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भैया के मुकाबले अब दीदी

अगर राहुल को अमेठी में भैया के नाम से पुकारा जाता था तो स्मृति दीदी के रूप में उभरने की कोशिश में हैं

इलेस्ट्रेशन-सिद्धांत जुमड़े
इलेस्ट्रेशन-सिद्धांत जुमड़े

कपड़ा और महिला तथा बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी लगता है, राहुल गांधी से कांग्रेस का गढ़ अमेठी छीनकर ही संतोष नहीं कर लेंगी. वे इस कोशिश में हैं कि क्षेत्र के लोगों के मन में उनकी स्थायी छवि बने.

अगर राहुल को अमेठी में भैया के नाम से पुकारा जाता था तो स्मृति दीदी के रूप में उभरने की कोशिश में हैं जिनसे लोग जब चाहें समस्याओं को लेकर मिल सकें. उन्होंने अमेठी की यात्रा के दौरान 6 जुलाई को 'दीदी आपके द्वार' कार्यक्रम शुरू किया.

इसके तहत उन्होंने छटोह ब्लॉक के कांटा गांव में चौपाल लगाई और लोगों की दिक्कतें सुनीं. उन्होंने अफसरों से यह पक्का करने को कहा कि उनकी अगली यात्रा से पहले ये सारी दिक्कतें दूर हो जाएं. उन्होंने कांटा सरकारी स्कूल में मिड-डे मील के लिए बफे व्यवस्था की भी शुरुआत की. उनके कामों से ही चौकन्ना होकर शायद राहुल गांधी ने 10 जुलाई को अमेठी में पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने का कार्यक्रम बनाया.

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