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टीके से कोई छूट न जाए

पिछले साल एसआइआइ ने भारत में पहली बार स्वदेश में विकसित एचपीवी वायरस टीके लॉन्च किए, जो सर्वाइकल कैंसर से बचाव करता है.

अदार पूनावाला
अदार पूनावाला
अपडेटेड 30 मई , 2023

ऊंचे और असरदार : रसूखदार

20. अदार पूनावाला, 42 वर्ष
सीईओ, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआइआइ)

क्योंकि उन्होंने कोविड वायरस से लड़ाई में देश की मदद करने की ख्वाहिश को सामान्य कारोबारी हितों से ऊपर रखा. अब मांग घटने के बावजूद एसआइआइ ने कोविशील्ड के 50-60 लाख टीके बनाने का फैसला किया है. उसने इतनी ही मात्रा में कोवोवैक्स टीका तैयार भी कर लिया है. इसका मकसद यह है कि फिर अगर कोरोना का संकट खड़ा हो जाए तो देश निबटने को तैयार रहे

क्योंकि वे लगातार स्वदेश में विकसित टीकों में निवेश कर रहे हैं, जिससे न सिर्फ उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि दाम भी काफी कम होंगे. पिछले साल एसआइआइ ने भारत में पहली बार स्वदेश में विकसित एचपीवी वायरस टीके लॉन्च किए, जो सर्वाइकल कैंसर से बचाव करता है.

यह बीमारी देश में महिलाओं में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा होती है. फिलहाल आयातित एचपीवी टीके का दाम करीब 10,000 रु. है, जबकि एसआइआइ का टीका सरकारी केंद्रों पर 200-400 रु. में मिल सकेगा

क्योंकि वे अब भारतीय उद्यमियों को बढ़ावा देने की भी सोच रहे हैं. 1,000 करोड़ रु. के कॉर्पस फंड के साथ पूनावाला विजन फंड की योजना शुरुआती दौर के स्टार्ट अप में निवेश की है

जल्दी शुरुआत अदार महज 20 साल के थे और कॉलेज से निकले ही थे कि एसआइआइ में काम करने लगे. तब उनका कोई औपचारिक पद नहीं था और पहले कुछ साल बस उन्होंने अपने पिता के साए में बिताए

क्योंकि अदार पूनावाला क्लीन सिटी इनिशिएटिव ने पुणे में स्वच्छता और मलबा उठाने के लिए 100 करोड़ रु. देने का वादा किया है. उसके 250 ट्रक हर रोज शहर में घूम-घूमकर कचरा इकट्ठा करते हैं और करीब 70 टन कचरे को छांटते हैं.

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