चिराग शेट्ठी, 27 वर्ष और सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी, 23 वर्ष
खेल: बैडमिंटन पुरुष युगल
उपलब्धि: एशियाई खेलों में स्वर्ण, 2022 की विश्व चैंपियनशिप में कांस्य, थॉमस कप जीतने वाली 2022 की टीम का हिस्सा रहे
कैसे क्वालिफाई किया: बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) रैंकिंग के आधार पर
"सात्विक सब कुछ खोलकर रख देता है." चिराग शेट्टी यह बात उस वक्त कहते हैं जब अपेक्षाकृत युवा उनके पार्टनर सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी फोटोग्राफर की गुजारिश पर थोड़ा अनमने होकर अपनी टी-शर्ट उतारते हैं. चिराग के लिए तो ऐसा करना अब उनकी एक पहचान-सा बन गया है क्योंकि वे ज्यादातर टूर्नामेंट की जीत का जश्न इसी अंदाज में मनाते हैं.
सात्विक अक्सर रैकेट हाथ में लिए स्वतस्फूर्त ढंग से नाचते और उछल-कूद करते हैं. बैडमिंटन अतिशय उल्लास का खेल नहीं माना जाता—2016 की ओलंपिक चैंपियन कैरोलिना मारिन वैसे इसका अपवाद हैं—फिर भी साचि (सात्विक-चिराग को उनके मुरीदों से मिला प्यार का नाम) फख्र से ऐसा करते हैं.
चिराग शहरी मिजाज वाले बातूनी चतुरसुजान हैं, मुंबई चा मुलगा, तो सात्विक आंध्र प्रदेश के अमलापुरम के शर्मीले लड़के. किशोर उम्र की शुरुआत में ही वे हैदराबाद आ गए थे. कोर्ट में उन्हें खड़ा करने की देर है, वे नब्बे के दशक के हिट पॉप गाने में बखाने गए 'एमएफईओ' यानी (मेड फॉर ईच अदर) एक दूजे के लिए बने नजर आएंगे.
हम पुलेला गोपीचंद अकादमी के दूसरे तल पर हैं. विश्व की पूर्व नंबर 1 जोड़ी दो घंटे के थकाऊ प्रशिक्षण सत्र के बीच है. पहले उन्होंने ध्रुव कपिला और एम.आर. अर्जुन की जोड़ी के साथ कड़ा अभ्यास किया. फिर 'फीडर' का काम कर रहे खिलाड़ियों के कठोर स्मैश का सामना किया.
साचि तेज रफ्तार और आक्रामक बैडमिंटन खेलते हैं. वे बीते दो साल से यह कमाल करते आ रहे हैं, खासकर जबसे इस युगल के कोच के रूप में पूर्व ओलंपिक रजत पदक विजेता मचिअस बो ने कमान संभाली है. (डेनमार्क के बो की शादी अभिनेत्री तापसी पन्नू से हुई है. साचि उनकी नितांत निजी किस्म की शादी में मेहमान थे).
यह बो की साप्ताहिक छुट्टी का दिन है पर दोनों शटलर का जोश जरा भी कम नहीं हुआ है. हमने पूछा कि बो कोर्ट में होते तो क्या फर्क पड़ता? जवाब चिराग ने दिया, "आपने काफी गाली-गलौज सुनी होती. इंग्लिश, डैनिश और हिंदी में भी. पर मजाकिया अंदाज में. अगर कोई स्ट्रोक के लिए तैयार न हो तो वे पागल हो जाते हैं." सात्विक मुस्कराते हुए हां में सिर हिलाते हैं.
बो की योजना और रणनीतियों ने इन जुनूनी लड़कों को मजबूत मर्दों में बदल दिया है. प्रतिभावान शटलर तो वे थे ही, बो की मेंटोरशिप में मजबूत जोड़ी बन गए. चिराग कहते हैं, "उनके साथ यह मायने नहीं रखता कि आप कितनी देर से खेल रहे हैं. मायने रखती है क्वालिटी और कितनी कोशिश आप कर रहे हैं. आपको 100 फीसद कोर्ट में होना पड़ता है."
सात्विक के लिए यह 'छोटी-छोटी चीजों' पर बो का जोर देना है. वे कहते हैं, "हममें ज्यादा निरंतरता आई है. अब बुरे दिन में भी हम कुछेक मैच जीत सकते हैं."
वे अब वेराइटी और स्मार्ट खेल के लिए जाने जाते हैं. नेट पर शटल के तेज और सपाट आदान-प्रदान में उतने ही निपुण हैं जितने ताकतवर स्मैश में. उनके खेल में परिपक्वता आई है. उनके तरकश में एक हथियार क्लिक सर्व है, तो रिटर्न अक्सर अंक बटोरते हैं.
शेट्टी कहते हैं, "अब हम विरोधियों को अपनी रफ्तार पर खेलाते हैं. कोर्ट में आप इसी तरह हावी हो सकते हैं." यह नतीजों में भी दिखता है. 2024 में इनमें थाइलैंड ओपन और फ्रेंच ओपन के खिताब जुड़े. फ्रेंच ओपन उसी जगह हुआ जहां अब ओलंपिक के मैच होंगे.
दो खिताब जीतने और एक बार उपविजेता रहने के बाद साचि के लिए यह सचुमच 'पेरिस जे ताइमे (पेरिस, आइ लव यू)' है. इस बार जब वे इस प्यार भरे शहर में जाएंगे, तो सारी नजरें उन पर होंगी.
शेट्टी कहते हैं, "जाहिर है, हमें प्रसिद्धि अच्छी लगती है, पर हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचते. हम चाहते हैं जाएं और खेल का आनंद लें. हालात कितने भी बुरे या अच्छे हों, जब भी हम पॉजिटिव रहे, हमारे लिए यह नतीजा अच्छा ही निकला." बैडमिंटन ने भारत को तीन ओलंपिक मेडल दिए हैं लेकिन सब महिला एकल में. अगर शर्ट उतारी जाएं और कोर्ट पर डांस हो तो जान लीजिए कि गिनती चार हो गई होगी.

