'राजनैतिक अखाड़ाः
उत्तर प्रदेश के लिए निर्णायक संग्राम'
अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी
उत्तर प्रदेश अपनी 80 लोकसभा सीटों के साथ, 2019 के चुनावों के बाद दिल्ली में सरकार बनाने की चाबी रखता है. और अगर 2019 में दोबारा दिल्ली की गद्दी पर काबिज होने के भाजपा के मंसूबों के सामने अगर कोई गंभीर चुनौती दिखती है, तो वह है समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन.
गठबंधन के मुख्य शिल्पकार और एक प्रमुख हितधारक के रूप में, सपा प्रमुख अखिलेश यादव को यह सुनिश्चित करना है कि भाजपा यूपी में 2014 की जीत (71 सीटों) न दोहरा सके और उनके गठबंधन को इतनी सीटें मिलें कि एनडीए के बदले किसी दूसरे गठबंधन की अगली सरकार की चाबी उनके हाथों में रहे. एक जानकारीपूर्ण सत्र में, अखिलेश ने पुलवामा के चुनावों पर प्रभाव, बसपा के साथ गठबंधन की पृष्ठभूमि और केंद्र में अगर अगली सरकार गठबंधन की बनती है तो प्रधानमंत्री कौन हो सकता है, जैसे विषयों पर अपने विचार रखे.
खास बातें
अखिलेश ने कहा कि यूपी में बसपा के साथ सपा का गठबंधन मोदी को यूपी में जीतने से रोकने के लिए नहीं बल्कि संविधान की रक्षा करने के लिए हुआ है.
उन्होंने कहा कि देश और सभी राजनैतिक दल राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर एकजुट हैं, लेकिन कृषि संकट, सड़कों की कमी और रोजगार जैसे मुद्दे अभी भी प्रासंगिक हैं. सपा अध्यक्ष ने कहा, ''मार्केटिंग और ब्रांडिंग का महत्व तो है लेकिन अगर उत्पाद ही अच्छा नहीं है तो मार्केटिंग होगी कैसे?''
अखिलेश को विश्वास है कि अगला पीएम यूपी से होगा. ''उत्तर प्रदेश हमेशा प्रधानमंत्री देता है. देखिए कौन यूपी से लडऩे आया था.''
उन्होंने यूपी या अन्य राज्यों में सपा-बसपा गठबंधन का हिस्सा नहीं होने की बात को बहुत तरजीह नहीं दी. उन्होंने कहा, ''मैं राष्ट्रीय पार्टी को सलाह नहीं दे सकता. मैं केवल अपनी पार्टी का ख्याल रख सकता हूं. कांग्रेस यहां जितनी सीटें जीतना चाहती है, अगर वह छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और दिल्ली पर ध्यान केंद्रित करे, तो वहां ज्यादा सीटें जीत सकती है. प्रियंका गांधी बड़ी नेता हैं.''
योगी सरकार के किए गए कामों पर अखिलेश ने खूब चुटकी ली. उन्होंने कहा, ''हम खुश हैं कि एक बाबा यूपी के मुख्यमंत्री हैं. हम उनसे बहुत कुछ सीख रहे हैं कि हमें नवरात्र के दौरान बूंदी के लड्डू खाने चाहिए. अगर हमें बंदरों को भगाना है, तो हमें हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. उन्होंने हमें हनुमानजी की जाति भी बताई.''
''मैं अगला प्रधानमंत्री बनना नहीं चाहता, मैं अगला प्रधानमंत्री बनाना चाहता हूं.''

