ऊंचे और असरदार
42 महेंद्र मोहन गुप्ता, 84 वर्ष, चेयरमैन और एमडी, जागरण प्रकाशन लि.
संजय गुप्ता, 60 वर्ष, सर्वकालिक डायरेक्टर और एडिटर-इन-चीफ, जागरण प्रकाशन लि.
क्योंकि वे भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाले अखबार दैनिक जागरण के मालिक हैं, जिसकी पाठक संख्या 6.87 करोड़ है. देश के 543 संसदीय क्षेत्रों में से करीब आधे में इस अखबार की पैठ है. यह दुनिया का सबसे बड़ा दैनिक समाचारपत्र होने का दावा भी करता है और सर्कुलेशन के लिहाज से 2022 (जनवरी-जून) में देश में पहले स्थान पर था. समूह के नौ प्रिंट प्रकाशनों—आठ समाचारपत्र और एक मैगजीन—की संयुक्त पाठक संख्या 8.13 करोड़ है. और अब तो, 12 भाषाओं में अपने 15 डिजिटल पोर्टलों के जरिए इसने अपनी पहले से ही विशाल मौजूदगी को और व्यापक कर लिया है
क्योंकि समूह के पास 31 से अधिक छापाखाना हैं और इसके 300 से अधिक संस्करण 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हैं
क्योंकि समूह की म्यूजिक ब्रॉडकास्ट इकाई रेडियो सिटी आबादी के लिहाज से देश के शीर्ष 15 शहरों में से 12 सहित कुल 39 शहरों में अपनी सेवाएं दे रही है. इसका वॉल्यूम मार्केट शेयर 19 फीसद है
सेहत का ख्याल : महेंद्र मोहन गुप्ता नियमित रूप से वॉक करना पसंद करते हैं और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखते हैं
संगीत प्रेमी : संजय गुप्ता को पुराने हिंदी गाने सुनना पसंद हैं. किशोर कुमार उनके पसंदीदा गायक हैं
ऐसे रहते हैं कूल : महेंद्र मोहन गुप्ता को जहां ताश खेलना पसंद है, वहीं संजय गुप्ता गोल्फ में हाथ आजमाते हैं
एडटेक स्टार
44. बायजू रवींद्रन, 43 वर्ष, सह-संस्थापक और सीईओ, बायजूज
दिव्या गोकुलनाथ, 36 वर्ष, सह-संस्थापक और डायरेक्टर, बायजूजक्योंकि बायजूज एडटेक क्षेत्र में डेकाकॉर्न कंपनी है और 55,000 कर्मचारियों के साथ भारतीय स्टार्ट अप में सबसे बड़ी नियोक्ताओं में एक है. वार्षिक 70 लाख पेड सब्सक्रिप्शन के साथ वैश्विक स्तर पर उसके लर्निंग प्रोग्राम की पहुंच 15 करोड़ छात्रों तक है. कुछ साल में ही बायजूज को 28,000 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) भी हासिल हुआ
क्योंकि पिछले दो साल में उसकी सामाजिक पहल एजुकेशन फॉर ऑल (ईएफए) से देश में 55 लाख बच्चे लाभान्वित हुए हैं, जिनमें आधी लड़कियां हैं. बायजूज भुगतान करने वाले प्रत्येक छात्र के साथ ही एक बच्चे को फ्री लर्निंग की सुविधा दे रहा है. फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी ईएफए के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर हैं
क्योंकि बायजूज तेजी से अपनी ऑफलाइन मौजूदगी बढ़ा रही है. अभी देश भर में उसके 250 ट्यूशन सेंटर हैं और जल्द ही उन्हें और बढ़ाने की योजना है. कंपनी आकाश एजुकेशनल सर्विसेज के लिए इनिशियल पब्लिक ऑफर पर भी नजरें गड़ाए है, जिस कोचिंग संस्थान का उसने 2021 में अधिग्रहण किया था
विवाद में घिरी: पिछले साल कर्मचारियों की छंटनी और विदेशी फंडिंग को लेकर बायजूज विवादों में घिरी रही. हालांकि, बायजूज का कहना है कि सभी लेन-देन नियम-कायदों के मुताबिक हैं और फर्म का एफडीआइ किसी भी अन्य भारतीय स्टार्ट अप से आगे है

