क भी अविभाजित रहे बंगाल में गद्दीनशीन दो मोहतरमाओं के बीच असहज शीत युद्ध में अस्थायी युद्धविराम आया है.
2011 में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीस्ता नदी का पानी बांग्लादेश के साथ बांटने से मना कर दिया था और ढाका जा रहे एक प्रतिनिधिमंडल का बहिष्कार किया था. उसके अगले साल बांग्लादेश ने कमी का हवाला देते हुए पश्चिम बंगाल को हिल्सा मछली का निर्यात रोक दिया था. सात साल बाद अब बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना पद्मा नदी की चुनिंदा बेहतरीन हिल्सा त्यौहारी सीजन में बंगाल भेज रही हैं.
यह दुनिया के सबसे बड़े हिल्सा उत्पादक की मछलियों के दीवाने पड़ोसी को सद्भावनापूर्ण भेंट है.
हिल्सा की उम्मीद में बंगाली अपनी उंगलियां चाट रहे हैं, तो विपक्ष तीस्ता का पानी छोडऩे के लिए मुख्यमंत्री पर दबाव पड़ता देख रहा है. ममता ने अभी प्रतिक्रिया नहीं दी है. दीदी मानेंगी?
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