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प्रधान संपादक की कलम से

दुनिया भर में चुस्त-दुरुस्त काया के प्रति संवेदनशील जिस समाज में हम सभी रहते हैं, उसमें कोई आश्चर्य नहीं कि सेमाग्लूटाईड दवाओं में वजन घटाने के गुण ने ज्यादा ध्यान खींचा है

इंडिया टुडे कवर: आ गई चमत्कारी दवा
इंडिया टुडे कवर: आ गई चमत्कारी दवा
अपडेटेड 26 मार्च , 2024

- अरुण पुरी

भारत पर दुनिया की डायबिटीज या मधुमेह राजधानी और मोटापे के मामले में शीर्ष तीन देशों में शुमार होने का ठप्पा लगा है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-इंडिया डायबिटीज के अध्ययन 2023 का अनुमान है कि 2021 में देश में 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज और 13.6 करोड़ लोग प्री-डायबिटीज के मरीज थे. देश की यह बीमार आबादी ब्राजील की पूरी आबादी से बड़ी है.

2019-21 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) के ताजा आंकड़ों से पता चला है कि 24 फीसद भारतीय महिलाएं और 22.9 फीसद पुरुष अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं. इससे भी बदतर यह कि 56.7 फीसद महिलाएं और 47.7 फीसद पुरुष पेट के मोटापे से पीड़ित हैं.

इसलिए डेनमार्क की दिग्गज दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क की ओर से सेमाग्लूटाईड नाम के सक्रिय रासायनिक घटक की खोज भारत के लिए विशेष महत्व रखती है. इसी घटक से डायबिटीज की नई दवा ओजेम्पिक का विकास हुआ. ओजेम्पिक और उसकी वेरिएंट दवाइयां अपने जबरदस्त फायदों से दुनिया में तहलका मचा रही हैं क्योंकि जल्द ही यह पता चला कि डायबिटीज रोधी इस औषधि में मोटापा घटाने का अतिरिक्त लाभ है.

नोवो नॉर्डिस्क ने जनवरी 2022 में ओजेम्पिक का टैबलेट संस्करण राइबेल्सस भारत में लॉन्च किया, तो उसे फौरन लपक लिया गया. राईबेल्सस भी दोहरे फायदे की है. यह मधुमेह रोधी दवा तो है ही, जो पैंक्रियाज या अग्नाशय की इंसुलिन पैदा करने की क्षमता बढ़ाने में मददगार है. अग्नाशय उदर का महत्वपूर्ण अंग है जो डायबिटीज के रोगियों में ठीक से काम नहीं करता.

ये दवाएं अग्नाशय को ज्यादा इंसुलिन निकालने को प्रेरित करती हैं, जिससे रोगी के ब्लड-शुगर में संतुलन बनाया जाता है. इसके अलावा, ये दवाएं भूख कम करती हैं. हमारे पाचन तंत्र में भोजन की गति को धीमा करके सेमाग्लूटाईड मस्तिष्क को तृप्त होने का संकेत देने में मदद करता है. इस प्रकार, यह 'खाने की तलब' पर अंकुश रखता है, खासकर उस तलब पर जब हम शरीर की जरूरत के बजाए मजे के लिए खाते हैं. सामान्य भूख होमोस्टैटिक भूख कहलाती है, जो तब लगती है जब शरीर को सचमुच जरूरत होती है.  

दुनिया भर में चुस्त-दुरुस्त काया के प्रति संवेदनशील जिस समाज में हम सभी रहते हैं, उसमें कोई आश्चर्य नहीं कि सेमाग्लूटाईड दवाओं में वजन घटाने के गुण ने ज्यादा ध्यान खींचा है. खालिस वजन घटाने की दवा की मांग के मद्देनजर नोवो नॉर्डिस्क ने ओजेम्पिक के मुकाबले सेमाग्लूटाईड की अधिक खुराक के साथ एक इंजेक्टेबल मोटापा-रोधी दवा पेश की और उसे वेगोवी नाम से ब्रांड किया.

वेगोवी को अमेरिकी फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) से मंजूरी 2021 में मिली. 2021 से शुरू हुए 16 देशों में समानांतर परीक्षण से पुष्ट हुआ कि हर हफ्ते सेमाग्लूटाईड का इंजेक्शन लेने से एक साल चार महीने में शरीर का वजन तकरीबन 15 फीसद कम हो गया.

ईलॉन मस्क और ओपरा विन्फ्रे जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों ने दवा की पैरोकारी की तो वेगोवी छा गई. ओजेम्पिक और वेगोवी दोनों की बिक्री आसमान छू गई और दुनिया भर में उनकी कमी हो गई. अब डायबिटीज और मोटापे के इलाज की जगह उसे बैठे-बिठाए वजन घटाने के लिए खरीदा जाने लगा था.

इससे होड़ मच गई. नवंबर 2023 में अमेरिकी फार्मा दिग्गज एली लिली ने टिरजेपेटाईड नाम के ग्लूकोज कम करने वाले घटक पर आधारित दवा जेपबाउंड पेश की, जो वेगोवी के मुकाबले पांच फीसद ज्यादा वजन घटाने का वादा करती है. हालांकि, 8 मार्च को एफडीए ने उसे हृदय संबंधी लाभों के लिए भी मंजूरी दे दी तो वेगोवी ने जोरदार वापसी की.

यह रिपोर्ट पांच साल के परीक्षण के बाद आई है. इसमें दिखाया गया है कि सेमाग्लूटाईड ने बिना डायबिटीज वाले मोटापे के मरीजों में दिल के दौरे और स्ट्रोक वगैरह की आशंका को 28 फीसद तक कम कर दिया है. इसका सामान्य कार्डियो-प्रोटेक्टिव यानी दिल की रक्षा संबंधी असर लगभग 20 फीसद बताया गया. इससे उसके संभावित उपयोग का दायरा व्यापक रूप से बढ़ जाता है.

भारत में नोवो नॉर्डिस्क ने फिलहाल डायबिटीज के लिए सेमाग्लूटाईड के संस्करण राईबेल्सस को ही बाजार में उतारा है. वेगोवी को कथित तौर पर 2026 में लॉन्च करने की योजना है. लेकिन यकीनन हमारे यहां पूरा पैर पसारे काला बाजार में इसकी शुरुआत हो चुकी है.

हालांकि इसे अमेरिका में मंजूरी सिर्फ मोटापा रोग से ग्रस्त लोगों का वजन घटाने वाली दवा के लिए दी गई है, लेकिन काया तराशने को वजन घटाने के लिए इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है. ओजेम्पिक या वेगोवी इंजेक्शन को 'स्किनी पेन' कहा जाता है और भारत का एलीट तबका इसी पर हाथ आजमाने की कोशिश में हॉलीवुड ए-लिस्टर्स की नकल कर रहा है.

तो क्या ओजेम्पिक, वेगोवी, राइबेल्सस, जेपबाउंड और उसका दूसरा संस्करण मौन्जारो वगैरह चमत्कारी औषधियां हैं जिनकी हमें वर्षों से तलाश रही है? मशहूर हस्तियों की पैरोकारी, शानदार मार्केटिंग और हताशा हमें फौरन यकीन कर लेने को मजबूर कर सकती है, लेकिन थोड़ी-सी सावधानी बरतना गलत न होगा. बेहिसाब इस्तेमाल किया जाए तो इन दवाओं के गंभीर दुष्प्रभाव होते हैं.

सेमाग्लूटाईड के सेवन से कभी-कभी मतली, उल्टी, पेट दर्द होता है और गंभीर मामलों में अग्नाशयशोथ और स्टमक पैरालिसिस भी हो सकता है. गिने-चुने मामलों में यह थायरॉयड और अंत:स्रावी ग्रंथियों के कैंसर को भी बढ़ावा दे सकती है.

फिर सबसे बढ़कर तो यह कि ये दवाएं अपेक्षाकृत नई हैं, जिसका मतलब है कि उनके दीर्घकालिक असर पर अभी तक कोई डेटा मौजूद नहीं. बिला शक डायबिटीज या मोटापा रोग से ग्रस्त लोगों के अलावा सामान्य वजन घटाने के लिए इनका लंबे समय तक इस्तेमाल बेमानी होगा.

शायद किसी मौके पर आपको मनचाहा वजन मिल जाए लेकिन जैसे ही आप दवा का सेवन बंद करते हैं, जीवनशैली या खान-पान में बदलाव के बिना वजन तेजी से बढ़ जाता है. बार-बार वजन घटने या बढ़ने से कोशिकाओं पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे दूसरी जटिलताओं का सिलसिला शुरू हो सकता है.

इसके अलावा, भारतीय परिवेश में इन दवाओं का कोई परीक्षण नहीं किया गया है, जिसमें यहां के लोगों के शरीर पर उनके असर का अध्ययन किया गया हो. हम केवल विश्वव्यापी परीक्षणों का हिस्सा बने हैं. फिर ये दवाएं भी महंगी हैं. अमेरिका में ओजेम्पिक की मासिक खुराक की कीमत 936 डॉलर (लगभग 77,474 रुपए) और वेगोवी की मासिक खुराक 1,300 डॉलर (1.07 लाख रुपए) है.

राईबेल्सस की 10-टैबलेट के पत्ते की कीमत 3,000 रुपए से ज्यादा है. हमारे देश में परिवार जहां स्वास्थ्य पर अपने वार्षिक घरेलू उपभोग व्यय का औसतन 7.9 फीसद ही खर्च कर पाते हैं, बहुत-से लोग इन दवाओं को खरीदने में समर्थ न होंगे.

इस हफ्ते की हमारी आवरण कथा में सीनियर एसोसिएट एडिटर सोनाली आचार्जी ने भारतीयों के लिए इन दवाओं के वादों और जोखिम पर गौर किया है. ऐसी चमत्कारी दवाएं हमें कुछ गंभीर समस्याओं के इलाज की उम्मीद बंधा सकती हैं पर डायबिटीज और वजन घटाने का सबसे अच्छा इलाज तो जीवन-शैली में बदलाव ही है. वरना ये अभिशाप बन सकते हैं.

- अरुण पुरी, प्रधान संपादक और चेयरमैन (इंडिया टुडे समूह)

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