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'राजस्थान मॉडल' से एमएसएमई में 90 लाख रोजगार देंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएमएमई) के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार मुहैया कराने की योजना बन रही है.

अपने सरकारी आवास पर 10 मई को उच्चस्तरीय बैठक करते योगी आदित्यनाथ
अपने सरकारी आवास पर 10 मई को उच्चस्तरीय बैठक करते योगी आदित्यनाथ
अपडेटेड 11 मई , 2020

उत्तर प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएमएमई) के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार मुहैया कराने की योजना बन रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना नई यूनिट खोलने की तो है ही, साथ ही यूनिटों में प्रवासी श्रमिकों समेत करीब 90 लाख लोगों को रोजगार दिलाने की है. इसमें वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोटक्ट ओडीओपी योजना भी शामिल है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि हर एमएसएमई में रोजगार का एक अतिरिक्त अवसर पैदा किया जाय.

एमएसएमई क्षेत्र के उद्योगों के लगाने और संचालन की राह आसान करने की तैयारी है. सामान्य सरल औपचारिकता पूरी करने पर ही उद्योग लगाए जा सकेंगे. बाकी औपचारिकताएं उन्हें इसके 900 से 1,000 दिन के अंदर पूरी करनी होंगी. एमएसएमई विभाग ने इस संबंध में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम, उद्योग विकास अधिनियम 2020 का मसौदा तैयार किया है. इसे जल्द कैबिनेट से मंजूर कराया जाएगा. इसी तरह की व्यवस्था राजस्थान में लागू है और वहां इससे इस सेक्टर में भारी तादाद में उद्योग लगने का रास्ता साफ हुआ है.

मसौदे में कहा गया है कि पहले एक राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी बनेगी जो एमएसएमई यूनिट लगने की राह में आ रही अड़चनों को दूर करेगी व समाधान निकालेगी. इसके लिए फैसीसिलेट कांउसिल की स्थापना होगी. इस सेक्टर के तहत इकाई लगाने वाले उद्यमी 1000 दिनों के आखिरी सौ दिनों में आवेदन कर अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे. इकाई लगाने वाले हर उद्यमी को आसान शर्तों पर बैंकर्स लोन देंगे.

इसके लिए हर जिले में 12 से 20 मई तक विशाल लोन मेले आयोजित होंगे. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक में बैंकर्स को इस बाबत निर्देश दिए जा चुके हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक से अधिक उद्यमी प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की इकाइयां लगाएं, इसके लिए अधिकारी संबंधित लोगों को मोटीवेट करें.

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