राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सत्ता में आने के बाद से पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे के खिलाफ टिप्पणियां करने से बचते रहे हैं. लेकिन, हाल ही में वे खुद को रोक नहीं पाए और कहा कि वे 'दूरदर्शी' हैं. उन्होंने कहा, ''मैं कभी नहीं समझ पाया कि उन्होंने द्रव्यवती नहर पर 1,600 करोड़ रु. क्यों खर्च किए जबकि इससे शहर को कोई लाभ नहीं है...'' जयपुर के बीच से गुजरने वाले एक नाले को साफ करने के इरादे से बनी परियोजना राज्य और टाटा कंपनी के बीच 60 करोड़ रु. के विवाद के कारण अटकी है. इसके निर्माण-रखरखाव का दायित्व टाटा कंपनी पर था.
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