
जश्न तो हमें अयोध्या ले जा रहे सामान्य जेट विमान में ही शुरू हो गया था. विमान का क्रू पीए सिस्टम पर जय श्री राम का जाप कर रहा था और हर कोई रोमांचित दिख रहा था. नया-नया बना अयोध्या अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा छोटा लेकिन अच्छा है. हम उतरे तो आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने जय श्री राम गमछे और चंदन के पीले टीके लगाकर हमारा स्वागत किया. माहौल किसी डेस्टिनेशन वेडिंग जैसा था. माला पहनाकर और तिलक लगाकर हमें इंतजार कर रही कारों में ले जाया गया.

हम आगे बढ़े, मैं यह देखकर दंग रह गई कि शहर कितना बदला हुआ है. मुख्य सड़कें चौड़ी की गई हैं. सभी दुकानों के मुहानों को जयपुर के बलुआ पत्थर के रंग में रंगा गया है और तड़क-भड़कवाले होर्डिंग के बजाय सुंदर मंदिर डिजाइन के साथ एक जैसे नेमप्लेट लगा दिए गए हैं. स्ट्रीट लैंप पर राम के धनुष और हनुमान की गदा के चिह्न अंकित हैं. मंदिर तक जाने वाली मुख्य सड़क धर्म पथ पर स्ट्रीट लैंप में सूर्य के समान गोलाकार रोशनी है, जो शायद राम के सूर्यवंशी होने का प्रतीक है.
इतने बड़े आयोजन में अफरातफरी होने की संभावना रहती है. लेकिन शानदार योजना देखकर ताज्जुब हुआ. आयोजन स्थल पर कई जगह सुरक्षा जांच हुई लेकिन सब फटाफट और बेहद करीने से. यह संपन्न होते ही गोल्फ कार्ट मेहमानों को आयोजन स्थल तक ले गईं.
गोल्फ कार्ट पर सवार साधुओं को देखना दिलचस्प था. रास्ते चौड़े थे और हर दो मीटर की दूरी पर बड़ी-बड़ी अगरबत्तियां थीं. अस्थायी जूता डिपो के स्वयंसेवकों ने सभी की मदद की. जूते उतारते ही गुलाब जल सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया. सिर्फ खड़ाऊं में जाने की इजाजत थी!
सरमायेदार, सितारे और श्रद्धाल
अतिथियों का तो दिलचस्प संगम था. दावोस से हाल में लौटे कॉर्पोरेट दिग्गज थे, उनमें स्टील मैग्नेट लक्ष्मी मित्तल और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन भी शामिल थे. बिजनेस आइकन मुकेश अंबानी और कुमार मंगलम बिड़ला अपने परिवार के साथ पहुंचे थे. श्री श्री, बागेश्वर बाबा, रामभद्राचार्य जैसे गुरुओं और साधुओं का जत्था था.
बॉलीवुड सितारे आलिया भट्ट और रणबीर कपूर, कैटरीना कैफ और विक्की कौशल जैसे सेलेब्रिटी जोड़ों से लेकर आयुष्मान खुराना, माधुरी दीक्षित तथा डॉ. नेने, अनुपम खेर, कंगना रनौत और निर्देशक मधुर भंडारकर वगैरह भी थे, तो दक्षिण भारतीय सिनेमा के सितारे पवन कल्याण और राम चरण भी नमूदार थे.
सुपरस्टार अमिताभ बच्चन बेटे अभिषेक के साथ थे, तो रजनीकांत और चिरंजीवी भी थे. सचिन तेंडुलकर और साइना नेहवाल जैसे खेल दिग्गजों ने भी मौजूदगी दर्ज कराई. सभी के टिकटों पर क्यूआर कोड थे और जगहें अच्छी तरह आवंटित थीं.
सीटों पर सफेद रंग के मोटे डनलप कुशन लगे हुए थे, ताकि सख्त या ठंडे न हों. पूरे समारोह के दौरान थर्मस फ्लास्क से गर्म चाय और पानी की ठंडी बोतलें परोसी गईं. बाद में चिप्स, कई प्रकार के सूखे मेवे, रेवड़ी, मखाने और रामदाना के लड्डुओं के साथ स्नैक बॉक्स भी पहुंचे. ठंड के मौसम में भारत के स्थानीय खाद्य पदार्थों को प्रोत्साहन. स्नैक बॉक्स में वेट वाइप्स भी दिए गए थे!
जादुई राम धुन
इंतजार कर रहे अतिथियों को देश के कुछ बड़े गायकों—अनुराधा पौडवाल, सोनू निगम और शंकर महादेवन के गाए मंत्रों और भजनों का आनंद दिया गया. अनुष्ठान की तारीख अंकित पीतल की छोटी-छोटी घंटियां सभी को सौंपी गईं, ताकि वे आरती के वक्त उन्हें बजा सकें.
लेकिन जादुई एहसास तो लोक गायिका मालिनी अवस्थी का मंत्रमुग्ध कर देने वाली राम धुन दे गई. उसे सुनकर लोगों की आंखें नम हो गईं और वे भावविभोर होकर उसकी लय पर झूमने लगे.
मंदिर फूलों से सजा था, जिधर देखो, फूलों की आकृतियां—नीले ऑर्किड से बने विशाल पंखों वाले हमारे राष्ट्रीय पक्षी मोर की तरह. ऊंचे स्तंभों पर लटकते फूलों में जय श्री राम लिखा हुआ था. दर्शन का आकर्षण थोड़ा तीव्र था. सो, लोग धीरज खो बैठे और व्यवस्था कुछ अराजक हो गई. भीड़ को संभालने के मामले में मंदिर अभी नया है और शायद उसकी लोकप्रियता भारी पड़ रही थी.
शाम को फव्वारों और संगीत के समन्वय में लेजर प्रदर्शनी देखने को मिली. लाउडस्पीकरों पर रीमिक्स किए गए राम भजन, गीत और नृत्य मंचन करती टुकडियां... मानो थोड़ी देर के लिए समूचा शहर नुक्कड़ नाटक के मंच में तब्दील हो गया. एक विशाल मैदान में 65 फुट ऊंचे और 200 फुट लंबे कपड़े के विशाल परदे पर रामायण के एपिसोड दिखाए जा रहे थे.
मानो सितारों भरे आसमान तले एक विशाल ओपन एयर थिएटर हो. अयोध्या में माहौल शांत या शांतिपूर्ण नहीं, बिजली-सा स्फूर्त था. ताजा-ताजा बनी दीवारों से ऊर्जा उन्मुक्त होने को उछल रही थी. लग रहा था जैसे शहर अपने पुनरुद्धार का जश्न मना रहा हो.

