केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पद संभालने के बाद पार्टी में एक नई हवा चल रही है. सिर्फ 45 साल के नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद पार्टी में हर स्तर पर युवा चेहरों को आगे बढ़ाने की योजना पर काम हो रहा है.
बूथ स्तर से लेकर राज्य इकाइयों तक अपेक्षाकृत कम उम्र के नेताओं को पदाधिकारी बनाने की चर्चा पार्टी के अंदर अलग-अलग स्तर पर चल रही है. इस बारे में पार्टी नेताओं से बातचीत में पता चलता है कि इसकी शुरुआत सबसे पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा से हो सकती है.
पार्टी के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी इस बारे में बताते हैं, ''युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए 35 साल की उम्र सीमा और राज्य अध्यक्षों के लिए 32 साल की उम्र सीमा तय करने का प्रस्ताव राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने रखा गया है. यह बात नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के उस पहली बैठक के दौरान आई जो उन्होंने राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ अध्यक्ष बनने के अगले दिन ली थी. इससे पार्टी में मिलेनियल लीडरशिप को बढ़ावा मिलेगा और संगठन अधिक डायनामिक बनेगा. नबीन के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के तुरंत बाद खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें मिलेनियल अध्यक्ष बताया था.''
उल्लेखनीय है कि नितिन नबीन को 20 जनवरी 2026 को BJP का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया. वे निर्विरोध चुने गए. इसके तुरंत बाद आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे. मोदी ने इस मौके पर युवा नेतृत्व की तारीफ की और कहा कि नबीन की नियुक्ति पार्टी के भविष्य की दिशा तय करेगी. नबीन बिहार से पांचवीं बार विधायक हैं. लेकिन उनकी एक पहचान ऐसे नेता कि है जो BJP के युवा मोर्चे के रास्ते मुख्य संगठन की राजनीति में आए हैं.
BJP के अंदर यह बात भी चल रही है कि युवा मोर्चा में उम्र सीमा तय करने की बात पर करीब-करीब सहमति बन गई है. पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने इसे लागू कराने को लेकर योजना बनानी भी शुरू कर दी है. कहा तो ये भी जा रहा है कि राज्य स्तर पर युवा टीमों की बाकी नियुक्तियां भी इसी उम्र सीमा को ध्यान में रखकर की जाएंगी.
BJP नेतृत्व यह मानता है कि युवा नेता पार्टी को नई ऊर्जा देंगे और शहरी के साथ-साथ ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में भी युवा मतदाताओं को आकर्षित करेंगे. दरअसल पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा में उम्र सीमा 40 साल तक थी. अब इसे घटाकर 32-35 वर्ष किया जा रहा है.
पार्टी नेताओं से बातचीत करने पर इन बदलावों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. इस बारे में पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद कहते हैं कि 2024 के लोकसभा चुनावों में BJP की सीटें घटने के बाद पार्टी ने आत्ममंथन किया और इसमें एक बात यह भी सामने आई कि युवा वोटरों में पार्टी की पकड़ पहले के मुकाबले थोड़ी कमजोर पड़ी है. उनका कहना है कि पार्टी में युवा नेतृत्व विकसित करने की जो कोशिश हो रही है, वह कहीं न कहीं उस समीक्षा से भी संचालित हो रही है.
यहां गौर करने वाली बात है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में युवा नेतृत्व को प्रमुख जगहों पर लाने की एक असफल कोशिश हुई है. कुछ साल पहले कांग्रेस में शुरू हुई '50 अंडर 50' मुहिम असफल रही है. कांग्रेस ने 2022 के चिंतन शिविर में 50 साल से कम उम्र के 50 फीसदी पदाधिकारी बनाने की बात की थी. लेकिन कांग्रेस कार्य समिति में अभी 50 वर्ष से कम उम्र के लोगों की हिस्सेदारी तकरीबन 14 फीसदी ही है.
हालांकि, BJP ने हर स्तर पर युवा नेताओं को जगह देने की अपनी योजना के बारे में कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की है. लेकिन अभी से कुछ महीने बाद यह पता चल पाएगा कि BJP अपनी इस अघोषित योजना को कितने प्रभावी ढंग से लागू करने में कामयाब हो पाई है.

