कोयला घोटाले को देखते हुए पिछले सप्ताह कांग्रेस ने संदीप दीक्षित और पी.सी. चाको को पार्टी का प्रवक्ता बना डाला.
इससे पहले तक विभिन्न विवादों में पार्टी का बचाव करने का काम ज्यादातर मनीष तिवारी पर आ पड़ता था क्योंकि रेणुका चौधरी हिंदी बोलने में बहुत कुशल नहीं हैं और सत्यव्रत चतुर्वेदी धाराप्रवाह अंग्रेजी नहीं बोल पाते हैं.
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने दीपेंदर सिंह हुड्डा, संजय निरुपम और आर.पी.एन. सिंह जैसे मीडिया की समझ रखने वाले सांसदों को पार्टी की अग्रिम पंक्ति को संभाले रखने के लिए हिदायतें दी हैं. क्या चाको की अस्पष्ट बुदबुदाहट ही कांग्रेस का सबसे अच्छा बचाव है?

