दक्षिण भारतीय राज्य केरल के तिरुवनंतपुरम के मुख्यमंत्री कार्यालय के गलियारों में अटकलें तेज हैं कि अब बंद हो चुकी टीम सोलर रिन्यूवेबल एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की डायरेक्टर सरिता एस. नायर ने अपने वकील को 22 पन्नों का एक बयान सौंपा है जिसमें नेताओं और अफसरशाहों के साथ उसके संबंधों और लेन-देन के ब्यौरे हैं. कथित तौर पर इसमें उनके साथ दुराचार करने वाले कई ताकतवर लोगों के भी नाम हैं, जिनमें एक केंद्रीय मंत्री, राज्य के कम-से-कम चार मंत्री, कुछ विधायक और कई अफसरशाह शामिल हैं.
सोलर घोटाला मार्च 2013 में उस समय सामने आया जब पेरूंबवूर के कारोबारी के.एम. सज्जाद ने पुलिस में शिकायत की कि उससे बीजू राधाकृष्णन और उसकी पार्टनर सरिता की कंपनी टीम सोलर ने 45 लाख रु. ठग लिए. इन लोगों ने सौर ऊर्जा बिजली संयंत्र और विंडमिल (पवनचक्की) फार्म लगाने का वादा किया था लेकिन वह कभी पूरा नहीं हुआ. इसके बाद 48 दूसरे लोगों की भी शिकायतें दर्ज हुईं.
बीजू के साथ मिलकर घोटाले को अंजाम देने के करने के आरोप में सरिता को पिछले साल जून में जेल में डाल दिया गया था. हालांकि 21 फरवरी को सरिता को सभी 49 मामलों में जमानत मिल गई. उसके बाद से ही वे लगातार थोड़े-थोड़े समय बाद सनसनीखेज खुलासों के साथ सुर्खियां बटोरती रही हैं और हर राजनैतिक पार्टी के कई ताकतवर लोगों के जेहन में डर पैदा करती रहती हैं.
3 मार्च को उन्होंने अपना नया और सबसे घातक खुलासा किया. उन्होंने कन्नूर के कांग्रेसी विधायक ए.पी. अब्दुल्लाकुट्टी पर तिरुवनंतपुरम के होटल में उनके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया, जहां सरिता को प्रोजेक्ट पर बात करने के लिए बुलाया गया था. अब्दुल्लाकुट्टी ने आरोप का खंडन किया है.
सरिता ने 3 मार्च को तिरुवनंतपुरम में कहा, ‘‘मैं महीनों तक सो नहीं सकी. अब, इन नेताओं की भी तो नींद उड़े.’’ उन्होंने ऐसे और भी कई नेताओं के नाम उजागर करने की धमकी दी है, जो उनका ‘‘इस्तेमाल’’ करते रहे हैं. उनका पार्टनर बीजू एक दूसरे मामले में जेल में बंद है. वह 2006 में अपनी पत्नी रेशमी की हत्या का अभियुक्त है.
सरिता ने इंडिया टुडे के साथ अपने पहले खास इंटरव्यू में आरोपों की झड़ी लगा दी. उनका आरोप है कि केरल विधानसभा के मुख्य सचेतक पी.सी. जॉर्ज उनकी मौजूदा हालत के असल जिम्मेदार हैं. सरिता ने कहा, ‘‘वे मुझे अपनी राजनैतिक चालों के लिए इस्तेमाल करना चाहते थे. मेरे मना करने पर उन्होंने जेल में डाल देने की धमकी दी.’’ साथ ही वे जॉर्ज के बारे में सही समय पर और खुलासे की चेतावनी देती है.
जॉर्ज इन आरोपों का पुरजोर खंडन करते हैं. वे कहते हैं, ‘‘मैं 25 सितंबर, 2013 को अट्टाकुलंगारा जेल (तिरुवनंतपुरम में) हड़ताल के सिलसिले में बंद कुछ लोगों से मिलने गया था. मैंने सरिता से मिलने की कोशिश नहीं की. मैंने कभी उसे किसी राजनैतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश नहीं की.’’
सरिता का इससे भी बड़ा आरोप तो यह है कि उससे सीपीएम ने सोलर घोटाले में मुख्यमंत्री का नाम घसीटने के लिए संपर्क साधा था. इस आरोप पर सीपीएम के राज्य सचिव कोई प्रतिक्रिया देना नहीं चाहते. सरिता ने कहा कि उन लोगों ने मुझे ‘‘10 करोड़ रु. और एक घर देने की पेशकश की. उन्होंने मेरे वकील के लिए पेशकश की थी.’’
नौ महीने जेल में गुजारने और अदालतों में समय गंवाने के बावजूद सरिता इतनी सहज लगती हैं कि उन्हें अपनी साडिय़ों के बारे में बात करने की फुरसत है. ‘‘मैंने 18 साल की उम्र से साड़ी पहनना शुरू किया था. मेरी साडिय़ां महंगी नहीं हैं जैसा अदालत सोचती है.

मेरे पास सिर्फ 75 साडिय़ां हैं और कोई भी 3,000 रु. से महंगी नहीं है.’’ केरल हाइकोर्ट ने जेल में उन्हें दो साडिय़ों से ज्यादा रखने की इजाजत देने के लिए सरकार की खिंचाई की थी और विशेष जांच दल (एसआइटी) को जब्त करने का आदेश दिया. खबरें थीं कि सरिता ने साडिय़ां खरीदने पर 13 लाख रु. खर्च किए.
चेंगाबूर में जन्मी सरिता ने बड़े जतन से ऊंचे और रसूखदार लोगों से श्संपर्क्य कायम किए. वे बताती हैं कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन कंपनी में नौकरी से इसलिए इनकार करना पड़ा क्योंकि उनके पारंपरिक परिवार को पहनावे पर आपत्ति थी. कोझेनचेरि में वित्तीय कंपनी में काम करने के दौरान सरिता की मुलाकात बीजू से हुई. जब बीजू ने अपनी कंपनी शुरू की तो वे उसमें मार्केटिंग मैनेजर बन गईं.
टीम सोलर 2011 में शुरू हुई और साल भर बाद ही जब सरिता और बीजू ने अलग होने का फैसला लिया तो दिक्कतों ने सिर उठाना शुरू कर दिया. सितंबर, 2012 में बीजू ने टीवी चौनल से कहा कि उनकी एर्नाकुलम गेस्टहाउस में चांडी के साथ ‘‘पारिवारिक मसले’’ सुलझाने के लिए एक मुलाकात हुई थी. चांडी ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि बंद दरवाजों के पीछे हुए उस मुलाकात में क्या बातें हुई थीं.
बीजू ने यह भी कहा कि सरिता के राज्य के तत्कालीन वन मंत्री के.बी. गणेश कुमार के साथ भी संबंध थे. बाद में मंत्री को पत्नी यामिनी थंकाची की उत्पीडऩ की शिकायत पर बरखास्त कर दिया गया. यामिनी ने कुमार पर कई अवैध संबंध बनाने के भी आरोप लगाए. गणेश कुमार सबसे पहले शिकार बने लेकिन असली धमाका तो एसआइटी की जांच के दौरान कॉल लिस्ट के मीडिया में लीक होने के बाद हुआ.
एसआइटी इस लिस्ट की जांच कर रही थी. इससे सरिता से मुख्यमंत्री के निजी स्टाफ के संपर्कों का पता चला. मुख्यमंत्री के स्टाफ अफसर टेनी जोप्पन और डिक्कुमन जैकब और उनके पूर्व गनमैन सलीम राज पर गाज गिरी.
पुलिस के मुताबिक, बीजू और सरिता के काम का तरीका एकदम सीधा-सादा थारू संभावित ग्राहकों को सरकारी मदद से शुरू होने वाले सोलर फार्म प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी या सोलर पैनल मुहैया कराने का वादा करना. और उन्हें प्रभावित करने के लिए कार्यक्रमों में केरल के संस्कृति मंत्री के.सी. जोसफ और के.बी. गणेश कुमार जैसे मंत्रियों को बुलाकर अपने रसूख का परिचय देना था.
शिकायतकर्ता पटनमथिट्टा के श्रीधरन नायर के साथ 40 लाख रु. की ठगी की गई. उनका तो आरोप है कि वे सरिता के साथ चांडी से उनके दफ्तर में मिले थे. उनका कहना है कि उस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में इन्वेस्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया. चांडी ने उनके दावों का खंडन किया और कहा कि वे सरिता को जानते हैं मगर लक्ष्मी नायर के रूप में.
सीपीएम ने चांडी के घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाकर सोलर घोटाले को चुनावी मुद्दा बना डाला है. हालांकि एडीजीपी ए. हेमचंद्रन की अगुआई में पुलिस टीम 10 करोड़ रु. के घोटाले की जांच में जुटी हुई है. जब विरोध के स्वर तेज होने लगे तो सरकार ने हाइकोर्ट के रिटायर जज शिवराजन के नेतृत्व में न्यायिक जांच आयोग बना दिया.
अपने राज्य के सत्ता तंत्र का इस्तेमाल करने वाली स्मार्ट कारोबारी सरिता अब खुद को पीड़ित बताने लगी हैं जिसे अपनी कंपनी को बचाने के लिए तमाम तरह के लोगों से सौदेबाजी करनी पड़ी. वे खुद को बड़ी मछलियों को पकडऩे वाला छोटा जाल बताती हैं और कहती हैं, ‘‘कोई भी हर किसी से हमेशा झूठ नहीं बोल सकता.’’
सोलर घोटाला भले ही कुछ नेताओं के राजनैतिक करियर पर ग्रहण लगा पाए या न लगा पाए, लेकिन यह एक बेमिसाल मामला है कि कैसे सत्ता तंत्र की नजदीकी से कोई फरेबी करोड़ों की कमाई कर सकता है.
सोलर घोटाला मार्च 2013 में उस समय सामने आया जब पेरूंबवूर के कारोबारी के.एम. सज्जाद ने पुलिस में शिकायत की कि उससे बीजू राधाकृष्णन और उसकी पार्टनर सरिता की कंपनी टीम सोलर ने 45 लाख रु. ठग लिए. इन लोगों ने सौर ऊर्जा बिजली संयंत्र और विंडमिल (पवनचक्की) फार्म लगाने का वादा किया था लेकिन वह कभी पूरा नहीं हुआ. इसके बाद 48 दूसरे लोगों की भी शिकायतें दर्ज हुईं.
बीजू के साथ मिलकर घोटाले को अंजाम देने के करने के आरोप में सरिता को पिछले साल जून में जेल में डाल दिया गया था. हालांकि 21 फरवरी को सरिता को सभी 49 मामलों में जमानत मिल गई. उसके बाद से ही वे लगातार थोड़े-थोड़े समय बाद सनसनीखेज खुलासों के साथ सुर्खियां बटोरती रही हैं और हर राजनैतिक पार्टी के कई ताकतवर लोगों के जेहन में डर पैदा करती रहती हैं.
3 मार्च को उन्होंने अपना नया और सबसे घातक खुलासा किया. उन्होंने कन्नूर के कांग्रेसी विधायक ए.पी. अब्दुल्लाकुट्टी पर तिरुवनंतपुरम के होटल में उनके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया, जहां सरिता को प्रोजेक्ट पर बात करने के लिए बुलाया गया था. अब्दुल्लाकुट्टी ने आरोप का खंडन किया है.
सरिता ने 3 मार्च को तिरुवनंतपुरम में कहा, ‘‘मैं महीनों तक सो नहीं सकी. अब, इन नेताओं की भी तो नींद उड़े.’’ उन्होंने ऐसे और भी कई नेताओं के नाम उजागर करने की धमकी दी है, जो उनका ‘‘इस्तेमाल’’ करते रहे हैं. उनका पार्टनर बीजू एक दूसरे मामले में जेल में बंद है. वह 2006 में अपनी पत्नी रेशमी की हत्या का अभियुक्त है.
सरिता ने इंडिया टुडे के साथ अपने पहले खास इंटरव्यू में आरोपों की झड़ी लगा दी. उनका आरोप है कि केरल विधानसभा के मुख्य सचेतक पी.सी. जॉर्ज उनकी मौजूदा हालत के असल जिम्मेदार हैं. सरिता ने कहा, ‘‘वे मुझे अपनी राजनैतिक चालों के लिए इस्तेमाल करना चाहते थे. मेरे मना करने पर उन्होंने जेल में डाल देने की धमकी दी.’’ साथ ही वे जॉर्ज के बारे में सही समय पर और खुलासे की चेतावनी देती है.
जॉर्ज इन आरोपों का पुरजोर खंडन करते हैं. वे कहते हैं, ‘‘मैं 25 सितंबर, 2013 को अट्टाकुलंगारा जेल (तिरुवनंतपुरम में) हड़ताल के सिलसिले में बंद कुछ लोगों से मिलने गया था. मैंने सरिता से मिलने की कोशिश नहीं की. मैंने कभी उसे किसी राजनैतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश नहीं की.’’
सरिता का इससे भी बड़ा आरोप तो यह है कि उससे सीपीएम ने सोलर घोटाले में मुख्यमंत्री का नाम घसीटने के लिए संपर्क साधा था. इस आरोप पर सीपीएम के राज्य सचिव कोई प्रतिक्रिया देना नहीं चाहते. सरिता ने कहा कि उन लोगों ने मुझे ‘‘10 करोड़ रु. और एक घर देने की पेशकश की. उन्होंने मेरे वकील के लिए पेशकश की थी.’’
नौ महीने जेल में गुजारने और अदालतों में समय गंवाने के बावजूद सरिता इतनी सहज लगती हैं कि उन्हें अपनी साडिय़ों के बारे में बात करने की फुरसत है. ‘‘मैंने 18 साल की उम्र से साड़ी पहनना शुरू किया था. मेरी साडिय़ां महंगी नहीं हैं जैसा अदालत सोचती है.

मेरे पास सिर्फ 75 साडिय़ां हैं और कोई भी 3,000 रु. से महंगी नहीं है.’’ केरल हाइकोर्ट ने जेल में उन्हें दो साडिय़ों से ज्यादा रखने की इजाजत देने के लिए सरकार की खिंचाई की थी और विशेष जांच दल (एसआइटी) को जब्त करने का आदेश दिया. खबरें थीं कि सरिता ने साडिय़ां खरीदने पर 13 लाख रु. खर्च किए.
चेंगाबूर में जन्मी सरिता ने बड़े जतन से ऊंचे और रसूखदार लोगों से श्संपर्क्य कायम किए. वे बताती हैं कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन कंपनी में नौकरी से इसलिए इनकार करना पड़ा क्योंकि उनके पारंपरिक परिवार को पहनावे पर आपत्ति थी. कोझेनचेरि में वित्तीय कंपनी में काम करने के दौरान सरिता की मुलाकात बीजू से हुई. जब बीजू ने अपनी कंपनी शुरू की तो वे उसमें मार्केटिंग मैनेजर बन गईं.
टीम सोलर 2011 में शुरू हुई और साल भर बाद ही जब सरिता और बीजू ने अलग होने का फैसला लिया तो दिक्कतों ने सिर उठाना शुरू कर दिया. सितंबर, 2012 में बीजू ने टीवी चौनल से कहा कि उनकी एर्नाकुलम गेस्टहाउस में चांडी के साथ ‘‘पारिवारिक मसले’’ सुलझाने के लिए एक मुलाकात हुई थी. चांडी ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि बंद दरवाजों के पीछे हुए उस मुलाकात में क्या बातें हुई थीं.
बीजू ने यह भी कहा कि सरिता के राज्य के तत्कालीन वन मंत्री के.बी. गणेश कुमार के साथ भी संबंध थे. बाद में मंत्री को पत्नी यामिनी थंकाची की उत्पीडऩ की शिकायत पर बरखास्त कर दिया गया. यामिनी ने कुमार पर कई अवैध संबंध बनाने के भी आरोप लगाए. गणेश कुमार सबसे पहले शिकार बने लेकिन असली धमाका तो एसआइटी की जांच के दौरान कॉल लिस्ट के मीडिया में लीक होने के बाद हुआ.
एसआइटी इस लिस्ट की जांच कर रही थी. इससे सरिता से मुख्यमंत्री के निजी स्टाफ के संपर्कों का पता चला. मुख्यमंत्री के स्टाफ अफसर टेनी जोप्पन और डिक्कुमन जैकब और उनके पूर्व गनमैन सलीम राज पर गाज गिरी.
पुलिस के मुताबिक, बीजू और सरिता के काम का तरीका एकदम सीधा-सादा थारू संभावित ग्राहकों को सरकारी मदद से शुरू होने वाले सोलर फार्म प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी या सोलर पैनल मुहैया कराने का वादा करना. और उन्हें प्रभावित करने के लिए कार्यक्रमों में केरल के संस्कृति मंत्री के.सी. जोसफ और के.बी. गणेश कुमार जैसे मंत्रियों को बुलाकर अपने रसूख का परिचय देना था.
शिकायतकर्ता पटनमथिट्टा के श्रीधरन नायर के साथ 40 लाख रु. की ठगी की गई. उनका तो आरोप है कि वे सरिता के साथ चांडी से उनके दफ्तर में मिले थे. उनका कहना है कि उस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में इन्वेस्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया. चांडी ने उनके दावों का खंडन किया और कहा कि वे सरिता को जानते हैं मगर लक्ष्मी नायर के रूप में.
सीपीएम ने चांडी के घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाकर सोलर घोटाले को चुनावी मुद्दा बना डाला है. हालांकि एडीजीपी ए. हेमचंद्रन की अगुआई में पुलिस टीम 10 करोड़ रु. के घोटाले की जांच में जुटी हुई है. जब विरोध के स्वर तेज होने लगे तो सरकार ने हाइकोर्ट के रिटायर जज शिवराजन के नेतृत्व में न्यायिक जांच आयोग बना दिया.
अपने राज्य के सत्ता तंत्र का इस्तेमाल करने वाली स्मार्ट कारोबारी सरिता अब खुद को पीड़ित बताने लगी हैं जिसे अपनी कंपनी को बचाने के लिए तमाम तरह के लोगों से सौदेबाजी करनी पड़ी. वे खुद को बड़ी मछलियों को पकडऩे वाला छोटा जाल बताती हैं और कहती हैं, ‘‘कोई भी हर किसी से हमेशा झूठ नहीं बोल सकता.’’
सोलर घोटाला भले ही कुछ नेताओं के राजनैतिक करियर पर ग्रहण लगा पाए या न लगा पाए, लेकिन यह एक बेमिसाल मामला है कि कैसे सत्ता तंत्र की नजदीकी से कोई फरेबी करोड़ों की कमाई कर सकता है.

