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विशेषांकः ड्रोन का कारोबार

मेहता के हवाई वाहन ने 2009 की बॉलीवुड फिल्म थ्री ईडियट से अपना पहला कदम रखा और एक दशक बाद अब आइडियाफोर्ज भारत का सबसे बड़ा ड्रोन निर्माता है, जिसके पास 20 से ज्यादा पेटेंट हैं.

अंकित मेहता
अंकित मेहता
अपडेटेड 10 जनवरी , 2022

नई नस्ल100 नुमाइंदे/ नवोन्मेषक

अंकित मेहता,  32 वर्ष
सह-संस्थापक और सीईओ, आइडियाफोर्ज, मुंबई

मुंबई में नवंबर 2008 में हुए पाकिस्तानी आतंकी हमले के वक्त आइआइटी बॉम्बे के छात्र अंकित मेहता ने भारतीय सुरक्षा बलों को होटलों की भूलभुलैया में आतंकवादियों का पता लगाने की जद्दोजहद करते देखा. तभी उन्हें यकीन हो गया कि दूरदराज से संचालित वाहनों की जिस टेक्नोलॉजी पर वे काम कर रहे थे, वही इसका समाधान है.

यहीं से भारत के एक पथप्रदर्शक ड्रोन स्टार्टअप की शुरुआत हुई. मेहता के हवाई वाहन ने 2009 की बॉलीवुड फिल्म थ्री ईडियट से अपना पहला कदम रखा और एक दशक बाद अब आइडियाफोर्ज भारत का सबसे बड़ा ड्रोन निर्माता है, जिसके पास 20 से ज्यादा पेटेंट हैं.

देश में हर छह मिनट में आइडियाफोर्ज का एक ड्रोन उड़ना भरता है और वर्गीकृत सैन्य निगरानी अभियानों से लेकर खेतों का खाका बनाने और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं का सर्वे करने तक कई काम करता है.

ड्रोन की रेंज 2 से 15 किलोमीटर तक है और ये अधिकतम 6,000 मीटर उड़ सकते हैं. उनके प्लेटफॉर्मों से ग्राहक 2,00,000 से ज्यादा मिशन पूरे चुके हैं. पिछले साल के दोहरे संकट—महामारी और पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन की आक्रामक तैनाती—के दौरन उनका कारोबार खूब फूला-फला.

कानून प्रवर्तन और लॉकडाउन प्रबंधन के लिए उनके ड्रोन इस्तेमाल किए गए. भारतीय सेना ने जनवरी 2021 में बहुत ऊंचाइयों पर उड़ सकने वाले आइडियाफोर्ज के 'स्विच’ ड्रोन के लिए 140 करोड़ रुपए से ज्यादा का ऑर्डर दिया. मेहता कहते हैं, ‘‘आप मुझे मिशन दीजिए और मैं आपको प्रोडक्ट दूंगा.’’

''हमने राष्ट्रीय सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा पर असर डालने वाली टेकनोलॉजी विकसित की है’’

छोटी पर अनिवार्य वे अपनी कमर पर बेल्ट से कम से कम तीन कैरेबाइन (सामान लटकाने के हुक) लटकाए रहते हैं ताकि कहीं चीजें खो न जाएं.

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