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राजस्थान की सबसे चर्चित लोकसभा सीट बाड़मेर-जैसलमेर में हैंडपंप चुनावी मुद्दा कैसे बन गया?

बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार रविंद्र भाटी की एंट्री और उनकी हैंडपंप की सियासत ने यहां काफी हलचल मचा दी है

रविंद्र सिंह भाटी बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार हैं
रविंद्र सिंह भाटी बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार हैं
अपडेटेड 11 अप्रैल , 2024

पाकिस्तान की सीमा से सटा राजस्थान का बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र. इस समय यह लोकसभा सीट काफी चर्चा में है और वजह बहुत ही दिलचस्प है. दरअसल यहां का सियासी पारा हैंडपंप पर गरमाया हुआ है. इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ताल ठोक रहे रविंद्र सिंह भाटी की हर मीटिंग में हैंडपंप का चर्चा रहती है तो वहीं कांग्रेस ने भी अब हैंडपंप को लेकर सियासत शुरू कर दी है.

बाड़मेर से कांग्रेसी उम्मीदवार उम्मेदाराम बेनीवाल ने एक पोस्टर जारी कर कहा है - "हम दो नहीं, 100 हैंडपंप देंगे." दरअसल, यह रविंद्र सिंह भाटी और भाजपा पर कटाक्ष है क्योंकि भाटी से जुड़ा दो हैंडपंप का मामला इस समय काफी सुर्खियों में है. करीब एक माह पहले बाड़मेर-जैसलमेर संसदीय क्षेत्र की सियासत में हैंडपंप की एंट्री हुई थी.

हुआ ये था कि 14 मार्च 2024 को राज्य के सिंचाई विभाग की ओर से बाड़मेर जिले में हैंडपंप स्वीकृति का एक सर्कुलर जारी किया गया. इसमें रविंद्र सिंह भाटी के शिव विधानसभा क्षेत्र (बाड़मेर जिला) में 22 हैंडपंप स्वीकृत किए जाने का जिक्र था.  लेकिन दिलचस्प बात ये थी कि यहां के विधायक रविंद्र भाटी की अनुशंसा पर सिर्फ दो हैंडपंप स्वीकृत किए गए. इसमें यह स्पष्ट तौर पर बताया गया था कि शिव विधानसभा से भाजपा के प्रत्याशी रहे स्वरूप सिंह खारा की अनुशंसा पर 20 हैंडपंप स्वीकृत हुए हैं जबकि विधायक की सिफारिश पर महज दो.

बताया जा रहा है इस सर्कुलर बाद ही रविंद्र सिंह भाटी ने यह तय कर लिया था कि बाड़मेर में उन्हें सियासत करनी है तो अपना दमखम दिखाना ही होगा. इसके बाद उन्होंने बाड़मेर लोकसभा क्षेत्र में देव दर्शन यात्रा निकालने का फैसला किया. राजनैतिक विश्लेषक दिनेश बोहरा कहते हैं, “देव दर्शन यात्रा तो एक बहाना था, दरअसल, रविंद्र इस यात्रा के जरिए स्थानीय जनता की नब्ज टटोल रहे थे. इस यात्रा में उमड़े अपार जन समूह ने न केवल रविंद्र के हौसलों को पंख दिए बल्कि भाजपा और कांग्रेस की नींद भी उड़ा दी.”

यही वजह थी कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने रविंद्र सिंह भाटी को भाजपा के पक्ष में लाने की कवायद शुरू की, लेकिन यह बातचीत परवान नहीं चढ़ सकी. बताया जा रहा है कि भाटी जिले की राजनीति में एकछत्र कब्जा चाहते थे, लेकिन भाजपा के स्थानीय नेतृत्व को यह मंजूर नहीं था. बस यहीं से भाजपा और भाटी की राहें अलग हो गईं.

दूसरी तरफ भाटी को पहले यह उम्मीद नहीं थी कि उन्हें जनता का इतना समर्थन मिलेगा, लेकिन उनकी सभाओं में जिस तरह से जनसैलाब उमड़ रहा है उसे देखकर भाटी ही नही बल्कि सियासी रणनीतिकार भी हैरान हैं. दिनेश बोहरा कहते हैं, "हैंडपंप ने बाड़मेर सीट की सियासी खेल बिगाड़ दिया. कुछ दिन पहले तक भाजपा इस सीट को सबसे सुरक्षित सीट मानकर चल रही थी, लेकिन अब रविंद्र सिंह भाटी की मौजूदगी के कारण यहां भाजपा और कांग्रेस दोनों की हवाइयां उड़ रही हैं."

भाटी की सभाओं में भीड़ बाड़मेर में ही नहीं उमड़ रही बल्कि सूरत और पुणे जैसे शहरों में भी उनके लिए लोग जुट रहे हैं. पिछले दो दिन से भाटी गुजरात और महाराष्ट्र के प्रवासी राजस्थानियों के बीच पहुंचकर उनसे समर्थन और सहायता मांग रहे हैं. 9 अप्रैल को गुजरात के सूरत में राजस्थानी प्रवासियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाटी ने कहा, "मेरे इलाके के लोग कहते हैं तीन महीने में रविंद्र क्या लाए? तो लोग कहते हैं- दो हैंडपंप. जिस तरह पांच गांवों के लिए महाभारत हुई थी, उसी तरह दो हैंडपंप की लड़ाई में भी जीत हमारी होगी. मैं भाजपा को यह बताना चाहता हूं कि ये वही रविंद्र है जिसके कारण आज जयपुर (राज्य सरकार) और दिल्ली (केंद्र सरकार) बाड़मेर आकर बैठी हैं."

26 अप्रैल को होने वाले बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र के चुनाव को भाजपा ने अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा दो दिन तक बाड़मेर-जैसलमेर में डेरा डाले रहे तो वहीं आगामी दिनों में यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लेकर भाजपा के कई केंद्रीय नेताओं के दौरे होंगे. इनमें केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, फिल्म अभिनेता सनी देओल, बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री, पहलवान खली सहित कई नेता और प्रसिद्ध हस्तियों के बाड़मेर आने का कार्यक्रम है.

बाड़मेर-जैसलमेर सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार रविंद्र सिंह भाटी का मुकाबला कांग्रेस के उम्मेदाराम बेनीवाल और बीजेपी के कैलाश चौधरी से है. उम्मेदाराम हाल ही में हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं. बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से भाजपा के कैलाश चौधरी सांसद हैं, जो केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री भी हैं. भाटी की मौजूदगी से यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.

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