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झारखंड : मैनेजमेंट ग्रेजुएट कल्पना सोरेन राजनीतिक चुनौतियों से कैसे निपट रही हैं?

अपने पति हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद कल्पना जनता के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का मजबूत चेहरा बनकर उभरी हैं

गांडेय में 20 मई को होने वाले उपचुनाव के लिए 3 मई को प्रचार करतीं कल्पना सोरेन
गांडेय में 20 मई को होने वाले उपचुनाव के लिए 3 मई को प्रचार करतीं कल्पना सोरेन
अपडेटेड 29 मई , 2024

"जेल का ताला टूटेगा," कल्पना सोरेन जब यह कहते हुए नाटकीय अंदाज में जवाब सुनने के लिए थोड़ा ठहरती हैं, तो वहां मौजूद लोग प्रतिक्रिया में एक सुर में चिल्लाते हैं, "हेमंत सोरेन छूटेगा." 

दरअसल, जनवरी में कथित भूमि घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय के झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिए जाने के बाद परिवार की राजनैतिक कमान उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने संभाल रखी है.

7 मई को सिंहभूम में आयोजित एक रैली के दौरान कल्पना सोरेन ने अपने पति की बदली हुई शक्ल (बढ़ी दाढ़ी वाली) का जिक्र किया. हेमंत सोरेन उसके एक दिन पहले ही अपने चाचा के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे. वे तीन महीने से जेल में हैं, जबकि पार्टी के अनुभवी नेता चंपई सोरेन ने उनके बाद राज्य के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाल रखी है.

लेकिन, असल में यह कल्पना सोरेन ही हैं जो इस चुनाव में झामुमो का सार्वजनिक चेहरा बनी हुई हैं. 40 वर्षीया कल्पना सोरेन 20 मई को गांडेय विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में उम्मीदवार हैं. उन्हें इस माह की शुरुआत में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेताओं के साथ मंच साझा करते देखा गया.

पार्टी सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद के महीनों में कल्पना सोरेन झामुमो कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और पार्टी को एकजुट रखने में कामयाब रही हैं. इसके साथ ही, हेमंत सोरेन के प्रति जनता की सहानुभूति को वे यह कहते हुए पार्टी के फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश में जुटी हैं कि उनके पति के खिलाफ ईडी की कार्रवाई विपक्षी नेताओं के दमन की केंद्र की रणनीति का हिस्सा है.

इंजीनियरिंग ग्रेजुएट और एमबीए डिग्री धारक कल्पना सोरेन एक शानदार वक्ता भी हैं और ऐसी रणनीति के जरिए वे अपने राजनैतिक कौशल का ही परिचय दे रही हैं.

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