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गुरुवाणी

ज्ञान का यह आदान-प्रदान वेबिनार और विशेषज्ञों के व्याख्यानों की एक दिलचस्प शृंखला में परिवर्तित हुआ.

प्रो. संजय श्रीवास्तव
प्रो. संजय श्रीवास्तव
अपडेटेड 9 जुलाई , 2021

फैशन डिजाइनः गुरुवाणी

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन डिजाइन (निफ्ट), पटना ‘‘महामारी ने उन नए क्षेत्रों में भी अवसर तलाशने के द्वार खोले जो अब तक अनछुए थे’’
प्रो. संजय श्रीवास्तव
निदेशक, निफ्ट, पटना

चाहे वह कोर्स से जुड़ा काम हो, इंटर्नशिप हो, क्राफ्ट क्लस्टर हो या फिर ग्रेजुएशन के प्रोजेक्ट्स हों, नई मांगों और चुनौतियों के साथ महामारी के दौरान सीखने का दायरा और तरीका दोनों बदल गया.

महामारी ने उन क्षेत्रों में भी अवसर तलाशने के द्वार खोले जो अब तक अनछुए थे और इसकी वजह से दुनिया भर में संसाधनों, लोगों और उद्योगों के साथ ज्ञान और संपर्क का गहन आदान-प्रदान हुआ.

ज्ञान का यह आदान-प्रदान वेबिनार और विशेषज्ञों के व्याख्यानों की एक दिलचस्प शृंखला में परिवर्तित हुआ. छात्रों को भावनात्मक और शारीरिक दोनों रूप से स्वस्थ रखने के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए गए.

भारत और दुनिया भर में विभिन्न प्लेटफार्मों के पेश किए जाने वाले छोटे-छोटे सत्र जिसमें सुविधानुसार जुड़ा जा सकता है, फ्री वेबिनार और ब्लॉग पोस्ट जैसे विभिन्न प्रकार के अवसरों ने फैशन बिरादरी को एक बेहतर, सुंदर और अधिक टिकाऊ दुनिया के लिए अपने विचारों को उकेरने के बेशुमार अवसर दिए.

अगर हम इतिहास में झांकें तो महामारियों ने मानव जाति को तोड़ा है, लेकिन मेरा मानना है कि इस दौरान हमने छात्रों के साथ डिजिटल और ई-कनेक्टिंग के रूप में जुड़ाव का जो अवसर हासिल किया है, उसने हमारे जैसे संस्थानों को द्रुत गति देते हुए एक झटके में लगभग एक दशक आगे पहुंचा दिया है.

सीखने के नए तरीकों को अपनाने के मामले में हम जो हासिल करते, आज उससे बहुत आगे पहुंच चुके हैं. इस बार जब कैंपस के लाइफलाइन यानी छात्र कैंपस में लौटेंगे तो हमारे सामने कई रोमांचक चुनौतियां होंगी जिनका समाधान करना होगा. हम सब इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.’’

(अमिताभ श्रीवास्तव से बातचीत पर आधारित).

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