scorecardresearch

मुश्किल में छोटे प्राइवेट अस्पताल

पीएमजेएवाइ के नियमों में छोटे-से हेरफेर से छोटे निजी नर्सिंग होम के बाहर होने का खतरा

छोटे निजी नर्सिंग होम के लिए एनएबीएच सर्टिफिकेट लेना महंगा होता है
अपडेटेड 28 अप्रैल , 2026

आयुष्मान भारत ने मध्य प्रदेश के छोटे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए जाल बिछा दिया है. स्वास्थ्य विभाग चाहता है कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाइ) के तहत सूचीबद्ध सभी निजी अस्पताल राष्ट्रीय अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता, प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) से प्रमाणन हासिल करें.

निर्देश में कहा गया है कि इसके बिना वे पीएमजेएवाइ के तहत रहने के अयोग्य माने जाएंगे. दांव पर लगा है गरीबों में भी सबसे गरीब लोगों का इलाज, जो आमतौर पर आयुष्मान योजना का लाभ देने वाले छोटे निजी नर्सिंग होम पर निर्भर रहते हैं. 

'भेदभाव करने वाला आदेश'
निजी नर्सिंग होम इस आदेश के खिलाफ लामबंद हो गए हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश निर्देश में शामिल चारों शहरों में कुल 321 निजी  नर्सिंग होम पैनल में शामिल हैं, जिनमें से केवल 106 ही एनएबीएच से प्रमाणित हैं और उनका कहना है कि यह प्रमाणन लेना स्वैच्छिक है. दरअसल, पीएमजेएवाइ के दिशानिर्देश अलग-अलग दरों पर भुगतान के साथ इसकी इजाजत देते हैं. एनएबीएच से प्रमाणित अस्पतालों को 25 फीसद ज्यादा भुगतान मिलता है.

मध्य प्रदेश अकेला राज्य है जहां एनएबीएच को अनिवार्य बनाया गया है, और वह भी चुनिंदा शहरों में. इस मामले में सक्रिय डॉ. पुष्पराज भटेले कहते हैं, ''पीएमजेएवाइ के तहत आने वाले कई सरकारी अस्पताल भी एनएबीएच से प्रमाणित नहीं हैं.''

एक जवाब तो खुद-ब-खुद सामने आता है और वह यह कि इसका फायदा बड़े कॉर्पोरेट अस्पतालों को होगा. एनएबीएच से प्रमाणन हासिल करना महंगा पड़ता है. 25 बिस्तरों वाला अस्पताल इसके लिए 1 करोड़ रुपए का निवेश करना गवारा नहीं कर सकता, वह भी महज दो साल की प्रवेश स्तर की मंजूरी के लिए. बड़े अस्पताल में मरीज का खर्च भी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जबकि पीएमजेएवाइ पूरे खर्च का केवल एक हिस्सा ही चुकाती है.

भारतीय गुणवत्ता परिषद के तहत 2005 में स्थापित एनएबीएच का मकसद स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और सुरक्षा बढ़ाना है. इसके प्रमाणन के दायरे में पूरे भारत के 27,000 से ज्यादा निजी और सरकारी अस्पताल, लैब, क्लिनिक आते हैं. 

Advertisement
Advertisement