मध्य प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने 12 जून को भोपाल से कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोप में एक 'कट्टरपंथी' व्यक्ति को गिरफ्तार किया था. अब उसने दूसरे राज्यों से तीन और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि ये लोग आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने का प्रशिक्षण लेने के लिए विदेश जाने की योजना बना रहे थे.
ATS ने सबसे पहले भोपाल के काजी कैंप निवासी 35 वर्षीय मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया था. फराज एक होम्योपैथी क्लीनिक में काम करता था. उसके पास से मिली डिवाइस से पता चला कि वह पाकिस्तान में बैठे एक हैंडलर के संपर्क में था. फराज से पूछताछ के बाद ATS को इस नेटवर्क के अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली.
इसके बाद उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी 38 वर्षीय नईम कुरैशी और राजस्थान के अलवर जिले के 34 वर्षीय मोहम्मद शाकिर को गिरफ्तार किया गया.
ATS ने चौथी गिरफ्तारी बिहार में की. मधुबनी निवासी 65 वर्षीय इजहार उल हक को पकड़ा गया. हक इस समूह का नामित 'अमीर' यानी मुखिया था. आरोप है कि वही समूह के सदस्यों के बीच योजनाओं का समन्वय करता था.
सूत्रों के मुताबिक, संदिग्धों के पास से मिले साहित्य और वीडियो तथा पूछताछ से पता चला है कि समूह के सदस्य आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विदेश में प्रशिक्षण लेना चाहते थे. फराज ने हाल ही में पासपोर्ट बनवाया था और वह भारत से बाहर जाने की योजना बना रहा था. सूत्रों का दावा है कि समूह का मकसद 'लोकतांत्रिक सरकार की जगह खिलाफत स्थापित करना' था. इसके लिए वे अपनी जान देने को भी तैयार थे.
फराज की ATS रिमांड समाप्त हो चुकी है और उसे जेल भेज दिया गया है. बाकी तीनों अभी ATS की हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है. सूत्रों ने बताया कि फराज और नईम पिछले कुछ महीनों में मिले थे. जांच एजेंसियां अभी तक पाकिस्तान में बैठे हैंडलर की पहचान स्थापित नहीं कर पाई हैं. वहीं वित्तीय संबंधों और धन के लेनदेन की भी जांच की जा रही है.

