोगी का कहना है कि के. कविता ने अदालत के इस फैसले के बाद अपनी खुशी और राहत सिर्फ फोन पर अपनी मां शोभा के साथ साझा की है.
2024 में दिल्ली से लौटने के बाद के. कविता हैदराबाद से 65 किलोमीटर दूर स्थित KCR के एर्रावल्ली फार्महाउस गई थीं और उनसे आशीर्वाद लिया था. पिता ने भी उन्हें गले लगाया था. कविता BRS के संस्थापक और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री KCR की इकलौती बेटी और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और संभावित उत्तराधिकारी के.टी. रामाराव (KTR) की छोटी बहन हैं.
2024 में KTR तिहाड़ जेल में कविता को रिसीव करने गए थे और उनके साथ हैदराबाद की फ्लाइट में साथ आए थे. इस बार अदालत के फैसले के बाद उनकी प्रतिक्रिया सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आई. अपनी इस पोस्ट में उन्होंने बहन के. कविता से ज्यादा फोकस शराब नीति केस के कारण BRS को विधानसभा और संसदीय चुनावों में हुए राजनीतिक नुकसान पर किया.
अन्य मामले में हमारे नेताओं के खिलाफ दर्ज हर मामला निर्णायक रूप से झूठा, राजनीतिक रूप से प्रेरित और मनगढ़ंत साबित होगा." इस पर कविता ने अपने भाई से नाराजगी जताई और कहा कि “BRS की चुनावी हार अहंकार की वजह से आई थी, मेरे केस की वजह से नहीं.” कोर्ट के फैसले पर उनका तुरंत जवाब भी X पर वही रहा, “सत्यमेव जयते.” हालांकि, यही वाक्य के. कविता ने जमानत मिलने के बाद भी पोस्ट किया था.
2003 में व्यवसायी देवनपल्ली अनिल कुमार से विवाह करने वाली कविता (47) ने अपना मायके का उपनाम बरकरार रखा और KCR का नाम अपनी पहचान के रूप में अपनाया. उन्होंने तेलंगाना राज्य गठन आंदोलन में भाग लिया और तेलंगाना जागृति नामक एक सामाजिक-सांस्कृतिक मंच का संचालन किया. बाद में, वे निजामाबाद लोकसभा सीट से चुनाव जीतीं, हालांकि फिर यहीं से उन्हें हार का भी सामना कर पड़ा. जनता के बीच वे कलवाकुंतला कविता या के. कविता के नाम से जानी जाती रहीं.
2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद 2020 में कविता तेलंगाना से MLC बनीं, जिसके लिए BRS ने उनका समर्थन किया. दिल्ली शराब नीति घोटाले में शामिल होने के आरोप में 2024 के आम चुनावों से ठीक पहले उन्हें गिरफ्तार किया गया था. पहले ED (Enforcement Directorate) और फिर CBI (Central Bureau of Investigation) ने हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की. फिर पांच महीने से ज्यादा समय तक उन्हें तिहाड़ जेल में रखा गया.
2025 की शुरुआत से ही, कविता BRS की विचारधारा से असहमत नजर आ रही हैं. कई बार BRS के खिलाफ उन्होंने बयान दिया है. इसका प्रमुख कारण पार्टी में उनकी घटती भूमिका और पारिवारिक मामले बताए जाते हैं. मई में अमेरिका की यात्रा से लौटने पर के. कविता ने अपने पिता के आसपास मौजूद नेताओं पर उनकी और पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगाया. इन टिप्पणियों से BRS के भीतर हंगामा मच गया.
इससे परिवार में भयंकर दरार पैदा हो गई. कविता की KTR के अलावा और उनके चचेरे भाइयों पूर्व मंत्री हरीश राव और पूर्व राज्यसभा सांसद जोगिनपल्ली संतोष कुमार के साथ भी अनबन हो गई. इसका नतीजा यह हुआ कि कविता ने BRS से इस्तीफा दे दिया.
पिछले सितंबर में BRS ने कविता को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निलंबित कर दिया था. आखिरी झटका तब लगा जब कविता ने कालेश्वरम परियोजना में "भ्रष्टाचार" के लिए पूर्व सिंचाई और वित्त मंत्री हरीश राव और जोगिनपल्ली संतोष कुमार का नाम लेकर KCR पर आरोप लगाया.
इसके बाद कविता ने तेलंगाना परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया, जिसे जनवरी में स्वीकार कर लिया गया. तेलंगाना के राजनीतिक परिदृश्य में अधर में लटकी कविता के लिए अदालत का फैसला एक नई उम्मीद बनकर आया है. उन्होंने हाल ही में घोषणा की है कि उनकी नई पार्टी मई में लॉन्च की जाएगी.
भ्रष्टाचार के दाग मिट जाने के बाद, भले ही CBI ने राउज एवेन्यू अदालत के आदेश के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की हो, लेकिन जानकारों का कहना है कि कविता नए आत्मविश्वास के साथ अपना सार्वजनिक जीवन आगे बढ़ा सकती हैं. हालांकि उनका राजनीतिक भविष्य कैसा रहेगा यह अभी अनिश्चित है. एक बात साफ है कि कविता अपने पिता की विरासत से दूर हो रही है.
कविता ने दिल्ली केस में अदालत के फैसले को एक बड़ी नैतिक और राजनीतिक जीत बताया है. उन्होंने अदालत के आदेश को राजनीतिक रूप से प्रेरित उत्पीड़न करने वाला बताया. साथ ही BJP से ज्यादा उन्होंने BRS को निशाना बनाते हुए कहा, "BRS के नेताओं के जरिए बेईमान, अवसरवादी और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि विधानसभा चुनावों में मिली हार के लिए दिल्ली शराब केस को जिम्मेदार ठहराया जा सके."
अपने भाई KTR पर निशाना साधते हुए कविता ने X पर कहा कि BRS चुनाव अपनी ही नाकामियों के कारण हारी है. रोजगार, आवास और कल्याणकारी योजनाओं के वादे पूरे नहीं करने और अयोग्य, दागी व्यक्तियों को टिकट देने कारण पार्टी की यह हालात हुई है.

