नई दिल्ली में 9 नवंबर को पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स में भाषण देते हुए मोहन भागवत का सामना नितिन गडकरी को लेकर उठाए गए एक सवाल से हो गया.
आरएसएस प्रमुख संघ को नेतृत्व की प्रयोगशाला बताते हुए उसके कसीदे काढऩे में मशगूल थे कि श्रोताओं में से कोई पूछ बैठा, ''नितिन गडकरी और बंगारू लक्ष्मण के बारे में क्या कहना है?” (बीजेपी के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष के नाम भ्रष्टाचार संबंधी घोटालों में आए हैं). जाहिर है, भागवत को इसका कोई जवाब नहीं सूझा.

