अमेरिका, कनाडा, यूके, साउथ कोरिया और भारत के महाराष्ट्र में कोरोना महामारी के नए वैरिएंट के मामले सामने आए हैं. इस नए वैरिएंट का नाम FLiRT रखा गया है. ताजा जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र में इस नए वैरिएंट के अभी तक 91 केस सामने आए हैं. इसका एक नाम KP.2 वैरिएंट भी है.
कोविड का यह नया वैरिएंट पहले से प्रभावी JN.1 ओमिक्रॉन वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है. ओमिक्रॉन के सबवैरिएंट KP.1 और KP.2 दोनों को मिलाकर कोविड के नए वैरिएंट का नाम FLiRT रखा गया है. इसमें एक स्ट्रेन को 'F' और 'L' वहीं दूसरे वैरिएंट को 'R' और 'T' से दिखाया गया है.
यह वैरिएंट कोविड के पुराने JN.1 ओमिक्रॉन वैरिएंट से निकला है. एक्सपर्ट्स का ऐसा मानना है कि कोविड का यह नया वैरिएंट एंडीबॉडी को चकमा दे सकता है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 14 मई को भारत में कोविड-19 के 679 सक्रिय मामले थे वहीं दिल्ली में इसकी वजह से एक व्यक्ति की मौत का मामला भी सामने आया था.
इसके साथ ही डॉक्टरों का यह भी मानना है कि कोविड का यह नया वैरिएंट वैक्सिनेशन के बाद भी अपना असर दिखा सकता है. इसके शुरुआती लक्षणों में बुखार, खांसी, थकान और पाचन संबंधित समस्याएं शामिल हैं. वहीं यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का कहना है कि फिलहाल ऐसे कोई भी ठोस नतीजे नहीं मिले हैं जिनके आधार पर यह कहा जा सके कि कोविड का यह नया वैरिएंट कितना खतरनाक साबित होगा.
इंडिया टुडे की सहयोगी वेबसाइट 'द लल्लनटॉप' ने भी इस नए कोविड वैरिएंट के बारे में डॉ. नेहा रस्तोगी से बातचीत की. डॉ. रस्तोगी के मुताबिक पिछले तीन महीनों के दौरान कोविड के मामले बढ़े हैं. FLiRT को इसकी एक वजह माना जा सकता है. लगभग हर एक वायरस समय-समय पर अपने स्वरूप में कुछ बदलाव करता रहता है, ताकि वह पहले से ज्यादा मजबूत हो सके. कोविड का ओमिक्रॉन वैरिएंट पिछले कई सालों से वजूद में हैं और यह नया वैरिएंट भी इसी से निकला है.
डॉ. रस्तोगी इससे बचने के उपायों के बारे में बताते हुए कहती हैं, "हमें इससे डरने की जरूरत नहीं है. लेकिन हमें बचाव के लिए अलर्ट मोड पर जरूर रहना चाहिए. इसके लक्षण आम सर्दी जुकाम जैसे हैं. अभी तक जो भी मामले सामने आए हैं वो बेहद ही कम गंभीर हैं. साथ ही इसमें हल्का या तेज बुखार आने की बात भी सामने आई है. सूखी या बलगम वाली खांसी हो सकती है. लेकिन अगर लक्षण गंभीर हैं तो तुरंत ही डॉक्टर को दिखाना बेहतर है."
लेकिन क्या वैक्सिनेशन इस वैरिएंट से बचने में सहायक है? इस सवाल पर डॉ. रस्तोगी का मानना है कि भारत में जितनी भी वैक्सीन मौजूद हैं वे सभी ओमिक्रॉन के वैरिएंट को रोकने में सहायक हैं. डॉ. नेहा के मुताबिक अगर किसी को बुखार या सर्दी जुकाम जैसे कोई भी लक्षण महसूस हो रहे हैं तो उसे तुरंत ही खुद को क्वारंटीन करके सबसे पहले अपना टेस्ट जरूर करवा लेना चाहिए.
कोविड के इस नए वैरिएंट पर सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी आंकड़े साझा किए हैं. इनके मुताबिक 5 मई से 11 मई के बीच देश में कोविड-19 के 25,900 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस वजह से अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी काफी तेजी से बढ़ी है. मंत्रालय का मानना है कि जिस हिसाब से देश में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जून तक कोविड के मामले अपनी पीक पर भी पहुंच सकते हैं.

