4 साल मोदी सरकार 2.0
संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आइटी
अश्विनी वैष्णव, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आइटी मंत्री
मई की 24 तारीख को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देहरादून में भारत की 2,00,000 वीं 5जी साइट का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि 2023 के अंत तक 1,00,000 और साइटें जोड़ी जाएंगी.
जुलाई 2021 में इन मंत्रालयों का पदभार संभालने के बाद वैष्णव को कई नीतिगत बाधाओं का सामना करना पड़ा. पीएम मोदी ने उन्हें आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे के निर्माण का काम सौंपा. बीएसएनएल के विनिवेश की दिशा में आगे बढ़ने के लिए वैष्णव को आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच और भारतीय मजदूर संघ के विरोध का सामना करना पड़ा. फिलहाल उन्होंने विनिवेश की योजना छोड़ दी है, और इसके बजाय पीएसयू का उपयोग घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कर रहे हैं.
दूरसंचार में शोध और विकास कार्यों (आरऐंडडी) के लिए उत्तरदायी सरकारी फर्म सी-डॉट ने पूरे भारत में 4जी नेटवर्क फैलाने को बीएसएनएल और टीसीएस के नेतृत्व वाले कंसोर्शियम के साथ साझेदारी की है. बीएसएनएल सी-डॉट की ओर से विकसित 4जी कोर का उपयोग करेगा. सी-डॉट ने एक 5जी नॉन-स्टैंडअलोन (एनएसए) कोर विकसित किया है जो विश्वसनीय, सुरक्षित कनेक्टिविटी स्थापित करता है. भारत में 75.9 करोड़ से अधिक सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं और अनुमान है कि 2025 तक देश के सभी नए उपयोगकर्ताओं में से 56 फीसद ग्रामीण क्षेत्रों से होंगे.
यह दूरसंचार उपकरणों के स्वदेशी उत्पादन पर मंत्री के जोर को सही ठहराता है. मार्च 2023 में वैष्णव भारत के 6जी रोडमैप, विजन डॉक्युमेंट भारत 6जी के साथ सामने आए और 6जी का शोध एवं विकास (आरऐंडडी) टेस्ट बेड खोला. दूरसंचार और आइटी विकास का सहयोग करने के लिए मंत्री ने दो सबसे बड़ी उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजनाओं की शुरुआत की है.
बड़ी उपलब्धि
50 भारतीय शहरों में 5जी की सुविधा उपलब्ध
56% नए इंटरनेट उपयोगकर्ता ग्रामीण क्षेत्र के होंगे, 2025 तक
2,00,000
5जी साइट हैं भारत में
बाकी सवाल
डेटा प्राइवेसी बिल अभी पारित होना बाकी

