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प्रशिक्षण बुनियादी पाठ का

BJP ने 70 लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं-नेताओं को वैचारिक-तार्किक दृष्टि से ज्यादा समर्थ बनाने को शुरू किया एक प्रशिक्षण महाभियान. संगठन की मजबूती के साथ इससे विधानसभाओं के अलावा 2029 के लोकसभा चुनावों में भी मदद मिलने की उम्मीद

देहरादून में प्रशिक्षण महाभियान की शुरुआत करते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
अपडेटेड 25 मार्च , 2026

केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रेरणास्रोत रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय कहते थे, ''व्यक्ति निर्माण से संगठन निर्माण, संगठन निर्माण से राष्ट्र निर्माण.'' इस बात का जिक्र अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत पार्टी के शीर्ष नेता करते रहते हैं और भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के मूल में भी यही भावना है.

भाजपा का दावा है कि वह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है. उसके सदस्यों की संख्या तकरीबन 14 करोड़ है. पार्टी नेताओं की मानें तो इस प्रशिक्षण महाभियान के तहत विभिन्न स्तर के करीब 70 लाख पार्टी कार्यकर्ताओं-नेताओं को प्रशिक्षित किया जाना है. 12 फरवरी 2026 को शुरू हुए इस अभियान को पार्टी नेता 'दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक कार्यकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम' होने का दावा कर रहे हैं.

अभियान के तहत देश के अलग-अलग राज्यों में कार्यशालाओं का आयोजन हो रहा है. इसके सफल संचालन के लिए बाकायदा राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर भाजपा ने टीम बनाई है. राष्ट्रीय स्तर पर टीम में पार्टी सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश को संयोजक बनाया गया है. पार्टी के महासचिव तरुण चुघ, ओपी धनखड़, वीडी शर्मा और रत्नाकर को सह-संयोजक नियुक्त किया गया है. पार्टी ने राष्ट्रीय टीम को राष्ट्रीय टोली का नाम दिया है जिसमें संयोजक और सह-संयोजक समेत कुल 16 सदस्य हैं. इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों को कुल छह क्षेत्रों में बांटकर भी टीम बनाई गई है जिनके लिए क्षेत्रीय प्रभारी नियुक्त किए गए हैं.

पार्टी नेताओं से बात करके इस प्रशिक्षण महाभियान के उद्देश्यों के बारे में पता चलता है. पार्टी के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी इस बारे में बताते हैं, ''अभी के समय में किसी भी संगठन के लिए यह जरूरी है कि उसके नेता और कार्यकर्ता सजग हों, उन्हें पता हो कि उनकी पार्टी की विचारधारा क्या है और देश-दुनिया में क्या चल रहा है. प्रशिक्षण के जो मॉड्यूल बनाए गए हैं, उनकी मदद से न सिर्फ कार्यकर्ताओं की वैचारिक प्रतिबद्धता मजबूत होगी बल्कि उनकी कार्यपद्धति में भी सकारात्मक सुधार होगा. साथ ही सक्षम और योग्य कार्यकर्ताओं के निर्माण में भी मदद मिलेगी. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आने वाली चुनौतियों के बारे में सजग करने के अलावा कार्यकर्ताओं को इस महाभियान में आधुनिक तकनीक के प्रयोग में भी दक्ष बनाने की योजना है.''

वे आगे कहते हैं, ''कार्यकर्ताओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाते हुए उनमें दायित्व बोध जागृत करने के लिए मॉड्यूल तैयार किए गए हैं. साथ ही विकास कार्यों के साथ समाज कैसे जुड़े, इस बारे में भी उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा.'' इसके क्रियान्वयन के बारे में वे बताते हैं, ''चूंकि बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण किया जा रहा है तो हमें अच्छी संख्या में प्रशिक्षकों की भी आवश्यकता है. इसलिए पहले जिन प्रशिक्षकों को जिस स्तर पर प्रशिक्षण देना है, उन्हें उसके बारे में प्रशिक्षित किया जा रहा है.'' 

दरअसल पार्टी ने बूथ स्तर, मंडल स्तर, जिला स्तर, प्रदेश स्तर और मोर्चों के स्तर पर प्रशिक्षण के अलग-अलग मॉड्यूल (बॉक्स देखें) तैयार किए हैं. हर स्तर पर बाकायदा क्लासरूम मॉडल में यह प्रशिक्षण कार्य किया जा रहा है. पार्टी ने बाकायदा उन लोगों की सूची तैयार की है, जिन्हें इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल होना है. इनमें बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर के पार्टी पदाधिकारियों के अलावा प्रकोष्ठ और विभागों में काम कर रहे नेताओं, सांसदों, विधायकों, मेयर, पार्षदों, स्थानीय निकाय सदस्यों, मीडिया और सोशल मीडिया विभाग के कार्यकर्ताओं समेत हाल ही पार्टी में आए नेताओं और कार्यकर्ताओं का भी प्रशिक्षण होना है.

 प्रशिक्षण के 14 मॉड्यूल

> एकात्म मानव दर्शन
> भाजपा का इतिहास और विकास 
> चुनाव प्रबंधन 
> वैचारिक आधार 
> समन्वय की भूमिका 
> कार्य प्रणाली 
> विचार परिवार 
> संगठन विस्तार
> कार्यकर्ता विकास
> कार्यालय संचालन
> सरकार की उपलब्धियां
> मोदी सरकार की योजनाएं 
> सोशल मीडिया, नमो एैप और एआइ आधारित सरल ऐप 
> देश के सामने चुनौतियां

पार्टी के बड़े नेता भी इसमें शामिल हो रहे हैं. जयपुर के कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तर प्रदेश के कुछ कार्यक्रमों में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और बिहार के कार्यक्रमों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भागीदारी रही.

इस प्रशिक्षण महाभियान के संयोजक और भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश कहते हैं, ''प्रशिक्षण एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें कार्यकर्ताओं का बौद्धिक और वैचारिक विकास होता है. भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है. इसलिए जिम्मेदारियां और चुनौतियां भी बढ़ गई हैं. लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षित होना जरूरी है. यह महाभियान राष्ट्र निर्माण का महायज्ञ है.''

पार्टी के कुछ नेताओं से बातचीत करने पर यह भी पता चला कि 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की सीटें 303 से घटकर 240 रह जाने की समीक्षा हुई, उसमें यह भी सामने आया कि लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी कार्यकर्ता अपेक्षाकृत 'कम सक्रिय' थे. ऐसी स्थिति आगे न बने और आने वाले विधानसभा चुनावों में पूरे उत्साह के साथ पार्टी कार्यकर्ता सक्रिय रहें, इस उद्देश्य से भी इस प्रशिक्षण महाभियान का संचालन किया जा रहा है.

प्रशिक्षण महाभियान के सह संयोजक और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ कहते हैं, ''पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय राजनीति को केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा और राष्ट्रनिर्माण का पवित्र साधन माना. उनका 'एकात्म मानववाद' आज भी हमारे विचार और कार्य का मार्गदर्शक है. यह प्रशिक्षण महाभियान कार्यकर्ताओं को विचार, संस्कार और सेवा के प्रति पुन: समर्पित करने का अभियान है. हम सबका संकल्प है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि रखते हुए दीनदयाल जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाएं और विकसित, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं.''

दरअसल, भाजपा का संगठनात्मक मॉडल दूसरी पार्टियों से अलग है. उसने हमेशा से प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं पर जोर दिया है. भाजपा के पितृ-संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में संगठन को एक विज्ञान माना जाता है और इसी आधार पर संगठनात्मक ढांचा और प्रशिक्षण का काम संघ में भी चलता है. भाजपा के कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण अभियान भी उसी संगठन विज्ञान से प्रेरित है. पार्टी को लगता है कि इससे कार्यकर्ता पार्टी के प्रति ज्यादा समर्पित होकर काम कर सकेंगे और जब भी वे लोगों के बीच जाएंगे तो पहले के मुकाबले ज्यादा तर्कशील और सजग दिखेंगे.

प्रशिक्षण रणनीति

बूथ स्तर
समय: चार घंटे
कुल सत्र: दो
शामिल होंगे: बूथ अध्यक्ष, बूथ समिति, बूथ पालक, पन्ना प्रमुख आदि

मंडल स्तर
समय: 24 घंटे
कुल सत्र: सात
शामिल होंगे: मंडल कार्यकारिणी सदस्य, शक्ति केंद्र प्रमुख, जन प्रतिनिधि, मंडल मोर्चा प्रमुख आदि

जिला स्तर
समय: दो दिन
कुल सत्र: 11
शामिल होंगे: जिला कार्यकारिणी सदस्य, जिला पदाधिकारी, जन प्रतिनिधि, जिला मोर्चा प्रमुख, जिला प्रकोष्ठ प्रमुख आदि

प्रदेश स्तर
समय: 3 दिन
कुल सत्र: 15
इसमें शामिल होंगे: प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, मोर्चा अध्यक्ष और महामंत्री, जन प्रतिनिधि, प्रकोष्ठों के संयोजक और सह संयोजक, संबंधित प्रदेश के राष्ट्रीय पदाधिकारी आदि.

इस प्रशिक्षण अभियान का एक महत्वपूर्ण आयाम यह है कि इसके जरिए कार्यकर्ताओं को मोदी सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और शासन प्राथमिकताओं के बारे में भी अवगत कराया जा रहा है. कार्यकर्ताओं को बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान, पीएम किसान जैसी योजनाएं कैसे अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं. इससे संकेत निकाला जा रहा है कि भविष्य के चुनावों में भी पार्टी की तरफ से मोदी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार प्रमुखता से होगा.

मतलब साफ है कि यह अभियान भाजपा कार्यकर्ताओं को 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव समेत दूसरे विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए भी तैयार कर रहा है. पार्टी के नेताओं का कहना है कि जब हर बूथ का कार्यकर्ता वैचारिक रूप से परिपक्व और तकनीकी रूप से सक्षम होगा तो इसका सीधा असर न केवल चुनाव नतीजों में दिखेगा बल्कि राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने में भी यह मददगार साबित होगा.

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