वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त की रेस में सबसे आगे चल रहे के वी चौधरी को लेकर सवाल उठाए हैं. भूषण ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि इस पद के लिए सरकार की पहली पसंद चौधरी हैं तो उन्होंने 20 मई को प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और गृह मंत्री को पत्र लिखकर उन सभी लोगों के नाम सार्वजनिक करने की मांग की जिनके नामों पर सीवीसी पद के लिए विचार किया जा रहा है.
भूषण ने आरोप लगाया कि चौधरी चार बार तत्कालीन सीबीआइ निदेशक रंजीत सिन्हा से मिलने उनके घर गए. जबकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि सिन्हा ने जिन लोगों से मुलाकात की उसका सीबीआइ की जांच पर क्या असर पड़ा उसकी जांच की जाने की जरूरत है.
उन्होंने आरोप लगाया कि स्टॉक गुरु घोटाले में सीबीआइ चौधरी की भूमिका की जांच कर चुकी है. भूषण ने राडिया टेप कांड, टूजी घोटाले और कई मामलों में चौधरी के ऊपर तत्परता से कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया. चौधरी पर भूषण ने जो अन्य आरोप लगाए उनमें पॉन्टी चड्ढा की कंपनी क्रलोरा और फॉना की संपत्ति 200 करोड़ रु. कम बताने का आरोप भी शामिल है.
भूषण ने कहा कि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और विपक्ष के नेता अगर गुप्त रूप से ऐसे पद पर इस तरह के व्यक्तियों का चयन करते हैं तो इससे यहीं संकेत जाएगा कि भ्रष्टाचार को लेकर दोनों पार्टियों में सहमति है.
सीवीसी की नियुक्ति पर प्रशांत भूषण ने उठाए सवाल
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त की रेस में सबसे आगे चल रहे के वी चौधरी को लेकर सवाल उठाए हैं.

अपडेटेड 2 जून , 2015
Advertisement
Advertisement
