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भाजपा या कांग्रेस, किसे मिलेगा लोकसभा चुनाव में युवा वोटरों का साथ?

2024 के लोकसभा चुनाव में वोट डालने जा रहे कुल मतदाताओं में से 21.5 करोड़ यानी 23 फीसद 29 साल से कम उम्र के हैं. ऐसे में इन युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा और कांग्रेस की क्या है कवायद

लोकसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों का ही फोकस युवाओं पर है- ग्राफिक: असित रॉय
लोकसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों का ही फोकस युवाओं पर है- ग्राफिक: असित रॉय
अपडेटेड 29 मार्च , 2024

चुनाव आयोग की ओर से लोकसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. 8 फरवरी, 2024 तक के जो आंकड़े चुनाव आयोग के पास आए हैं, उनके मुताबिक पूरे देश में लोकसभा चुनाव के लिए 96.8 करोड़ मतदाताओं की सूची बनी है.

आयोग का दावा है कि पूरी दुनिया में किसी एक चुनाव में इतने मतदाता कहीं और मतदान नहीं करते. 2019 के लोकसभा चुनाव में कुल मतदाताओं की संख्या 89.6 करोड़ थी. 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट डालने जा रहे कुल मतदाताओं में से 21.5 करोड़ यानी 23 फीसद 29 साल से कम उम्र के हैं. ऐसे में इन युवा मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा और कांग्रेस की क्या है कवायद 

भारतीय जनता पार्टी

कई चुनावी विश्लेषक यह मानते हैं कि युवा मतदाताओं में आम तौर पर जाति आधारित वोटिंग का परंपरागत ट्रेंड अपेक्षाकृत कमजोर होता है. इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परंपरागत जातियों की बात करने के बजाए सिर्फ चार जातियों युवा, महिला, किसान और गरीब की बात करके युवाओं में भाजपा की पैठ को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.

भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए 195 उम्मीदवारों की पहली सूची में कुल 47 ऐसे लोगों को अपना प्रत्याशी बनाया है जिनकी उम्र 50 साल से कम है.

मोदी सरकार के दस साल के कार्यकाल में युवाओं के लिए किए गए कार्यों को प्रचार अभियान में विशेष तौर पर उठाने की योजना सरकार ने बनाई है. इसमें रोजगार के साथ उद्यमिता बढ़ाने वाले उपायों जैसे स्टार्ट-अप इंडिया जैसी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है.

भारतीय जनता युवा मोर्चा पिछले एक साल से देश के अलग-अलग हिस्सों में युवा मतदाता संगम का आयोजन कर रहा है. 2023 के नवंबर-दिसंबर में हुए चुनावों के पहले भी चुनावी राज्यों में ऐसे संगम कराए गए.

सांसद खेल स्पर्धा के माध्यम से हर भाजपा सांसद को युवाओं से जुड़ने का संदेश दिया गया है.

भाजपा का दावा है कि उसने 24 जनवरी, 2024 को देशभर में 5,000 स्थानों पर युवा संगम का आयोजन किया. इनमें से हर कार्यक्रम में कम से कम 1,000 युवा शामिल हुए. 

भाजपा देशभर में 11 लाख युवा वॉरियर्स बनाने की प्रक्रिया में है. इनका काम विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों की मदद करना है.

कांग्रेस

युवाओं को लुभाने के लिए कांग्रेस ने 'युवा न्याय' के नाम से एक यूथ मैनिफेस्टो लॉन्च किया है. इसके जरिए कांग्रेस ने युवाओं से पांच वादे करते हुए रोजगार क्रांति लाने की बात कही है.

कांग्रेस ने युवा मैनिफेस्टो में 'भर्ती भरोसा' का वादा किया है और कहा है कि केंद्र में सरकार बनने के बाद पार्टी देश के सभी युवाओं को भर्ती भरोसा की गारंटी देती है. पार्टी का वादा है कि वह केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में जो 30 लाख पद खाली पड़े हैं, उन्हें तय समय सीमा के अंदर भरेगी. 

कांग्रेस ने युवा मैनिफेस्टो में पहली नौकरी पक्की करने की भी बात कही है. इसके तहत कांग्रेस ने वादा किया है कि वह एक नया अप्रेंटिसशिप का अधिकार कानून लेकर आएगी. इसके तहत पार्टी ने 25 साल तक की उम्र वाले हर डिप्लोमा और डिग्री धारक को सरकारी या निजी क्षेत्र में अप्रेंटिसशिप कराकर हर साल एक लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का वादा किया है.

कांग्रेस ने अपने युवा मैनिफेस्टो में गिग इकोनॉमी में काम कर रहे युवाओं को सामाजिक सुरक्षा देने का वादा किया है. कांग्रेस ने 'युवा रोशनी' के नाम से 5,000 करोड़ रुपए का एक फंड बनाने का वादा किया है. इस फंड को हर जिले में बांटा जाएगा. कांग्रेस की तरफ से यह कहा गया है कि उसकी यह गारंटी होगी कि 40 साल से कम उम्र के हर युवा को अपना स्टार्ट-अप शुरू करने के लिए फंड मिले.

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