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प्रयागराज में रह रहे छात्रों को उनके घर पहुंचाएंगे योगी

गृह जिले में पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम इन सभी छात्रों की जांच करेगी और संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद इन्हें क्वारंटीन में रखा जाएगा. छात्रों को लाने के लिए 328 बसों को लगाया गया है. ये बसें प्रयागराज के तीन जगहों से चलेंगी.

कोरोना संकट
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अपडेटेड 27 अप्रैल , 2020

कोटा (राजस्थान) के हजारों छात्रों को अपने घरों तक पहुंचाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब प्रदेश के उन छात्रों को भी उनके घर पहुंचाने का आदेश जारी किया है जो प्रयागराज में अध्ययनरत हैं. इसमें करीब 10 हजार छात्रों को 300 बसों से उनके गृह जनपद तक पहुंचाया जाएगा. इन छात्रों को लाकडाउन की गाइडलाइन मानते हुए इनका स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद बसों से गृह जिले की ओर रवाना किया जाएगा. स्थानीय प्रशासन ने सभी छात्रों की जिला वार सूची बनाई है. गृह विभाग ने उन सभी जिलों के जिलाधिकारियों को अलर्ट कर दिया है जहां ये छात्र पहुंचेंगे.

गृह जिले में पहुंचने के बाद वहां पहले से मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम इन छात्रों की जांच करेगी और संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद इन्हें क्वारंटीन में रखा जाएगा. छात्रों को लाने के लिए 328 बसों को लगाया गया है. ये बसें प्रयागराज के तीन जगहों से चलेंगी.

इस प्रक्रिया के पहले चरण में सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर और चित्रकूट के छात्रों को भेजने का निर्देश दिया गया है. इसके बाद दूसरे चरण में इन्हीं बसों से अन्य जनपद में छात्रों को भेजा जाएगा. छात्र - छात्राओं की अलग अलग व्यवस्था की गई है. अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर छात्र का पूरा ब्यौरा रखा जाए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निर्देश मिलने के बाद 26 अप्रैल को प्रदेश के चार बार्डर पर 9992 श्रमिकों को लाया गया है जिसमें सहारनपुर के बार्डर पर 74, शामली के बार्डर पर 55 इसी तरह बागपत के बार्डर पर 47, मथुरा के बार्डर पर 63 और बुलंदशहर के बार्डर पर 89 बसें हरियाणा से श्रमिकों को लेकर पहुंची हैं.

इसके पहले 25 अप्रैल केा 2224 श्रमिकों को लाया गया था. अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि आने वाले सभी श्रमिकों की मेडिकल जांच करा ली गई है. इसके बाद भी उन्हें 349 बसों के माध्यम से अपने अपने जिले के क्वारंटीन सेंटर में भेजा गया है जहां उन्हें 14 दिनों तक रहना होगा.

आज लखनऊ में अपने सरकारी आवास पर टीम 11 के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि 1 मई 2020 से प्रदेश में निशुल्क खाद्यान्न वितरण का कार्य शुरू कर दिया जाए.

हर जरूरतमंद को राशन उपलब्ध हो इसकी निगरानी जनपद स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी करते रहें. उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 3 करोड़ 50 लाख राशन कार्ड पर 1 मई से एक बार फिर राशन वितरण का कार्य शुरू होगा.

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