अभी कुछ दिन पहले की बात है. प्रफुल्ल पटेल एक सेमिनार में बोलने की अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे कि अचानक वे संचालक की यह उद्घोषणा सुनकर हैरान रह गए कि उड़ान में देरी की वजह से मंत्रीजी को देर होगी.
माइक्रोफोन संभालने के बाद उन्होंने चुटकी ली, ''आजकल नेताओं की 'विश्वसनीयता’ कितनी बढ़ चुकी है, मैं पिछले आधे घंटे से अपनी बारी का इंतजार कर रहा हूं मगर इस बात पर भरोसा करना आसान है कि नेताजी के आने में देर है.”

