
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जनवरी, 2025 को दिल्ली में कुछ विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इसके बाद अपने भाषण में राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा, ''ये आप-दा वाले, दिल्ली चुनाव में हार सामने देखकर बौखला गए हैं, झूठ फैला रहे हैं. ये दिल्ली वालों को डरा रहे हैं कि बीजेपी आएगी, तो ये बंद हो जाएगा, वो बंद हो जाएगा. लेकिन मैं दिल्ली वालों को विश्वास दिलाता हूं. भाजपा सरकार में दिल्ली में जनहित की कोई योजना बंद नहीं होगी.''
दिल्ली की आप सरकार नागरिकों को कई सुविधाएं फ्री में देने का दावा करती है जैसे बिजली और पानी. साथ ही महिलाओं को सरकारी बस में मुफ्त यात्रा की सुविधा भी है. आम नागरिकों को रियायत देने वाली ऐसी और भी योजनाएं तथा कार्यक्रम हैं, जिनके जरिए पार्टी ने अपना मजबूत वोट बैंक तैयार किया है. प्रधानमंत्री मोदी का हालिया बयान इसी वोट बैंक को लुभाने की कवायद माना जा रहा है.
हालांकि, दिल्ली चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान उनके लंबे अरसे से चले आ रहे रुख के बिल्कुल उलट है. बीते दो साल में कई मौकों पर वे 'रेवड़ी कल्चर' यानी नागरिकों को मुफ्त सुविधाएं देने के चलन की आलोचना करते रहे हैं. वैसे, उन्होंने इस मुद्दे पर कभी सीधे आप का नाम नहीं लिया लेकिन भाजपा के कई नेता दिल्ली सरकार को इस पर घेरते रहे हैं.
ऐसे में सवाल उठता है कि आप की आलोचना करते-करते क्या अब भाजपा उसी की नीतियां अपनाने जा रही है? इस बारे में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा कहते हैं, ''ये योजनाएं किसी पार्टी की नहीं हैं बल्कि सरकारी खजाने से चलने वाली सरकारी योजनाएं हैं. अगर हम सत्ता में आते हैं तो बिजली पर लगने वाले सरचार्ज, पेंशन चार्ज, लोड सेस आदि को कम करेंगे.''
मुफ्त सेवाओं वाली योजनाओं को विस्तार देते हुए आप ने चुनाव के ठीक पहले दो और योजनाओं के लिए 23 दिसंबर, 2024 से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया. रजिस्ट्रेशन अभियान की शुरुआत आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री आतिशी ने की. मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत दिल्ली प्रदेश की हर महिला को हर महीने 2,100 रुपए के आर्थिक सहयोग का प्रावधान किया गया है.
वहीं संजीवनी योजना के तहत दिल्ली के वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवा का प्रावधान है. दिलचस्प बात है कि भाजपा इस मामले में भी आप की तर्ज पर चलती दिख सकती है. पार्टी नेताओं की मानें तो आने वाले दिनों में भाजपा महिलाओं के लिए 2,500 रुपए की मासिक आर्थिक सहायता देने की घोषणा कर सकती है.
इस बीच आप की इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए पार्टी की तरफ से किए जा रहे रजिस्ट्रेशन से दिल्ली सरकार के ही संबंधित विभागों ने किनारा कर लिया. महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना को लेकर जारी बयान में कहा है, ''कोई भी निजी व्यक्ति या राजनैतिक पार्टी जो इस योजना के नाम पर फॉर्म आवेदन एकत्रित कर रही है या आवेदकों से जानकारी एकत्रित कर रही है, वह धोखाधड़ी कर रही है और उसके पास इसका कोई अधिकार नहीं है.''
इसी तरह दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अवैध बताया है. इस मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को जांच के आदेश दिए हैं.
हालांकि इस पूरी कवायद को देखकर लगता है कि खुद आप ने इस रणनीति का सबक भाजपा से सीखा है. दरअसल, चुनाव से पहले किसी प्रस्तावित योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का सफल प्रयोग भाजपा ने 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में किया था. तब पार्टी ने महतारी वंदन योजना का एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म तैयार किया और कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर यह कहकर फॉर्म भरवाना शुरू किया कि जैसे ही पार्टी की सरकार बनेगी, इसी फॉर्म के आधार पर उन्हें एक हजार रुपए मिलने लगेंगे. हालांकि बाद में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इसे अवैध बताते हुए बंद करा दिया.
तब भाजपा ने महतारी वंदन योजना के तहत कुल 53 लाख रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरवाए थे. चुनाव आयोग के मुताबिक, उस समय प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 2.03 करोड़ थी. इनमें से अगर महिलाओं की संख्या आधी यानी एक करोड़ के आसपास होगी तो इनमें से आधी से अधिक महिलाओं ने भाजपा का यह फॉर्म भरा था. चुनाव नतीजों के मुताबिक, प्रदेश की 90 में से 51 सीटें ऐसी रहीं, जहां पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का मत प्रतिशत अधिक रहा. इसी आधार पर भाजपा के रणनीतिकारों ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं ने उनके पक्ष में बढ़-चढ़कर मतदान किया था.
वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने इस प्रयोग को आजमाया. पार्टी ने महालक्ष्मी योजना की घोषणा की थी. इसमें वादा किया गया था कि अगर केंद्र में उसकी सरकार बनी तो महिलाओं के खाते में हर साल एक लाख रुपए हस्तांतरित किए जाएंगे. कांग्रेस उम्मीदवारों ने अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों में इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. हालांकि, पार्टी ने अपनी लोकसभा सीटें 52 से बढ़कर 99 पर पहुंचने का श्रेय कभी भी सार्वजनिक तौर पर इस रणनीति को नहीं दिया. हालांकि पार्टी के नेता अनौपचारिक बातचीत मानते हैं कि इससे महिला मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने में पार्टी को मदद मिली थी.
आप दिल्ली में छत्तीसगढ़ के भाजपाई प्रयोग को दोहराना चाहती है लेकिन यहां उस पर अड़ंगा लगाने का काम भाजपा कर रही है. मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के बारे में नई दिल्ली विधानसभा सीट से केजरीवाल के खिलाफ भाजपा उम्मीदवार और पूर्व सांसद प्रवेश वर्मा कहते हैं, ''यह आधिकारिक सरकारी योजना नहीं है. आप कार्यकर्ता महिलाओं से उनका मोबाइल नंबर ले रहे हैं और कह रहे हैं कि उनके बैंक खाते में पैसा आ जाएगा. ये किसी बड़े साइबर फ्रॉड को अंजाम देने वाले हैं.''
लंबे समय तक दिल्ली प्रदेश की सत्ता में रही कांग्रेस लोकसभा चुनाव आप के साथ मिलकर लड़ी थी लेकिन विधानसभा चुनाव में अलग होकर उतर रही है. आप की आलोचना करते हुए कांग्रेस भी घोषणाओं के मामले में आप की नकल करती दिख रही है. कांग्रेस ने 'प्यारी दीदी योजना' की घोषणा की है. इसके तहत महिलाओं को प्रति महीने 2,500 रुपए देने का वादा किया गया है.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव कहते हैं, ''इस योजना से दिल्ली की महिलाएं सशक्त बनेंगी. जहां भी कांग्रेस की सरकार बनी है, वहां गारंटियों को पूरा किया गया है.'' प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि पार्टी अपने घोषणापत्र में 400 यूनिट मुफ्त बिजली के अलावा इस योजना का लाभ कॉमर्शियल ग्राहकों तक पहुंचाने का वादा भी कर सकती है.
लोकलुभावन योजनाओं और चुनावी रणनीतियों में एक-दूसरे की नकल कर रहे भाजपा, आप और कांग्रेस ऐसा करते हुए एक-दूसरे पर नकेल कसने की भी कोशिश कर रही हैं. जाहिर है कि इससे दिल्ली जीतने की लड़ाई कुछ और दिलचस्प हो गई है.

रेवड़ी बांटने की होड़
आम आदमी पार्टी
> मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार की लाडली बहन योजना की तर्ज पर मुक्यमंत्री महिला सम्मान योजना की घोषणा. इसके तहत हर महिला को प्रति महीने 2,100 रुपए देने का वादा.
> 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिस तरह से महतारी वंदन योजना के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरवाए थे, उसी तरह आप कार्यकर्ता महिला सम्मान योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं.
भाजपा
> आप की मुफ्त सेवाओं वाली योजनाओं को 'रेवड़ी कल्चर' कहकर आलोचना करने वाली भाजपा के शीर्ष नेता नरेंद्र मोदी ने खुद कहा है कि भाजपा की सरकार बनने पर भी जनकल्याणकारी योजनाएं बरकरार रखी जाएंगी.
> 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने की आलोचना करने वाली भाजपा अब इस योजना को और व्यापक बनाते हुए इसके दायरे में कॉमर्शियल ग्राहकों को लाने का वादा कर रही है.
कांग्रेस
> आप की महिला सम्मान योजना की तर्ज पर प्यारी दीदी योजना की घोषणा की गई है. इसके तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए देने का वादा.
> कांग्रेस नेताओं की मानें तो पार्टी अपने घोषणापत्र में आप के 200 यूनिट मुफ्त बिजली के मुकाबले 400 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा करने की तैयारी कर रही है.
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