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छत्तीसगढ़ में क्यों चल रही है ‘फॉर्म पॉलिटिक्स’?

छत्तीसगढ़ के पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी इस ‘फॉर्म पॉलिटिक्स’ में कामयाब रही और अब कांग्रेस इसे लोकसभा चुनाव में आजमाने जा रही है

Sachin Pilot
कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट
अपडेटेड 24 मार्च , 2024

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव-2023 के प्रचार के दौरान बीजेपी के विधानसभा प्रत्याशियों ने महिलाओं से आखिरी दिनों में वोट मांगना बंद कर दिया था. वोट की जगह प्रत्याशी पूछते थे- ''क्या आपने फॉर्म भर दिया है'' महिलाएं जब हामी भरती तो प्रत्याशी को भरोसा हो जाता कि उनको वोट मिलना तय है. 

यह फार्म घोषणा पत्र में किए एक वादे को लेकर भराया जा रहा था, जिसमें महतारी वंदन योजना बनाकर महिलाओं को एक हजार रुपए प्रतिमाह दिया जाता. इस तरह बीजेपी ने प्रदेश की 90 विधानसभा सीटों पर 56 लाख से अधिक महतारी वंदन योजना के फॉर्म भरवाए. 

कांग्रेस ने चुनाव आयोग में इसकी शिकायत की थी लेकिन जब तक चुनाव आयोग इसे लेकर सख्ती दिखाता फॉर्म, भराए जा चुके थे. चुनाव के परिणाम आए तो बीजेपी को अब तक का सबसे बड़ा 55 सीटों का बहुमत मिला. चुनाव के बाद कांग्रेस की आंतरिक समीक्षा में फॉर्म भरवाने की इस रणनीति को हार का बड़ा कारण माना गया. कांग्रेस के कुछ प्रत्याशिओं ने भी अपने क्षेत्र में इस योजना के जवाब में गृहलक्ष्मी योजना का फॉर्म भरवाया था, जिसमें 12 हजार रुपए प्रतिमाह विवाहित महिलाओं को देने की बात कही गई थी. इन विधायकों को अपनी सीट पर जीत मिली लेकिन कांग्रेस सरकार नहीं बना सकी. 

विधानसभा चुनाव में कारगर रहे इस फार्मूले को कांग्रेस अब लोकसभा के चुनाव में आजमाने जा रही है. पार्टी ने लोकसभा चुनाव की अपनी गारंटियों का ऐलान किया है. इनमें से एक नारी न्याय गारंटी योजना के तहत कांग्रेस ने सरकार बनने पर एक लाख रुपए हर साल गरीबी रेखा से नीचे की बीपीएल महिलाओं के खाते में भेजने की बात कही है. 

कांग्रेस इस योजना को लोगों तक पहुंचाने के लिए गरीब महिलाओं से इस योजना का हितग्राही फॉर्म भराने जा रही है. फॉर्म में राहुल गांधी की तस्वीर होगी और महिलाओं का नाम, पता, वॉर्ड जैसी जानकारियां होंगी.  कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने 22 मार्च को मीडिया से बात करते हुए कहा है, ''नारी न्याय गारंटी योजना का फॉर्म महिलाओं से भरवाया जाएगा,  केंद्र में सरकार बनने पर उन महिलाओं को हर माह लगभग 8 हजार रुपए दिए जाएंगे.'' 

बीजेपी ने भी इसकी काट में फिलहाल बयान देने शुरू कर दिए हैं. छत्तीसगढ़ सरकार में कृषि मंत्री रामविचार नेताम कहते हैं, ''बात फॉर्म से अधिक भरोसे की है. कांग्रेस कितनी भी राशि महिलाओं को देने का वादा कर ले, उनकी बातों पर कोई भरोसा नहीं करता है. देश को मोदी की गारंटी पर विश्वास है.” 

बीजेपी जो भी तर्क दे लेकिन फॉर्म भरने की इस कवायद को अगर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गंभीरता से पूरा किया तो कम से कम पार्टी का जनसंपर्क तो बढ़ना तय है. 

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