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ह्यूमैनिटीज में हिंदू कॉलेज अव्वल, लेकिन बाकी संस्थान भी कम नहीं

हिंदू कॉलेज ने जिस तरह की जीवंत और भागीदारी से भरपूर शिक्षा संस्कृति को बरकरार रखा है, इंडिया टुडे - एमडीआरए सर्वे 2024 में उसी के बूते बना यह ह्यूमैनिटीज के छात्रों का मनपसंद ठिकाना

तसवीर में हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र
तसवीर में हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र
अपडेटेड 2 जुलाई , 2024

लगातार बदलती इस जटिल दुनिया में यह सोच कुछ दशक पहले काफूर हो चुकी है कि अगर आपमें साइंस की पढ़ाई करने की मानसिक क्षमता नहीं है, तभी आप आर्ट्स की ओर रुख करते हैं. आपमें मानव जीवन, समाज और संस्कृति को गहराई से समझने की क्षमता तैयार करने में ह्यूमैनिटीज पाठ्यक्रमों के अंतर्विषयक दृष्टिकोण से बेहतर कुछ नहीं हो सकता.

यह एक ऐसा पहलू है जिसे दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज ने न केवल अच्छी तरह पहचाना बल्कि अपने स्नातक कार्यक्रमों की पढ़ाई में अपनाया भी है. सोशल साइंस विषयों के लिए सबसे ज्यादा मांग वाला यह कॉलेज अपने बैचलर ऑफ आर्ट्स प्रोग्राम के तहत 19 स्नातक पाठ्यक्रमों की सुविधा देता है.

छात्रों को बेहतर डिजाइन वाले पाठ्यक्रमों के कारण अपनी पसंद के विषय पर गहन अध्ययन का मौका तो मिलता ही है. खुले माहौल में अकादमिक बहस और परिचर्चा संस्कृति, उद्योग-अकादमिक सहयोग और पाठ्येतर गतिविधियों पर जोर दिए जाने से उनकी समझ भी अच्छी तरह विकसित होती है.

यहां शिक्षकों-छात्रों के बीच उस्ताद-शागिर्द का बेहतर रिश्ता होता है. हिंदू कॉलेज में 60 से ज्यादा छात्र क्लब और सोसाइटी सक्रिय हैं, जिन्हें नृत्य और नाटक से लेकर संगीत और पेंटिग, बहस, संवाद और प्रश्नोत्तरी जैसी विभिन्न रुचियों को पूरा करने के उद्देश्य से बनाया गया है.

मसलन, पिछले साल अप्रैल में राजनीतिशास्त्र विभाग और ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन ने विदेश मंत्रालय और जी-20 सचिवालय के साथ मिलकर हिंदू-ओआरएफ पॉलिसी कॉन्क्लेव 2023 का आयोजन किया. यह न केवल कक्षा से इतर संवाद और सीखने-सिखाने को आगे बढ़ाने का एक शानदार प्रयास साबित हुआ, बल्कि छात्रों को दुनिया के सामाजिक-राजनैतिक मामलों को समझने और उसमें भागीदार बनने का बेहतरीन मंच भी मिला. आखिरकार उनकी डिग्री का लक्ष्य उन्हें इन्हीं चीजों से तो रू-ब-रू कराना है.

ह्यूमैनिटीज में भारत के 10 सबसे बेस्ट कॉलेज

ह्यूमैनिटीज में देश के 10 बेस्ट कॉलेज
ह्यूमैनिटीज में देश के 10 बेस्ट कॉलेज

हिंदू कॉलेज दूसरों से अलग कैसे है 

■ हिंदू कॉलेज को नेशनल असेसमेंट ऐंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (एनएसीसी) रैंकिंग में 4 में से 3.6 सीजीपीए स्कोर हासिल है.

■ यहां के छात्रों को 10.6 लाख रुपए औसत वार्षिक वेतन (घरेलू) की पेशकश की गई, जो अन्य आर्ट्स कॉलेज की तुलना में सर्वाधिक है.

■ पिछले दो साल में प्रति संकाय सदस्य प्रकाशित पुस्तकों और शोधपत्रों की सबसे अधिक संख्या का रिकॉर्ड इसी कॉलेज के नाम है.

■ इस कॉलेज ने खुली चर्चा-परिचर्चा, उद्योग-अकादमिक सहयोग और पाठ्येतर गतिविधियों की एक मजबूत संस्कृति कायम की है.

■ हिंदू कॉलेज में 60 से अधिक स्टुडेंट क्लब और सोसाइटी हैं, जो नृत्य और नाटक से लेकर संगीत और पेंटिंग, चर्चा-परिचर्चा, संवाद और प्रश्नोत्तरी सरीखी विभिन्न रुचियों को पूरा करती हैं.

क्या आप जानते हैं? 

■ हिंदू कॉलेज कई ऐड-ऑन कोर्स कराता है, जिनमें से कुछ खासतौर पर साइंस से इतर विषयों के छात्र-छात्राओं को उभरती तकनीकों से परिचित कराने के लिए डिजाइन किए गए हैं. मसलन, सोशल साइंसेज के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल साइंसेज के लिए कंप्यूटर पाठ्यक्रम और शोध पद्धति.

नए जमाने के पांच कोर्स 

प्रोफेसर उपासना महंत, डीन, एडमिशन ऐंड आउटरीच, ओपी जिंदल ग्लोबल, यूनिवर्सिटी, सोनीपत

फिल्म और न्यू मीडिया: फिल्म और न्यू मीडिया एक व्यापक प्रोग्राम है जो छात्र-छात्राओं को विजुअल स्टोरीटेलिंग की गतिशीलता और निरंतर बदलते परिदृश्य के अनुरूप तैयार करता है.

एन्वायरनमेंट स्टडीज: यह एक अंतर्विषयक कार्यक्रम है, जो पर्यावरण मुद्दों और सामाजिक, राजनैतिक तथा आर्थिक कारकों के बीच सीधे जुड़ाव के बारे में जानकारी और समझ को बढ़ाता है.

कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन: यह छात्र-छात्राओं को कॉर्पोरेट दुनिया में सफलता हासिल करने के लिए आवश्यक उन्नत संचार रणनीतियों और कौशल से उन्हें संपन्न करता है. यह उन्हें ब्रान्ड की साख बरकरार रखने, हितधारकों से जुड़ने के गुण सिखाने के अलावा पब्लिक रिलेशन, ब्रान्ड मैनेजमेंट और अन्य कम्युनिकेशन साधनों की मदद से संकट की स्थितियों को सुलझाने में सक्षम बनाता है.

कूटनीति, कानून और कारोबार का अध्ययन: यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों के साथ-साथ कानून और बिजनेस के अध्ययन की सुविधा प्रदान करता है, जिससे छात्र-छात्राओं में वैश्विक मामलों की व्यापक समझ विकसित होती है.

दोहरी डिग्री वाला प्रोग्राम: ह्यूमैनिटीज में बैचलर्स और विभिन्न विषयों में मास्टर्स सरीखे ये प्रोग्राम आर्ट्स और ह्यूमैनिटीज में छात्र-छात्राओं की नींव मजबूत करने के साथ उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने में सक्षम बनाते हैं.

पांच अभिनव रोजगारों में मददगार बीए डिग्री 

—प्रोफेसर उपासना महंत

■रचनात्मक उद्यमी, जो अभिनव विचारों के साथ अपने कारोबार को अलग मुकाम पर पहुंचा सकते हैं.

■ फिल्म और न्यू मीडिया विशेषज्ञ सिनेमा, टेलीविजन, डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में और उससे आगे भी अपनी खास पहचान बना सकते हैं, तथा वे अत्याधुनिक तकनीक और अपने कौशल की बदौलत एनिमेशन, एडिटिंग, साउंड डिजाइन और प्रोडक्शन में कामयाबी हासिल कर सकते है.

■ नीति विश्लेषक और शोधकर्ता इनका विश्लेषणात्मक और रिसर्च कौशल इन्हें नीति संबंधी जटिल चुनौतियों और असल दुनिया के मसलों को सहजता के साथ सुलझाने में सक्षम बनाता है.

■ यूएक्स/यूआई डिजाइनर समाधान खोजने और तकनीकों को आकार देने वाली ऐसी भूमिकाएं चुन सकते हैं जो यूजर्स को डिजिटल उत्पादों और सेवाओं के साथ कदमताल करने और उन्हें आसानी से समझने में सक्षम बनाए.

कला शिक्षा में नए रुझान

 —प्रोफेसर मिधा शरण, डीन, स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स, जीडी गोयनका यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम

■समग्र मानसिक विकास पर जोर देने वाले लिबरल आर्ट्स, विजुअल ऐंड कम्युनिकेटिव आर्ट्स, एक्सप्रेसिव आर्ट्स, पाक कला, डिजाइन कम्युनिकेशन और मनोविज्ञान पाठ्यक्रम सरीखे नए जमाने के प्रोग्राम की काफी ज्यादा मांग है.

■ विभिन्न पाठ्यक्रमों में जीवन कौशल विकास और प्रौद्योगिकी को अपनाने और उसके एप्लिकेशंस पर खास ध्यान दिया जाता है.

■ सभी पाठ्यक्रम मूलत: ठोस सैद्धांतिक ज्ञान बढ़ाने के मकसद के साथ-साथ छात्रों को स्नातक स्तर पर माइनर्स और सामान्य ऐच्छिक के तौर पर अपने पसंदीदा विषय के अध्ययन की सुविधा भी देते हैं. उदाहरण के लिए मनोविज्ञान को मुख्य विषय चुनने के साथ कोई छात्र राजनीतिशास्त्र या विजुअल आर्ट्स का भी अध्ययन करके अपने सीखने-समझने के दायरे को और व्यापक बना सकता है.

■ आर्ट्स पाठ्यक्रमों में अब अंतर्विषयक दृष्टिकोण, उद्योग-केंद्रित पाठ्यक्रम, आलोचनात्मक सोच और नवाचार, व्यावहारिक शिक्षा और डिजिटल साक्षरता पर खास जोर दिया जा रहा है.

गुरु वाणी

"बेहतरीन एजुकेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक सभागार, बेहद कुशल फैकल्टी और विविधता के प्रति सम्मान हमारी खासियत है. हम अपने सभ्यतागत मूल्यों के साथ जुड़े रहने के साथ चर्चा और पड़ताल की लिबरल आर्ट्स की परंपरा में दृढ़ विश्वास रखते हैं."

—अंजू श्रीवास्तव, प्रिंसिपल, हिंदू कॉलेज

पूर्व छात्र की राय

"हिंदू कॉलेज पढ़ने-सीखने, स्कॉलरशिप और आजीवन फेलोशिप के लिए बेहतरीन लिबरल संस्थान है. यह विविध सामाजिक पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राओं को व्यक्तिगत, पेशेवर या सामाजिक हर तरह से विकसित होने का अवसर प्रदान करता है."

— मुक्तेश के. परदेशी, सचिव (सीपीवी ऐंड ओआइए), विदेश मंत्रालय, मेक्सिको में पूर्व राजदूत, न्यूजीलैंड में पूर्व उच्चायुक्त, बीए (ऑनर्स) समाजशास्त्र बैच 1987

स्टोरी - शैली आनंद 

(कॉलेजों की विस्तृत रैंकिंग जानने के लिए विजिट करें )

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