छत्तीसगढ़ में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं, यानी यहां बहुमत का आंकड़ा 46 सीट का है. चुनाव आयोग की तरफ से आज शाम पांच बजे तक आए आंकड़ों के मुताबिक पार्टी 16 सीटें जीत चुकी है और 38 पर आगे है. यानी उसे अभी के हिसाब से बहुमत के पार सीटें मिलती दिख रही हैं. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और बसपा की बढ़त वाली एक-एक सीट को फिलहाल छोड़ दें तो बाकी सभी सीटें कांग्रेस को मिलने की संभावना है.
इन रुझानों के हिसाब से बीजेपी, कांग्रेस को राज्य की सत्ता से बाहर करते हुए दिखाई दे रही है. यहां तक कि राज्य के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता टीएस सिंह देव भी अपनी पारंपरिक सीट अंबिकापुर से चुनाव हारने की दहलीज पर खड़े हैं. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल राज्य को लेकर यह उठ रहा है कि मुख्यमंत्री की कुर्सी किसके पास जाएगी. छत्तीसगढ़ में बीजेपी के तीन बड़े ऐसे चेहरे हैं जिनके नाम की चर्चा है और जो सीएम पद की रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं.
अरुण साव
छत्तीसगढ़ में सीएम की रेस में सबसे पहला नाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव का सामने आ रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वे केंद्रीय नेताओं खासकर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाते हैं. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में साव बिरादरी एक बड़ा वोट बैंक भी है. साथ ही अरुण भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हैं. साव एक ओबीसी चेहरा भी हैं. ऐसे में भाजपा का केंद्रीय संगठन छत्तीसगढ़ की कमान अरुण साव के हाथों में दे सकता है. साव राज्य की लोरमी सीट उम्मीदवार हैं.
ओपी चौधरी
सीएम की कुर्सी की रेस में दूसरा सबसे बड़ा नाम पूर्व आईएएस अधिकारी ओपी चौधरी का है. ओपी चौधरी भी केंद्रीय नेतृत्व के करीबी माने जाते हैं. साथ ही इनको लगभग 13 सालों का प्रशासनिक अनुभव भी है. चौधरी भी ओबीसी वर्ग से ही आते हैं. वहीं छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान इन्होंने राज्य के हिसाब से पार्टी की रणनीति को बनाने में भी काफी अहम भूमिका निभाई थी. भाजपा का केंद्रीय संगठन इनको भी राज्य की कमान दे सकता है. ओपी चौधरी के पक्ष में एक बात यह भी है कि वे महज 42 साल के हैं. वे इस बार रायगढ़ विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं.
विजय बघेल
सीएम की कुर्सी की रेस में तीसरे उम्मीदवार विजय बघेल हैं. विजय पाटन सीट से राज्य के सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं. दोनों के बीच चाचा और भतीजे का रिश्ता भी है. विजय दुर्ग से सांसद भी हैं. विजय एक बार भूपेश बघेल को चुनाव हरा भी चुके हैं.
रमन सिंह का नाम नहीं आया है सामने
डॉ. रमन सिंह छत्तीसगढ़ में अभी तक सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल चुके हैं. हालांकि साल 2023 में विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद से ही रमन सिंह का नाम सीएम के चेहरे के तौर पर नदारद दिखा था. इसके अलावा अगर बीजेपी किसी एससी चेहरे को आगे करने का मन बनाती है तो केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह भी सीएम बनाई जा सकती हैं.

