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सैंड आर्ट से वॉल पेंटिंग्स तक... प्राण प्रतिष्ठा से पहले राममय हुए अयोध्या के गली-कूचे

उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग के तहत ललित कला अकादेमी की ओर से अयोध्या को सजाने-संवारने की रूपरेखा तैयार की गई है

दीवारों पर भगवान राम की पेंटिंग्स
दीवारों पर भगवान राम की पेंटिंग्स
अपडेटेड 19 जनवरी , 2024

भगवान राम एक हाथ में अपने सबसे छोटी भक्त गिलहरी, और एक हाथ में धनुष लिए नदी के तट पर बैठे हैं. राम गिलहरी को निहार रहे हैं. आस-पास पड़े पत्थरों पर राम नाम उकेरे हुए हैं और पृष्ठभूमि में अयोध्या का विशाल मंदिर. 

राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले पूरी अयोध्या में इसी तरह के सैंड आर्ट, अलग-अलग वॉल पेंटिंग्स और कलाकृतियां देखने को मिल रही हैं. इनके जरिए भगवान राम के जीवन के अलग-अलग प्रसंगों को दर्शाने की कोशिश है. 

सड़क-दीवारों से लेकर नदी के किनारों तक पूरी अयोध्या खूबसूरत रंगों में डूबी नजर आ रही है. संस्कृति विभाग के तहत ललित कला अकादेमी की ओर से अयोध्या को सजाने-संवारने की रूपरेखा तैयार की गई है. ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट डॉ. सुदर्शन पटनायक अपने सात सहयोगी कलाकारों के साथ भगवान राम और रामचरित आधारित सैंड आर्ट सैंटर का आयोजन करने जा रहे हैं, जिसे विश्व रिकार्ड में दर्ज कराया जाएगा.

भगवान राम के गिलहरी प्रसंग का सैंड आर्ट

अयोध्या में राम मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों के अगल-बगल की दीवारों पर मनमोहक वॉल पेंटिंग बनाई गई हैं. दीवारों पर रंगबिरंगी पेंटिंग्स रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को त्रेतायुग का अहसास कराने की कोशिश करेंगी. वॉल पेंटिंग और सरयू नदी के तट पर सैंड आर्ट के अलावा राम बाल लीला, कलाकृतियों की प्रदर्शनी, मेहंदी एवं फूलों की वाटिका और फोटोग्राफी जैसे कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं. प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की भव्यता बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी है.

अयोध्या में क्या-क्या हो रहा?

ललित कला एकेडमी की निदेशक डॉ. श्रद्धा शुक्ला ने बताया कि अयोध्या एयरपोर्ट के पास CRPF की दीवार पर लगभग तीन हजार स्कायर फीट, कलेक्ट्रेट भवन की दीवार पर लगभग 1500 स्कायर फीट और राम की पैड़ी मार्ग पर स्थित सिंचाई विभाग के भवन की दीवार पर लगभग 1200 स्कायर फीट क्षेत्र में वॉल पेंटिंग की जा रही है, जिसमें लगभग 40 कलाकार लगे हैं. एयरपोर्ट पर महर्षि वाल्मीकि की कांसे की प्रतिमा, सूर्यकुंड पर भगवान सूर्य एवं गणेश कुंड पर भगवान गणेश की ओडिशा सैंड स्टोन की प्रतिमा स्थापित की जा रही है.

18 से 26 जनवरी तक चित्रकला के साथ मूर्तिकला प्रदर्शनी लगाई जा रही है. इसमें राम की गुरुकुल लीला, बाललीला, हनुमान लीला, ताड़का वध, सीता स्वयंवर, राम-जटायु मिलन, हनुमान सीता मिलन जैसे प्रसंगों को दिखाया जाएगा. इसमें 50 कलाकार मिलकर 40 तस्वीरें और 10 मूर्तियां बनाएंगे. इसके साथ ही 10 जनपदों (गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, बरेली और लखनऊ) में भगवान श्रीराम और उनके जीवन चरित्र पर आधारित होम स्टूडियो कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा. यह कार्यशाला 1 फरवरी से 29 फरवरी के बीच होगी. खास बात ये है कि इसमें चयनित कलाकृतियों की प्रदर्शनी का आयोजन अयोध्या धाम में भी किया जाएगा.

दीवारों पर भगवान राम से जुड़ी पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं

अयोध्या में देश के अलग-अलग हिस्सों से सैंड आर्टिस्ट अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं. सैंड आर्टिस्ट रुपेश कुमार सिंह ने अयोध्या में राम की पैड़ी के पास लता चौक पर भगवान राम और गिलहरी का मॉडल बनाया है.गुप्तारघाट पर ओडिशा से आए सैंड आर्टिस्ट ने 4 दिन में राम मंदिर का मॉडल तैयार किया है. उड़ीसा के सैंड आर्टिस्ट नारायण साहू का कहना है कि गुप्तारघाट का इतिहास बहुत ही पुराना है, बताया जाता है कि इसी घाट के सरयू नदी में भगवान राम ने जल समाधी ली थी, इसीलिए इस घाट को सैंड आर्ट्स के लिए चुना गया.

अयोध्या के जिलाधिकारी नीतीश कुमार के मुताबिक राम की पैड़ी के पास सैंड आर्ट म्यूजीयम का भी निर्माण किया जाएगा. इसमें में रेत से कलाकृतियां बनाई जाएंगी, जो भगवान राम के चरित्र और राम चरितमानस के कथानक पर आधारित होंगी.

'एशिया डेलफिक काउसिंल' महिलाओं और बालिकाओं के लिए मेहंदी और फूलों की वाटिका कार्यशाला का आयोजन करेगा, जिसमें एक हजार कलाकार हिस्सा लेंगे. इसके अलावा रामोत्सव के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए फोटोग्राफी कलाकारों के लिए 20 से 23 जनवरी तक तीन दिवसीय स्वतंत्र फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा. इसमें चयनित कृतियों की प्रदर्शनी रामकथा पार्क में लगाई जाएगी. वहीं विजेता कलाकारों को पुरस्कार भी मिलेगा.