राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का संकट से निपटने का अजीब ही तरीका है. 30 अगस्त को शहर की लिफ्ट नहर का उद्घाटन करने के लिए सोनिया गांधी की प्रस्तावित यात्रा की तैयारी के वास्ते 25 अगस्त को बाड़मेर की उड़ान भरने से पहले उन्होंने जयपुर में अचानक आई बाढ़ की खबरों पर खास ध्यान नहीं दिया. बाढ़ में 55 लोगों की मौत हो गई.
22 अगस्त को उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से फोन पर कहा, "मीडिया ने ऐसा माहौल बना दिया है जैसे आधा जयपुर पानी में डूब गया हो." और जब राज्यपाल मार्गरेट अल्वा ने जनता की तकलीफों के लिए सरकार को दोषी ठहराया तो गहलोत ने और अधिक व्यवहार दिखाया, उन्होंने जयपुर में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के ढहने के लिए जिम्मेदार शख्स, शहरी विकास एवं आवास मंत्री शांति धारीवाल को 25 अगस्त को सिंगापुर, मलेशिया और इंडोनेशिया के दो सप्ताह के दौरे पर रवाना कर दिया.
गहलोत ने तो हद कर दी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का संकट से निपटने का अजीब ही तरीका है. 30 अगस्त को शहर की लिफ्ट नहर का उद्घाटन करने के लिए सोनिया गांधी की प्रस्तावित यात्रा की तैयारी के वास्ते 25 अगस्त को बाड़मेर की उड़ान भरने से पहले उन्होंने जयपुर में अचानक आई बाढ़ की खबरों पर खास ध्यान नहीं दिया.

