नई नस्ल 100 नुमाइंदे/वारिस
अनंत गोयनका, 40 वर्ष,
मैनेजिंग डायरेक्टर, सिएट, मुंबई
महज 30 की उम्र में टायर निर्माता कंपनी सिएट की बागडोर संभालने से पहले अनंत गोयनका ने आरपीजी ग्रुप की ट्रांसमिशन टॉवर बनाने वाली फर्म केईसी इंटरनेशनल में शुरुआती तजुर्बा हासिल किया.
उन्होंने सप्लाइ चेन मैनेजमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, प्लानिंग और क्वालिटी कंट्रोल के कामों की देखरेख की. उनकी अगुआई में सिएट की शुद्ध बिक्री 2011-12 में 4,649 करोड़ रुपए से बढ़कर 2020-21 में 7,573 करोड़ रुपए पर पहुंच गई. गोयनका का ध्यान ज्यादा मुनाफे वाले उत्पादों पर रहा, जिनमें उन्होंने तेज गति से नए बदलाव पेश किए और आक्रामक ढंग से उनकी मार्केटिंग की.
उन्होंने कंपनी के उत्पादों के जोड़ में हेरफेर किया और व्यावसायिक वाहनों में इस्तेमाल किए जाने वाले कम मुनाफे के क्रॉसप्लाइ टायरों के बजाय ज्यादा मुनाफे वाले दोपहिया और एसयूवी के टायरों की बिक्री को प्राथमिकता दी.
केलॉग स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए और युनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वैनिया के व्हार्टन स्कूल से बीएस (इकॉनोमिक्स) गोयनका की अगुआई में सिएट ने 2017 में गुणवत्ता प्रबंधन का दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित 'डेमिंग प्राइज’ जीता. सिएट से जुड़ने से पहले उन्होंने हिंदुस्तान लीवर, एसेंचर और मॉर्गन स्टैनले के साथ काम किया. उद्योगपति हर्ष गोयनका और माला गोयनका के बेटे अनंत आरपीजी एंटरप्राइजेज़ के मैनेजमेंट बोर्ड के सदस्य भी हैं.
जितना काम उतनी मस्ती फिटनेस के दीवाने गोयनका को वीकेंड में दौडऩा और स्क्वैश खेलना अच्छा लगता है. उन्हें जापानी खाना भी बहुत पसंद है
''अपने सीमित संसाधनों के साथ अपने ग्राहकों पर और अपने समाज पर व्यापक असर डालने की चुनौती मुझे लगातार प्रेरित करती है’’.

