ऊंचे और असरदार
2. अमित शाह, 58 वर्ष, केंद्रीय गृह मंत्री
क्योंकि करियर में लंबे सफर के साथी प्रधानमंत्री मोदी के वे सेनापति और सबसे भरोसेमंद सिपहसालार हैं. सरकारी नीतियों पर आरएसएस के सहयोगियों के साथ तालमेल बैठाना हो, दूसरी पार्टियों के नेताओं को अपने पाले में लाना हो, कहीं भी उपजे संकट पर काबू पाना हो (मणिपुर का ताजा मसला) या किसी भी चुनाव अभियान के मुख्य रणनीतिकार के रूप में छोटे-छोटे कील-कांटों से लेकर व्यापक तस्वीर की फिक्र करना हो, मोदी के पास शाह हैं न
क्योंकि गृह मंत्री के नाते उग्रवाद और चरमपंथ, अंतर-राज्यीय गैंगस्टरों और माओवादी अतिवादियों को काबू में रखना उन्हीं की जिम्मेदारी है. पूर्वोत्तर में बागी समूहों के साथ शांति वार्ता का जिम्मा और जम्मू-कश्मीर के परोक्ष प्रशासक की भूमिका भी वे निभा रहे हैं
घरेलू मोर्चे पर शाह केंद्रीय मंत्रिमंडल में एकमात्र ऐसे मंत्री हैं, जिन्होंने कार्यभार संभालने के बाद से कोई विदेश यात्रा नहीं की है
क्योंकि वे अकेले मंत्री हैं जो कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) में पीएम के साथ मौजूद होते हैं
3. मोहन भागवत, 72 वर्ष, सरसंघचालक, आरएसएस
दत्तत्रेय होसबाले, 68 वर्ष, सरकार्यवाह, आरएसएस
नैतिक पहरुए
क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख के नाते भागवत के विचार केंद्र सरकार के साथ-साथ भाजपा शासित 16 राज्यों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश की तरह होते हैं. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, अनुच्छेद 370 रद्द किए जाने, धर्मांतरण विरोधी कानूनों जैसी नीतिगत पहल और समान नागरिक संहिता लागू करने की भाजपा की प्रतिबद्धता साफ दर्शाती है कि उस पर संघ का कितना प्रभाव है
क्योंकि आरएसएस के सरकार्यवाह के रूप में होसबाले संघ की दैनिक गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखते हैं. उनके सहयोगी भाजपा में महत्वपूर्ण पदों पर रहकर पार्टी के राष्ट्रीय एजेंडे के साथ-साथ संघ के एजेंडे को भी आगे बढ़ा रहे हैं
आधार फैला अब देश के लगभग हर जिले में आरएसएस की शाखा है, और इस तरह यह भारत का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बन गया है
क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के साथ होसबाले की नजदीकी संघ के अनुषांगिक संगठनों और सरकार के बीच किसी भी तरह के मतभेद को दूर करने में मददगार साबित होती है
4. योगी आदित्यनाथ, 50 वर्ष, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
काम दिखाने वाला संत
क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के बाद अब योगी ही सत्तारूढ़ भाजपा में दूसरे ऐसे लोकप्रिय नेता हैं, जिनके अपने राजनीति ब्रांड के विशेष दायरे हैं. दोबारा चुनाव जीतकर कुर्सी संभालने के बाद 'बुलडोजर बाबा' चुपचाप कुछ ठोस कार्य योजनाएं बनाने में जुट गए और बाहर आए तो माफियाओं को ठिकाने लगाने की फौलादी योजना के साथ. इस प्रक्रिया में उनका कद पहले से कुछ इंच बढ़ गया
क्योंकि देशभर में भाजपा के चुनाव अभियानों में बतौर प्रचारक मोदी के बाद उनकी ही सबसे ज्यादा मांग रहती है
सरल जीवन अनुयायियों के बीच 'महाराजजी' कहलाने वाले योगी की जीवनशैली बेहद साधारण है. वे शाकाहारी और कुत्तों के प्रेमी हैं. योगी हिंदी फिक्शन के शौकीन हैं और काशीनाथ सिंह उनके पसंदीदा लेखक हैं
क्योंकि पांच साल और 345 दिनों का कार्यकाल पूरा करके उन्होंने हाल ही में उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के तौर पर डॉ. संपूर्णानंद का 63 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

