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एक्सएलआरआइ-जमशेदपुर: नैतिकता के साथ कारोबार

कोर्सेस नियमित रूप से अपडेट होते हैं. प्रबंधकीय नैतिकता मुख्य विषय है. एक्सएलआरआइ में सारा जोर ऐसे बिजनेस लीडर पैदा करने पर होता है जिनके उच्च कारोबारी सिद्धांत हों.

अपडेटेड 13 नवंबर , 2012

आइईएसईजी, पेरिस से ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (एचआरएम) की पढ़ाई कर भारत लौटीं 23 वर्षीया मारियन निकोलाई को ‘‘सांस्कृतिक रूप से अनुकूल सामाजिक माहौल के भीतर अमेरिका के नामी बिजनेस स्कूलों’’ में पढऩे का मौका मिला. ऐसा एक्सएलआरआइ के स्टुडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत संभव हो सका. उन्होंने भारत में अपनी पढ़ाई के लिए एक्सएलआरआइ को चुना था और आज उन्हें लगता है कि उनका फैसला सही था. वे कहती हैं, ‘‘एक्सएलआरआइ का मेरा अनुभव लाजवाब है. यदि मैं यहां नहीं आती तो विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था और बाजार के माहौल को कभी नहीं समझ पाती.’’

एक्सएलआरआइ के डीन (एकेडमिक्स) और यहीं से पढ़कर निकले 59 वर्षीय प्रणबेश राय कहते हैं, ‘‘हमारा पढ़ाने का तरीका आपसी संवाद है. यह छात्रों को उनकी समझ बेहतर करने में मदद करता है जिससे वे जीवन की वास्तविक प्रबंधकीय समस्याओं पर सफलता से काबू पाना सीख जाते हैं.’’

बिजनेस टुडे-नीलसन के 2012 के सर्वश्रेष्ठ बिजनेस स्कूल सर्वेक्षण में 1949 में स्थापित यह इंस्टीट्यूट चौथे स्थान पर रहा है. 2012 एक्सएलआरआइ के लिए अहम है क्योंकि इस साल स्कूल ब्रांडिंग की प्रक्रिया से गुजरा है. अब नए लोगो के साथ नया ब्यौरा भी है: ज़ेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और इसकी नई टैगलाइन है, श्फॉर द ग्रेटर गुड.’’

चीफ ब्रांड और सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर सुनील वर्गीज कहते हैं, ‘‘एक्सएलआरआइ लगातार बेहतरीन छात्रों को आकर्षित कर रहा है और प्लेसमेंट के लिए भी यहां प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट आ रहे हैं.’’ इस साल कोका कोला, डोएचे बैंक, गूगल, मेकिंज़ी, एचएसबीसी समेत कुल 73 कंपनियों ने एक्सएलआरआइ के छात्रों को 284 नौकरियों के प्रपोजल दिए.

यह इंस्टीट्यूट 2015 तक दिल्ली में और अगले साल तक जमशेदपुर में नए कैंपस स्थापित करने जा रहा है. जमशेदपुर का दूसरा कैंपस 120 सीटों वाला होगा. दिल्ली कैंपस में भी 120 छात्रों की क्षमता होगी. फिलहाल एक्सएलआरआइ कुल 240 छात्रों को एडमिशन देता है.

अगले एकेडमिक सेशन से इंस्टीट्यूट अमेरिका के क्लीवलैंड स्थित केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी के वेदरहेड स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और शंघाई की तोंगजी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स ऐंड मैनेजमेंट के साथ मिलकर ग्लोबल एमबीए प्रोग्राम शुरू करेगा. एक्सएलआरआइ ने 2001 में अपना अंतरराष्ट्रीय प्रोग्राम दुबई के अल अब्बास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर शुरू किया था. तब से अब तक इसने दुनिया भर के इंस्टीटयूट्स के साथ एकेडमिक साझेदारी स्थापित की है.

इंस्टीट्यूट ने 2010 में अपोलो हॉस्पिटल समूह के साथ मिलकर विशेषीकृत पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के पेशेवरों के लिए शुरू किया था. यह लगातार खुद को बेहतर बना रहा है. फैकल्टी लगातार अध्यापन शैली और कोर्स को अपडेट कर रही है तथा करिक्यूलम को हर दूसरे या तीसरे साल अपडेट किया जाता है जिसमें दुनिया भर के बिजनेस स्कूलों का सहयोग लिया जाता है.

राय के मुताबिक, संस्थान ने कारोबार में नैतिकता के अपने मूल सिद्धांत को नहीं छोड़ा है, ‘‘हम सिर्फ बिजनेस लीडर्स नहीं बनाते, हम उच्च नैतिक मानदंडों वाले लीडर्स तैयार करते हैं. प्रबंधकीय नैतिकता एक अनिवार्य विषय है. छात्रों को तीन दिन के लिए गांवों में जाना अनिवार्य होता है. हमारी पहचान ही नैतिकता, अखंडता और श्रेष्ठता के मूल्यों का सृजन करना है.’’

इन मूल्यों को छात्रों के दिमाग में गहरे बैठा दिया जाता है. दूसरे वर्ष के छात्र 21 वर्षीय कृष्ण चैतन्य ने मुंबई के एक एनजीओ के साथ इंटर्नशिप पूरी की है जिसमें उन्होंने गरीब बच्चों के लिए उसके नाइट स्कूलों को बेहतर बनाने में मदद की. एचआरएम सेकंड ईयर की 21 वर्षीया अनुभूति जैन ने सिगमा नाम के छात्र समूह के प्रयासों को बेहतर बनाने का काम किया है और 53 आदिवासी बच्चों की पढ़ाई के लिए उन्होंने 2.20 लाख रु. की राशि जुटाई.

यहां एडमिशन मुश्किल है क्योंकि हर साल एक लाख से ज्यादा छात्र आवेदन करते हैं. उनके ज़ेवियर एडमिशन टेस्ट (एक्सएटी) स्कोर के आधार पर उन्हें ग्रुप डिस्कशन और पर्सनल इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है. इसके लिए एक्सएटी में न्यूनतम 90 परसेंटाइल या फिर जीमैट में 650 अंक जरूरी हैं. कुल 2,500 छात्रों को ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू के लिए कॉल किया जाता है. सिर्फ 240 चुने जाते हैं. मेहनत के बाद छात्रों को यहां जो अनुभव मिलता है, वह उसके काबिल होता है.

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