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कॉन्क्लेव 2024: न्यूरल ब्रेन इंप्लांट्स हमारी दुनिया कैसे बदल देंगे, मोरान सर्फ ने बताया

वह दुनिया दूर नहीं जिसमें हम बेहतर फैसले लेने के लिए अपने सिरों में न्यूरल इंप्लांट ड्रिल कर पाएंगे. एलन मस्क सरीखे लोगों को लगता है कि इससे मानव जाति बीमारियों के इलाज खोजने की जहमत से बच जाएगी

मोरान सर्फ, न्यूरोसाइंटिस्ट
मोरान सर्फ, न्यूरोसाइंटिस्ट
अपडेटेड 3 अप्रैल , 2024

अरबों न्यूरॉन और उनके अनगिनत जटिल न्यूरल कनेक्शन के साथ मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को समझने की कोशिश ने तंत्रिका वैज्ञानिकों को हमेशा व्यस्त रखा है. मगर टेक्नोलॉजी और एआई के जमाने में न्यूरोसाइंस या तंत्रिका विज्ञान का मतलब महज मस्तिष्क का अध्ययन करना नहीं रह गया है.

इसका मतलब यह भी है कि हम मस्तिष्क के काम करने के तरीकों के बारे में अपनी समझ के आधार पर आधुनिक जमाने की समस्याओं के समाधान भी निकाल सकते हैं. इसे ब्रेन हैकिंग कहिए या न्यूरल रीवायरिंग, कई कंपनियां और व्यक्ति बेहतर फैसले लेने और दर्शकों व समस्याओं को ज्यादा दक्षता से संबोधित करने में मदद के लिए न्यूरोसाइंस का इस्तेमाल करने को लेकर बहुत उत्सुक हैं. 

मोरान सर्फ बताते हैं, "इरादा यह है कि आप मानव मस्तिष्क को ले सकें, आप सिर के भीतर एक डिवाइस रख सकें, और यह डिवाइस (न केवल) भीतर से मस्तिष्क के साथ बल्कि बाहर क्लाउड के साथ भी इंटरफेस (अंतरसामना) करती हो, और हमें इंटरनेट की, वहां मौजूद तमाम जानकारियों की ताकत देती हो. इस तरह हम बेहतर सोच-समझ सकते हैं और स्मार्ट बन सकते हैं."

फिलहाल इस विज्ञान का बड़ा हिस्सा ज्यादा बड़ी समस्याओं पर ध्यान दे रहा है. इसकी संभावना है कि एक दिन कोई भी अपने दिमाग में न्यूरल इंप्लांट घुसाकर और संभ्रम, खराब याददाश्त या एकाग्र न कर पाने सरीखी संज्ञान की सीमाओं को दरकिनार करके सुपरह्यूमन की तरह सोच सके. एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक पहले ही ऐसा उत्पाद विकसित करने पर काम कर रही है.

मगर इसका दूसरा पहलू भी है—हमारे विचार के हैक होने की संभावना. सर्फ के मुताबिक, ऐसी स्थिति बहुत दूर भी नहीं है. वे कहते हैं, "न्यूरल इंप्लांट के विज्ञान का कपोलकल्पित विचार होने से वास्तविकता में बदलने की छलांग अब बहुत छोटी हो रही है, क्योंकि लोग इस पर काम कर रहे हैं."

इसके नैतिक पहलू के बारे में उनका क्या ख्याल है? सर्फ कहते हैं, "यह पहली बार नहीं हुआ है. परमाणु हथियार एक और उदाहरण हैं... आइए ऐसी तकनीकों का विकास करें जो शानदार हों, पर लोगों को प्रशिक्षित भी करें कि उन टेक्नोलॉजी का भलाई के लिए कैसे इस्तेमाल करें."

खास बातें

- न्यूरो साइंस का मतलब अब मस्तिष्क का अध्ययन करना भर नहीं रह गया है, बल्कि इसकी कार्यप्रणाली के बारे में ज्ञान का इस्तेमाल करके ज्यादा स्मार्ट और ज्यादा दक्ष बनने के तरीके खोजना भी है.

- वह दुनिया ज्यादा दूर नहीं जिसमें हम बेहतर फैसले लेने के लिए अपने सिरों में न्यूरल इंप्लांट ड्रिल कर पाएंगे. एलन मस्क सरीखे लोगों को लगता है कि इससे मानव जाति बीमारियों के इलाज खोजने की जहमत से बच जाएगी.
 
- दूसरों को लगता है कि यह हमारे विचारों को हैक किए जाने की आशंका के प्रति खुला छोड़कर मानव जाति को खत्म भी कर सकता है. इन चिंताओं पर अभी ही विचार करने की जरूरत है.

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