पुस्तकों के शौकीन भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी लॉकडाउन में नई पुस्तकों का मजा नहीं ले पा रहे हैं.
उनकी लाइब्रेरी में जितनी भी किताबें है, सब उन्होंने पढ़ ली हैं. ऑनलाइन पुस्तक पढऩा उन्हें नहीं भाता है, सो वे खरीदकर या उपहार में मिली किताबें ही पढ़ते हैं.
लॉकडाउन क्या हुआ उन्हें नई पुस्तकें नहीं मिल पा रही हैं. जब 15 तारीख को गृह मंत्रालय ने ई-कॉमर्स कंपनियों को जरूरी सामान 20 तारीख से भेजने की अनुमित दी तब आडवाणी को उम्मीद थी कि पुस्तक खरीद सकेंगे लेकिन पता चला कि पुस्तक तो जरूरी सामान के मद में है ही नहीं. फिलहाल वे ऑनलाइन किताबें पढऩे की कोशिश में जुटे हुए हैं.
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