अपने ईपीएफ (कर्मचारी कल्याण निधि) खाते से रकम निकालना पहले बहुत कष्टसाध्य काम होता था. अनेक फॉर्म भरने पड़ते थे, दस्तावेज जुटाने होते थे, ईपीएफ के दफ्तर (ईपीएफओ) के चक्कर लगाने पड़ते थे पर अब ऐसा नहीं है. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है, जिससे आप घर बैठे ईपीएफ से पैसा निकालने के लिए आवेदन कर सकते हैं. पैसा भी सीधे बैंक खाते में जमा करवा दिया जाता है. अलबत्ता कुछ बातें हैं जिनका ध्यान आपको जरूर रखना चाहिए.
कब निकाल सकते हैं धन
नौकरी छोड़ने के बाद ईपीएफ राशि निकालने के लिए आपको कितने समय इंतजार करना होगा. साल 2016 में किए गए बदलावों के बाद इंतजार का यह समय कम हो गया है. लैडर7 फाइनेंशियल एडवायजरीज के संस्थापक सुरेश सदगोपन कहते हैं, ''अगर ईपीएफ में योगदान करने वाला व्यक्ति एक महीने से ज्यादा समय से बेरोजगार है, तो वह राशि में से 75 फीसद निकाल सकता है और 25 फीसद रकम दोबारा काम शुरू करने पर अपने नए ईपीएफ खाते में हस्तांतरित करवा सकता है.''
अगर आपको एक महीने से ज्यादा इंतजार करना पड़ता है तो ज्यादा रकम निकाल सकते हैं. क्लीयरटैक्स के संस्थापक और सीईओ अर्चित गुप्ता कहते हैं, ''58 साल से कम उम्र के कर्मचारी नौकरी छोड़ने के दो महीनों के बाद ईपीएफ की पूरी बकाया राशि निकाल सकते हैं.''
ईपीएफ से ऑनलाइन धन निकालने के लिए आपको पिछले नियोक्ता के पास जाने की जरूरत नहीं होती. आधार आधारित पहचान काफी होती है. धन निकालने के अलावा आप मकान खरीदने या बनवाने, परिवार के सदस्य की बीमारी, बच्चों की शिक्षा या शादी सरीखे निश्चित उद्देश्यों के लिए ईपीएफ से अग्रिम ले सकते हैं. यह भी ऑनलाइन किया जा सकता है. आपको अंतहीन दस्तावेजी सबूत प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं होती, स्वप्रमाणन ही काफी होता है.
किन चीजों की जरूरत है
ईपीएफ की राशि का ऑनलाइन दावा करने के लिए आपको यूएएन या यूनिवर्सल अकाउंट नंबर चाहिए होता है. ज्यादातर कामकाजी लोगों के पास यह पहले से होता है. आप ईपीएफ मेंबर वेबसाइट पर देख सकते हैं कि आपके खाते का यूएएन दिया गया है या नहीं. अगर आप नए जुड़े हैं और यूएएन नहीं है, तो आप नियोक्ता के माध्यम से इसकी गुजारिश कर सकते हैं.
फिर आपको अपना आधार नंबर और बैंक खाते का नंबर यूएएन से जोड़ना होगा और पक्का करना होगा कि यूएएन के केवाइसी ब्योरे पूरे हों, जो आम तौर पर आपके नियोक्ता आपके जुड़ने के समय करते हैं. आपको पैन भी यूएएन से जोड़ ही देना चाहिए. आधार मोबाइल नंबर से भी जुड़ा होना चाहिए ताकि आधार आधारित लेनदेने के सत्यापन के लिए आप ओटीपी सुविधा का इस्तेमाल कर सकें. अगर आपने कई संगठनों के साथ काम किया है, तो आपको पक्का करना होगा कि पिछले ईपीएफ खाते यूएएन में स्थानांतरित कर दिए गए हैं.
कैसे करें ऑनलाइन दावा
अगर ईपीएफ बेरोजगार होने के बाद निकाल रहे हैं, तो नौकरी छोड़ने की तारीख पिछले नियोक्ता की ओर से अपडेट होनी चाहिए. आपको ईपीएफ सदस्य पोर्टल पर लॉग इन करके केवाइसी सहित सभी ब्योरे सत्यापित करने चाहिए. आखिरी चार अंक भरकर बैंक खाते का नंबर भी सत्यापित करना होता है. यदि बेरोजगार व्यक्ति के तौर पर ईपीएफ की रकम निकाल रहे हैं, तो आपको फॉर्म 19 भरना होता है और अगर आप नौकरी के 10 साल पूरे होने से पहले ईपीएस (कर्मचारी पेंशन योजना) का धन निकाल रहे हैं तो फॉर्म 10सी भरना होगा. रोजगार में रहते हुए ईपीएफ से अग्रिम धनराशि निकालने के लिए आपके फॉर्म 31 की जरूरत होगी.
पेंशन के निवेदन के मामले में, जो सामान्यत: 58 की उम्र में और कम से कम से 10 वर्षों की पात्र सेवा के बाद किए जाते हैं, फॉर्म 10डी भरना होता है. एक सत्र में आप केवल एक दावा कर सकते हैं. अगर ईपीएफ और ईपीएस दोनों के लिए दावे आपको अलग-अलग करने होंगे. सभी ब्योरे भरने के बाद आपको आधार आधारित ओटीपी के जरिए इसे प्रमाणित करने की जरूरत होगी. तस्दीक के बाद धनराशि आपके बैंक खाते में आने में 2-3 सप्ताह लगते हैं. इस बीच, आप अपने दावे की स्थिति पर ऑनलाइन निगाह रख सकते हैं.

