भारत के बेस्ट कॉलेज 2023 : आर्ट्स
नं. 1 हिंदू कॉलेज, नई दिल्ली
शैली आनंद
अपनी अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ अपने जीवंत शिक्षणेतर जीवन के लिए सुर्खियां बटोरने वाले हिंदू कॉलेज में 4,500 से अधिक छात्र पढ़ते हैं. कॉलेज में 60 से अधिक स्टूडेंट क्लब और सोसाइटी हैं जिनके जरिए आर्ट्स, डांस, पेंटिंग, डिबेट और डिस्कशन, क्विजिंग, रिसर्च से लेकर उद्यमिता तक विभिन्न तरह की रुचियां-अभिरुचियां पल्लवित और पोषित होती हैं. इसकी एक अनूठी संसदीय प्रणाली भी है. पार्लियामेंट ऑफ द रिपब्लिक ऑफ हिंदू कॉलेज छात्रों और स्टाफ की एक अलग ही तरह की लोकतांत्रिक संस्था है जो एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टीविटीज का जिम्मा संभालती है.
1899 में स्थापित हिंदू कॉलेज ने इस वर्ष अपने अस्तित्व में आने के 124 वर्ष पूरे कर लिए हैं, और यह 'अतीत का अनुकरण और भविष्य को नए आयाम’ के अपने नए आदर्श वाक्य से पूरी तरह प्रेरित है. ह्यूमैनिटीज के लिए सबसे अधिक डिमांड में रहने वाले इस संस्थान में आर्ट स्ट्रीम यानी कला वर्ग के 19 स्नातक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं.
कोविड-19 महामारी के दौरान और उसके बाद, कॉलेज ने अपने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया. महामारी के बाद जब छात्र फिर से कॉलेज लौटे तो कैंपस में उनके लिए हर विभाग के ओरिएंटेशन लेक्चर की पूरी सीरीज तैयार थी. हालांकि, लॉकडाउन के दौरान अस्तित्व में आई ऑडियो विजुअल मीडिया की मिली-जुली शिक्षण पद्धति का उपयोग जारी रखा गया. यही वजह है कि पाठ्य सामग्री और संसाधनों को ऑनलाइन स्टूडेंट पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाता है.
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 से प्रोत्साहित होकर यह कॉलेज अब शिक्षा के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है. उद्योग-अकादमिक कोलैबरेशन की सुविधा को ध्यान में रखकर बहुविषयक रिसर्च के लिए इसमें एक अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर शुरू किया गया है. अप्रैल में, राजनीति विज्ञान विभाग और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन ने विदेश मंत्रालय और जी20 सचिवालय के साथ मिलकर हिंदू-ओआरएफ पॉलिसी कॉन्क्लेव, 2023 का आयोजन किया, जिसका प्रमुख उद्देश्य था शैक्षणिक विमर्श को कक्षा से बाहर ले जाना.
कॉलेज ने सिंगापुर की नेशनल यूनिवर्सिटी, किंग्स कॉलेज, लंदन और श्री राम इंस्टीट्यूट, दिल्ली जैसे कई संस्थानों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर रखे हैं, और उनके सहयोग से नियमित तौर पर प्रोग्राम चलाता रहता है. इसी क्रम में पिछले साल जुलाई में किंग्स कॉलेज के साथ ग्लोबल गवर्नेंस ऑफ कॉन्फिलक्ट ऐंड सिक्योरिटी पर एक ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स पेश किया गया था.
बीए (ऑनर्स) इकोनॉमिक्स, बीए (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस, बीए (ऑनर्स) इंग्लिश, बीए (ऑनर्स) हिस्ट्री, बीए (ऑनर्स) समाजशास्त्र और बीए (ऑनर्स) दर्शनशास्त्र आदि कुछ ऐसे कोर्स हैं, जिनकी हमेशा ही काफी ज्यादा मांग रहती है और इसमें सबसे ज्यादा छात्र आवेदन करते हैं. कॉलेज की प्रिंसिपल अंजू श्रीवास्तव कहती हैं, ''बेहद पसंदीदा होने की एक बड़ी वजह यह भी है कि इसे कुछ ऐसे डिजाइन किया गया है जिससे एक से अधिक विषयों पर विस्तृत ज्ञान हासिल किया जा सके. यही वजह है कि यह बाद में यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों के लिए काफी मददगार साबित होता है.’’
यही नहीं, पिछले वर्ष, कॉलेज ने मानक पाठ्यक्रमों के साथ कई ऐड-ऑन सर्टिफिकेट कोर्स की भी पेशकश की. इनमें फ्रैगरेंस ऐंड फ्लेवर, वैदिक गणित, लीगल स्टडीज और व्यावहारिक अर्थशास्त्र से जुड़े कोर्स शामिल थे.
कॉलेज यह भी सुनिश्चित करता है कि छात्रों को विभिन्न विषयों में एकदम इनोवेटिव तरीके से और नए ट्रेंड के अनुरूप एक्सपोजर और अनुभव मुहैया कराया जाए.
कला वर्ग में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर खासा जोर रहता है और कॉलेज यह सुनिश्चित करने में लगा है कि छात्र बोलचाल वाली संस्कृत और वैदिक गणित जैसे विभिन्न ऐड-ऑन कोर्स के जरिए जितना संभव हो उतना अनुभव हासिल कर सकें. अगर एक्स्ट्राकरिकुलर डोमेन की बात करें तो कला पर केंद्रित विभिन्न स्टूडेंट सोसाइटीज को प्रोत्साहन के साथ-साथ वित्तीय संसाधन भी मुहैया कराए जाते हैं.
कॉलेज ने 2020-2022 के दौरान रिलैक्सो रिसर्च सेंटर का उद्घाटन भी किया. रिसर्च सेंटर में 20 से अधिक लैब हैं, जिनमें जेंडर स्टडीज सेंटर, लैंग्वेज लैब, सोशल एंड एथनोग्राफिक रिसर्च लैब, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च, हिस्टॉरिकल रिसर्च लैब, और जलवायु परिवर्तन एवं सतत विकास लक्ष्य प्रकोष्ठ शामिल हैं.
कॉलेज में मेंटर-मेंटी स्कीम के जरिए सुधारात्मक कक्षाओं और मार्गदर्शन की व्यवस्था की गई जिसमें 10 से 15 छात्रों के छोटे-छोटे समूहों को चर्चा और अकादमिक परामर्श के लिए एक फैकल्टी मेंटर के साथ जोड़ा गया. यह योजना महामारी के दौरान पढ़ने-सीखने की प्रक्रिया में आई बाधाओं को दूर करने में सहायक रही.
इन-पर्सन टीचिंग में लौटना सुगम बनाने के लिए कक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में आयोजित की गईं और कॉलेज ने यह अंतर खत्म करने के लिए पिछले साल कई कौशल विकास और करियर काउंसलिंग वर्कशॉप भी आयोजित कीं. कई फील्ड ट्रिप भी कराए गए. यह कॉलेज की धारणा के अनुरूप ही है: 'संपूर्ण नागरिक तैयार करने के लिए समर्पित.’
गुरु वाणी
‘‘यहां स्टूडेंट्स के नेतृत्व में चलने वाली तमाम को-करिकुलर सोसाइटीज हैं जो न सिर्फ उनकी रचनात्मकता बढ़ाती हैं बल्कि उन्हें नेतृत्व करना भी सिखाती हैं. कैंपस हमेशा ऐसी गतिविधियों से गुलजार रहता है’’
—अंजू श्रीवास्तव, प्रिंसिपल, हिंदू कॉलेज
पूर्व छात्र की राय
‘‘मेरे संस्थान, हिंदू कॉलेज में मुझे बेशकीमती मूल्य, सहानुभूति और निपुण लोगों और सम्माननीय शिक्षकों का साथ मिला. मुझे गर्व है कि मैं इन असाधारण मूल्यों का इस्तेमाल अरुणाचल प्रदेश और देश की सेवा में कर रहा हूं’’
पेमा खांडू, मुख्यमंत्री, अरुणाचल प्रदेश, बीए (ऑनर्स) इतिहास, 2003 बैच
‘‘आपस में जुड़ा होना मेरे लिए कोई आकांक्षा नहीं, बल्कि जिंदगी का एक पहलू है जिसे कॉलेज ने बचाए रखा है और इसे इसलिए भी बचाए रखना चाहिए क्योंकि शिक्षा जब तक इस तथ्य को लेकर नहीं चलती, तब तक जिंदगी के लिए कारगर साबित नहीं हो सकती’’
—लवांश कटियार, बीए (ऑनर्स), समाजशास्त्र, अंतिम वर्ष

