तो क्या तमिल भूमि से आए पवित्र सेंगोल की अहमियत को देखते हुए तमिलनाडु में भाजपा की चुनावी संभावनाएं सुधरने की उम्मीद है? भगवा पार्टी के कुछ नेता यही सोचते हैं और उन्होंने 2024 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाराणसी के अलावा रामनाथपुरम से भी लड़ाने का सुझाव दिया है. मुक्कलतोर (तेवर) बिरादरी की बड़ी आबादी को देखते हुए यहां कन्याकुमारी के मुकाबले जीत की प्रबल संभावना है. हालांकि देश के धुर दक्षिण की सीट कन्याकुमारी भाजपा दो बार जीत चुकी है. भाजपा योद्धाओं की राय में, मोदी के रामनाथपुरम से लड़ने से दक्षिण तमिलनाडु की दसेक सीटों पर पार्टी की संभावनाओं को बल मिलेगा. पर यह भी एक तथ्य है कि भाजपा को एआइएडीएमके से निष्कासित शशिकला वाले धड़े को और एएमएमके के टूटे धड़े को अभी अपने साथ लाना है.
निबट जाएंगे विजयवर्गीय?
भाजपा में चर्चा इस बात की है कि जल्द ही राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा बड़े पैमाने पर सांगठनिक फेरबदल करने वाले हैं. दरअसल, लोकसभा चुनाव अब साल भर से भी कम की दूरी पर हैं. यानी अब जो टीम बनेगी, वही लोकसभा चुनावों का प्रबंधन करेगी. इस संभावित फेरबदल से कुछ नेता संशय में हैं. इन्हीं में एक नाम राष्ट्रीय महासचिव, मध्य प्रदेश के कैलाश विजयवर्गीय का है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का प्रभारी रहते हुए वे वहां पार्टी को जिता नहीं पाए. विवादित बयानों की वजह से जरूर वे चर्चा में बने रहते हैं. भाजपा में अब चर्चा चल रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सहमति से नड्डा अपनी टीम में जो फेरबदल करने जा रहे हैं, उसमें विजयवर्गीय की छुट्टी हो सकती है. हालांकि, कुछ लोग मान रहे हैं कि मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव उनके लिए उम्मीद की आखिरी किरण हैं.
राठौड़ां रो राज?
राजस्थान में सवाई माधोपुर के सर्किट हाउस में हाल में भाजपा की एक बैठक के बाद केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत बाहर निकल रहे थे. तभी किसी ने ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ईआरसीपी) के बारे में पूछ लिया. उन्होंने आगे चल रहे, राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का नाम लेकर कहा, ''राजेंद्र जी का राज बना दो, 46,000 करोड़ रुपए का ईआरसीपी प्रोजेक्ट भी दे दूंगा.'' तो क्या शेखावत ने राठौड़ को सीएम का चेहरा घोषित कर दिया है? या ईआरसीपी प्रोजेक्ट भाजपा ने सत्ता के खेल में रोक रखा है?
ड्रीम गर्ल की हैट्रिक!
हाल ही का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मथुरा दौरा 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों का जैसे आगाज कर गया. पिछले दो बार से यहां से भाजपा सांसद 'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी के फिर से चुनाव लड़ने-न लड़ने की अटकलें चल रही थीं. लेकिन मथुरा की रैली में योगी ने जिस तरह से उनकी तारीफ की उससे कयासबाजी पर विराम लग गया. योगी बोले कि ''ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए हेमा मालिनी हमेशा चिंतित रहती हैं. मुझसे हमेशा ब्रज की विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए कहती रहती हैं.'' इसके बाद से ही ड्रीमगर्ल के समर्थक बम-बम होकर दावे करने लगे हैं कि वे मथुरा से न सिर्फ तीसरी बार चुनाव लड़ेंगी बल्कि जीत की हैट्रिक भी लगाएंगी.
प्रबुद्ध सभा में गोलीबारी
उस सभा का नाम प्रबुद्ध सभा था. मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने पर भाजपाइयों ने ही इसे आयोजित किया था. उसमें प्रबुद्ध चर्चा तो खैर क्या ही हुई, एक भाजपा नेता ने दूसरे पर गोली जरूर चला दी. घटना बिहार की राजनीति के रोम कहे जाने वाले मधेपुरा की है. जिले के मुरलीगंज प्रखंड में यह सभा हुई थी. इसमें भाजपा के पूर्व डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद को भी शामिल होना था. वे तो आए नहीं. इस बीच भाजपा नेताओं ने धांय-धांय कर एक मामला आपस में ही सलटा लिया. मामला किसी पुराने कर्ज की अदायगी का था. मगर इसे फरियाने के लिए इन नेताओं ने एक प्रबुद्ध सभा को ही क्यों चुना, इसका अभी तक खुलासा नहीं हुआ है.
— साथ में आनंद चौधरी, हिमांशु शेखर, आशीष मिश्र और पुष्यमित्र

