अपनी सरकार की चौथी वर्षगांठ पर रैली करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कटक को यूं ही नहीं चुना है. भाजपा में चर्चा है कि प्रधानमंत्री अगले साल लोकसभा चुनाव वाराणसी के साथ ही ओडिशा के पुरी से भी लड़ सकते हैं.
बीजू जनता दल की गढ़ मानी जाने वाली इस सीट के जमीनी हालात के बारे में भाजपा कार्यकर्ता अध्ययन कर रहे हैं. कई नेता तो इसका धार्मिक जुड़ाव भी देख रहे हैं—पीएम इस तरह से दो प्रमुख शैव और वैष्णव इलाकों से चुनाव लड़ेंगे. इसमें राजनैतिक मकसद भी हैं.
ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की 106 सीटों में से भाजपा के पास सिर्फ छह सीटें हैं. ये इलाके अमित शाह की 'कोरोमंडल रणनीति' का हिस्सा हैं, जिसके तहत यहां अपनी सीटें बढ़ाकर वह देश के अन्य इलाकों में होने वाले नुक्सान की भरपाई करना चाहते हैं.
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