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शिक्षा का साझा आदर्श

आइटीएमआइ और आइआइएमटी की साझेदारी में रियल वर्ल्ड मीडिया ट्रेनिंग और अकादमिक पढ़ाई का मजबूत मेल दिखता है

आइआइएमटी यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा कैंपस
अपडेटेड 15 अप्रैल , 2026

इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (आइटीएमआइ) और आइआइएमटी यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा कैंपस के बीच हुआ यह सहयोग इस बात की बड़ी मिसाल है कि कैसे पढ़ाई को सीधे इंडस्ट्री की जरूरतों से जोड़ा जा सकता है. यह साझेदारी एक एमओयू के जरिए तय हुई है.

इसके तहत आइटीएमआइ का एक साल का पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम इन डिजिटल मीडिया ऐंड कम्युनिकेशन अब आइआइएमटी यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए भी उपलब्ध होगा. यह कोर्स 2026 के अकादमिक सेशन से शुरू होगा.

प्रैक्टिस और थ्योरी का मेल
इस साझेदारी के केंद्र में एक साफ सोच है. पढ़ाई को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखकर उसे असली दुनिया की ट्रेनिंग से जोड़ना. पूरा कोर्स इस तरह बनाया गया है कि वह आज के तेजी से बदलते डिजिटल मीडिया के माहौल के मुताबिक हो. इसमें डिजिटल जर्नलिज्म, सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी, मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग, कंटेंट क्रिएशन, वेब डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स जैसे अहम हिस्से शामिल हैं.

इसके साथ ही रेगुलर वर्कशॉप, मास्टरक्लास और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत भी इस सीखने के अनुभव को और मजबूत बनाते हैं. इससे छात्र सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि मौजूदा ट्रेंड और नई टेक्नोलॉजी के साथ कदम मिलाकर सीख पाते हैं. आइटीएमआइ के लिए यह साझेदारी अपने मजबूत ट्रेनिंग मॉडल को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का मौका है, बिना अपने कोर्स की गुणवत्ता से समझौता किए. इसका मकसद है कि भारत में मीडिया एजुकेशन को नए तरीके से परिभाषित किया जाए.

वहीं आइआइएमटी यूनिवर्सिटी के लिए यह एक बड़ा फायदा है. उसे बिना नया कोर्स तैयार किए सीधे एक स्थापित और इंडस्ट्री से जुड़ा प्रोग्राम मिल रहा है. सबसे अहम बात यह है कि यहां के छात्रों को क्लासरूम से बाहर निकलकर एक प्रोफेशनल माहौल में सीखने का मौका मिलेगा, जो पारंपरिक पढ़ाई से कहीं आगे का अनुभव देता है. 

इस तरह की पहल एक ऐसे भविष्य की ओर इशारा करती है, जहां शिक्षा ज्यादा प्रासंगिक, लचीली और अवसरों से भरपूर होगी. आने वाले वर्षों में इंडस्ट्री और शिक्षा के मेल का यह मॉडल देश के अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है. 

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