राजस्थान में पार्टी का आधार बढ़ाने के नाम पर जब अक्तूबर में कांग्रेस ने अपनी हाइ प्रोफाइल रैली की तो सोनिया गांधी, पी. चिदंबरम और मनमोहन सिंह समेत मंच पर उपस्थित सभी वक्ता हिंदी में ही बोले.
सिर्फ सोनिया ही थीं जिन्होंने देवनागरी लिपि में लिखे भाषण को पढ़ा. जहां मनमोहन सिंह ने उर्दू में लिखे गए भाषण को पढ़ा, वहीं चिदंबरम ने रोमन लिपि में लिखे भाषण को. अब आप ही देख लीजिए, इतना करने के बाद भी उन्हें लोग बाहरी कहते हैं?

