मुंबई में 24 मार्च को आयोजित 'ड्राइवर्स ऑफ चेंज' अवार्ड में पूरे भारत में फैले ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने रोजगार के नए अवसर पैदा करके, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाकर और सेना को अगले स्तर के टकरावों के लिए तैयार करके अपने आसपास के माहौल को बदल दिया.
इंडिया टुडे ग्रुप (आइटीजी) और भारत की अग्रणी एसयूवी निर्माता कंपनी महिंद्रा ऐंड महिंद्रा की तरफ से आयोजित यह तीसरा सीजन कॉर्पोरेट इंडिया के बारे में था, जबकि पिछले संस्करण विमेन लीडर्स और हेरिटेज डेवलपमेंट पर केंद्रित थे.
आइटीजी की ऑटो टुडे टीम ने इस साल के विजेताओं को उनके अपने घरेलू मैदान में खोजने के लिए एक्सयूवी 7एक्सओ से 10,000 किमी का सफर तय किया. मुख्य संबोधन में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा, ''हम 17 शानदार युवा संस्थापकों को सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने अपने विचारों, अपनी सूझबूझ को शानदार उद्यमों में बदल दिया. इतिहास हमें याद दिलाता है कि असाधारण उपलब्धियां अक्सर युवावस्था के दिनों में जन्म लेती हैं.''
अवॉर्ड शो में एक चौंकाने वाले आंकड़े को रेखांकित किया गया. सौ से ज्यादा भारतीय कंपनियों ने यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर लिया है, यानी उनकी वैल्यू 1 अरब डॉलर (9,354 करोड़ रु.) से ज्यादा आंकी गई है. पिछले साल 44,000 स्टार्टअप रजिस्टर हुए, जो 2016 में स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम शुरू होने के बाद किसी एक साल में रजिस्टर होने वाले सबसे ज्यादा स्टार्टअप थे. इन उद्यमों ने बीस लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा कीं.
इस साल के अवॉर्ड से जिन लोगों को सम्मानित किया गया, उनमें 'कलआर्म' विकसित करने वाले बायोनिक स्टार्टअप मेकर्स हाइव के सीईओ प्रणव वेंपति भी थे. दुनिया के सबसे सस्ते और भारत के पहले बायोनिक हाथ की कीमत 6 लाख रुपए से ऊपर है, जो विदेशों में मिलने वाले ऐसे हाथों की कीमत 43,000-64,000 डॉलर (40-60 लाख रुपए) का महज दसवां हिस्सा है. स्कूल के दिनों में ही अपना हाथ गंवा बैठा और अपनी मां तथा सरकारी पेंशन के आसरे जी रहा इसका एक लाभार्थी अब अपनी बाइक से दफ्तर जाता है और परिवार का सहारा बन गया है. उसने मंच पर दिखाया कि इस सहयोगी उपकरण का इस्तेमाल कैसे किया जाता है.
दूसरे अवॉर्ड विजेता बोधिसत्व संघप्रिय को मिलिटरी टेक्नोलॉजी में योगदान के लिए सम्मानित किया गया. वे आइजी डिफेंस के संस्थापक और सीईओ हैं, जो मानवरहित प्रहार प्रणालियों और कामिकाजे ड्रोन में महारत रखने वाली कंपनी है. उन्होंने बताया कि कम कीमत के, फुर्तीले और विशेष क्षमताओं से लैस ड्रोन और साथ ही इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के उपकरण रणभूमियों का स्वरूप बदल रहे हैं. इनेफु लैब्स के संस्थापक और सीईओ तरुण विग को भी ऐसी ही उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया. उन्होंने सेना के लिए एआइ से संचालित सुरक्षा प्रणालियों पर काम किया और कहा कि भारत की पूर्वी सरहदों की निगहबानी अगले पांच साल में पूरी तरह ह्यूमनाइड या मशीनी मानव से की जा सकती है.
इस कार्यक्रम में इंटीरियर डिजानिंग फर्म एस्साजीज एटलियर की प्रिंसिपल डिजाइनर सारा शम को भी सम्मानित किया गया. उन्होंने बताया कि उनकी महत्वाकांक्षा भारत में सर्वश्रेष्ठ होने तक सीमित नहीं. उनका कहना था, ''मैं सर्वश्रेष्ठ डिजाइन स्टुडियो बनना चाहती हूं. बस.''
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के ऑटो और फार्म सेक्टर डिविजन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा, ''अवॉर्ड विजेता लोगों की जिंदगी में सच्चा फर्क'' लाए हैं. एक्सयूवी ब्रांड पोर्टफोलियो और इंटरनेशनल मार्केटिंग डिविजन की प्रमुख और वाइस प्रेसिडेंट नेहा आनंद ने कहा कि 'ड्राइवर्स ऑफ चेंज' ''उन लोगों को खोजने का सफर रहा है जो लगातार देश का भविष्य गढ़ रहे हैं.'' ऑटो इंडिया के एडिटर योगेंद्र प्रताप ने कहा, ''इस सफर को जो बात अनोखा बनाती है, वह है इसे करने का हमारा तरीका. हम इन कहानियों के अपने पास आने का इंतजार नहीं करते, हम वहां जाते हैं जहां ये कहानियां हैं, जहां लोग इन कहानियों को गढ़ रहे हैं.''

