
• क्योंकि सूर्य भारतीय टी20 क्रिकेट का चेहरा बन गए हैं, जिन्हें 2024 में कप्तानी की जिम्मेदारी मिली. उनकी यह उपलब्धि उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और क्रिकेट के प्रति जुनून को दर्शाती है, जो 2024 के आईसीसी टी-20 विश्व कप के दौरान साफ नजर आया.
• क्योंकि सूर्य ने अपनी कप्तानी का शानदार आगाज किया, जिसके नतीजतन भारत ने जुलाई 2024 में श्रीलंका पर 3-0 से क्लीन स्वीप किया.
• क्योंकि उनकी बल्लेबाजी की बेहद अनूठी '360-डिग्री' शैली ने उन्हें 'स्काइ' उपनाम दिलाया और उन्हें दुनियाभर में सबसे ज्यादा घातक टी20 खिलाड़ियों में से एक के तौर पर स्थापित किया. उनके शानदार स्ट्राइक रेट और साहसिक अंदाज में बल्ले को घुमाकर मारने के अंदाज ने टी20 इंटरनेशनल में भारत के नजरिए को नए सिरे से गढ़ा है.
ऐसी बराबरी!
सूर्य ने कोहली की तरह टी20 इंटरनेशनल में दो विशिष्ट रिकॉर्ड बनाए हैं. दोनों ने टी20 में सिर्फ 56 पारियों में 2,000 रन बनाए. यही नहीं, अभी टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा 16 प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड जीतने का विश्व रिकॉर्ड भी दोनों के ही नाम है. सूर्य ने टी20 मैचों में 5 प्लेयर ऑफ द सीरीज पुरस्कार जीते हैं, जिससे वे कोहली के ऐसे 7 पुरस्कारों के बाद दूसरे नंबर पर हैं.
--------------------------------------------------
2. नीरज चोपड़ा, 26 वर्ष, भाला फेंक खिलाड़ी

• क्योंकि 2024 ओलंपिक में रजत पदक जीतने के साथ भाला फेंकने वाला यह खिलाड़ी ऐसे एथलीटों (सुशील कुमार और पी.वी. सिंधु के साथ) में शुमार हो गया जिन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं.
• क्योंकि लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले भारत के एथलीटों में से एक हैं, जिन्होंने टोक्यो 2020 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद से कई प्रतियोगिताओं में पोडियम पर जगह बनाई. नीरज ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप (2022) और एशियाई खेलों में स्वर्ण (2023) जीता. साथ ही, वे डायमंड लीग में भी विजेता रहे.
• क्योंकि बड़े ब्रान्डों के बीच लोकप्रिय हैं. मौजूदा समय में उनके पोर्टफोलियो में 24 ब्रान्ड हैं, जिनमें से हर एक से उन्हें प्रति वर्ष 3-4 करोड़ रुपए की कमाई होती है. ब्रान्ड वैल्यू के लिहाज से वे कुछ शीर्ष क्रिकेटरों की कतार में शामिल हैं.
• क्योंकि उनकी उपलद्ब्रिधयों ने और भी प्रतिभाओं को इस खेल की ओर आकृष्ट किया, जिनमें किशोर जेना और डी.पी. मनु जैसे उभरते खिलाड़ी शामिल हैं.
फोटो तो खींच लें
चोपड़ा को फोटोग्राफी पसंद है और अपनी हर प्रतियोगिता में कई कैमरे लेकर जाते हैं.
----------------------------------------------
3. मनु भाकर, 22 वर्ष, पिस्टल निशानेबाज

• क्योंकि वे ओलंपिक खेलों के एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय हैं. महज 22 साल की उम्र में वे कॉमनवेल्थ खेलों (2018) और एशियाई खेलों (2023) के स्वर्ण पदक सहित 47 अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं.
• क्योंकि वे देश में खेलों के प्रति रुझान रखने वाली नवयुवतियों के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा के रूप में उभरी हैं और इस तरह एक ताकतवर आइकन और ब्रान्ड बन गई हैं. विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 40 ब्रान्ड उन्हें अपना एंबेसडर बनाना चाहते हैं. कोका कोला ने उन्हें अगले साल के अपने थम्स अप आइकन के रूप में लेने के लिए खबरों के मुताबिक 1.5 करोड़ रुपए का करार किया है.
• क्योंकि वे इस बात की सच्ची मिसाल हैं कि सर्वोच्च स्तर पर भी झटकों से उबरा जा सकता है. साल 2021 में हुए टोक्यो ओलंपिक में खेल-पूर्व स्पर्धाओं में जीत हासिल करने के बाद उनके पदक जीतने की अच्छी-खासी संभावनाएं थीं, मगर हथियार में गड़बड़ी आ जाने की वजह से उनका संतुलन डगमगा गया. वहीं, अपनी इस शानदार वापसी का श्रेय वे पूर्व राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियन जसपाल राणा के अपने कोच के रूप में लौटने को देती हैं.
खानपान पर नियंत्रण
मनु अपने खानपान को लेकर बेहद सतर्क हैं, मगर चूरमा और आलू के पराठों के आगे अपने को रोक नहीं पातीं.
------------------------------------------------------------
4. डोम्माराजू गुकेश, 18 वर्ष, शतरंज ग्रैंडमास्टर

• क्योंकि 18 साल की उम्र में वे विश्व चैंपियन के सबसे युवा दावेदार हैं, जिन्होंने इसी साल मौजूदा चैंपियन चीन के डिंग लिरेन से मुकाबले के लिए क्वालीफाइ किया. गुकेश अब तक के दूसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर (जीएम) भी हैं, जिन्होंने 12 साल और सात महीने की उम्र में यह खिताब हासिल किया
• क्योंकि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अचूक रिकॉर्ड बनाए रखते हुए भारत की पुरुष टीम को चेस ओलंपियाड का स्वर्ण पदक जीतने में मदद की. उन्होंने बोर्ड वन पर व्यक्तिगत स्वर्ण पदक भी जीता
• क्योंकि लिरेन के खिलाफ जीत गुकेश को अब तक का सबसे युवा उत्कृष्ट विश्व चैंपियन बना देगी. इससे पहले उन्होंने साल 2023 एफआइडीई सर्किट के अगुआ के रूप में खत्म किया और इतिहास के तीसरे सबसे युवा खिलाड़ी के रूप में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया
पूत के पांव पालने में
गुकेश के दादा ने उनके भीतर की शतरंज खेलने की प्रतिभा को पहचाना. तब उनकी उम्र महज तीन साल की थी.
-------------------------------------------
5. स्मृति मंधाना, 28 वर्ष, क्रिकेटर

• क्योंकि 2024 में उन्होंने अपनी कप्तानी में रॉयल चैलेंजर बैंगलोर को विमेन्स प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में जीत दिलाई, यह वह उपलब्धि थी जो आइपीएल में पुरुष आरसीबी टीम को भी अब तक नसीब नहीं हुई है
• क्योंकि मंधाना ने दो बार आइसीसी महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर अवार्ड जीते हैं (2018 और 2021) और यह अवार्ड दो बार जीतने वाली मात्र दूसरी खिलाड़ी हैं.
• क्योंकि विमेन्स टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों में मंधाना तीसरे नंबर पर हैं. किसी भारतीय महिला खिलाड़ी के सबसे अधिक 8 ओडीआइ शतक भी उनके खाते में दर्ज.
सीधी-सच्ची प्रेरणा
करियर की शुरुआत में मंधाना कुमार संगकारा के बल्लेबाजी के वीडियो देख-देखकर प्रेरित हुआ करती थीं. वे राहुल द्रविड़ के दस्तखत वाले 'लकी बैट' का भी इस्तेमाल करती थीं.

