कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए नए साल की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं रही. सबसे पहले उनके निकट मित्रों में से एक आर.पी.एन. सिंह पाला बदलकर भाजपा में चले गए.
पंजाब के अपने हालिया दौरे में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने देखा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू आगामी चुनावों के लिए खुद को सीएम कैंडिडेट के रूप में नामित करने की मांग कर रहे थे.
यहां भले ही राहुल ने उस फैसले को यह कहते हुए टाल दिया हो कि पार्टी इस बारे में कार्यकर्ताओं से बात करेगी लेकिन कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में कलह सतह पर आने लगी है.
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कह दिया कि भूपेश बघेल के बाद उन्हें रोटेशन के आधार पर मुख्यमंत्री की कुर्सी देने का वादा था. लगता है राहुल के लिए दुश्वारियां दल बांधकर आई हैं.

