जैसे-जैसे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य में सियासी चहल-पहल तेज हो गई है. BJP ने इस बार पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाने के लिए महत्वाकांक्षी चुनाव प्रचार रणनीति शुरू की है.
आक्रामक चुनावी रणनीति के तहत पूरे राज्य में मतदाताओं को अपने पक्ष में लामबंद करने के लिए BJP चुनाव अभियानों की एक श्रृंखला शुरू करने जा रही है. इसके अलावा, मार्च की शुरुआत में पार्टी ने एक बड़ी रैली की घोषणा भी की है.
पार्टी ने 1 मार्च से शुरू होने वाली 'परिवर्तन यात्राओं' के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों से कुल 9 यात्राओं को शुरू करने का फैसला किया है. इनमें से पहले दिन कूचबिहार दक्षिण, कृष्णानगर दक्षिण, गढ़बेटा, रायदिघी और कुल्टी सहित कई जिलों से चरणबद्ध तरीके से यात्राएं शुरू होंगी.
2 मार्च को इसलामपुर, संदेशखाली, हासन और अमता जैसे इलाकों से पार्टी की दूसरी यात्राएं शुरू होंगी. इन यात्राओं के जरिए BJP कार्यकर्ता राज्य के करीब 5,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करेंगे. ये यात्राएं राज्य के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेंगी.
इसमें बाइक रैलियों, झांकियों, सार्वजनिक सभाओं, बड़े समारोहों और छोटे मोहल्ले के कार्यक्रमों का आयोजन होगा. BJP नेताओं को उम्मीद है कि इस यात्रा के जरिए पार्टी पश्चिम बंगाल के हर कोने में परिवर्तन का संदेश पहुंचा पाएगी.
BJP ने इन सभी यात्रा मार्गों पर करीब 60 बड़ी जनसभाओं और 300 से अधिक छोटी रैलियों की योजना बनाई है. इन यात्राओं का समापन मार्च के मध्य में कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक भव्य कार्यक्रम के साथ होगा. समापन रैली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे. इससे पहले, कार्यक्रम की शुरुआत के लिए BJP के वरिष्ठ नेता यात्राओं से जुड़े विभिन्न लॉन्च पॉइंट्स का दौरा करेंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, धर्मेंद्र प्रधान जैसे वरिष्ठ मंत्री और जेपी नड्डा और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जैसे पार्टी के दिग्गज नेता यात्राओं के शुरुआती चरण में शिरकत करेंगे.
BJP के शीर्ष नेताओं ने इस बार जानबूझकर इन यात्राओं को पारंपरिक रथ यात्रा के बजाय 'परिवर्तन यात्रा' नाम दिया है, ताकि बंगाल में अतीत में रथ यात्राओं से जुड़े कानूनी और राजनीतिक विवादों से बचा जा सके. हालांकि, वे समर्थकों को उत्साहित करने के लिए सुनियोजित लामबंदी के इस्तेमाल की योजना बना रहे हैं.
राज्य इकाई के नेताओं का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य ममता बनर्जी सरकार को लेकर कथित भ्रष्टाचार, लोकतांत्रिक स्वतंत्रता में कमी और विकास के अधूरे वादों को लेकर बढ़ते असंतोष को उजागर करना है. राज्य BJP अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का तर्क है कि जो मतदाता कभी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का समर्थन करके वामपंथी राजनीति से अलग होना चाहते थे, वे ममता बनर्जी के 15 वर्षों के शासन के बाद अब अपने इस फैसले पर पुनर्विचार कर रहे हैं.
पार्टी जनता से सीधे सुझाव लेकर अपने चुनावी घोषणापत्र को अंतिम रूप दे रही है और 294 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची तैयार कर रही है, जिसे केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. यात्रा मार्च और ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाली बैठक की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं. अमित शाह नादिया जिले के मायापुर में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं. इस दौरा और BJP के अन्य राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं.

