
पक्ष और विपक्ष, दोनों ओर के नेता अक्सर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की तारीफ करते नजर आते हैं, यहां तक कि संसद में भी. अब गडकरी की सराहना एक ऐसे शख्स ने की है जो नरेंद्र मोदी सरकार का कोई खास प्रशंसक तो नहीं है.
दरअसल, एक यूट्यूबर के साथ इंटरव्यू में अर्थशास्त्री और आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि गडकरी ने शानदार काम किया है. राजन के मुताबिक, इस मंत्री को बखूबी पता है कि काम पूरा कराने के लिए अपने स्टाफ को कैसे प्रेरित करना है.
यह भी कि गडकरी अपने कैबिनेट सहयोगियों में सबसे खुले विचारों वाले लोगों में से एक हैं. राजन कहते हैं, "मेरे ख्याल से हमें ऐसे और मंत्रियों की जरूरत है." उन्होंने कहा कि देश को ऐसे ही 'मंत्रियों के पूरे एक समूह' की जरूरत है जो देश को आगे ले जा सकें. क्या गडकरी के बॉस इस पर गौर करेंगे?
अव्यवस्था का अधिवेशन
फरवरी की 17-18 तारीख को दिल्ली के भारत मंडपम में भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के पहले दिन कई केंद्रीय मंत्री, सीएम और सांसद अव्यवस्था से बेहाल दिखे. हालत यह थी कि केंद्रीय मंत्रियों की सीट पर पानी की बोतल तक नहीं रखी गई.
कई मंत्रियों को खाने के लिए प्लेट लेकर कतार में खड़े होना पड़ा. इन सबने बी.एल. संतोष से रोना रोया. राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के नाते व्यवस्था का जिम्मा उन्हीं का था. उन्होंने दिल्ली भाजपा के पदाधिकारियों पर आंखें तरेरीं.
फिर क्या, दूसरे दिन हल्दीराम से 5,000 प्लेट पैक खाना आ पहुंचा. पर पहले दिन के भूखे-प्यासे ज्यादातर मंत्रियों-सांसदों ने अपने आवास पर ही अपने और क्षेत्र से आए प्रतिनिधियों के लिए खाना बनवा लिया था. नतीजा: 2,000 प्लेट खाना बच गया. यानी जूठा छोड़ो अभियान!
चुनाव से पूर्व चौखट पर

लगता है, लोकसभा चुनाव करीब आते ही गुजरात में मंदिरों में पूजा-अर्चना जोर पकड़ रही है. राज्य में चल रहे बजट सत्र के बीच 15 फरवरी को छुट्टी घोषित कर दी गई क्योंकि 156 भाजपा विधायकों को स्पीकर शंकर चौधरी बनासकांठा जिले के अंबाजी मंदिर दर्शन के लिए ले गए. चौधरी वहीं के रहने वाले हैं.
क्षेत्रीय मीडिया ने कार्यक्रम को लाइव कवर किया और युवा विधायक तथा गृह मंत्री हर्ष सांघवी शंख, मंजीरा, ढोल और हारमोनियम पर अपनी कला से कैमरों के केंद्र में रहे. विधानसभा सत्र के बाद एक और यात्रा की योजना है जिसमें कैबिनेट मंत्री अयोध्या के राम मंदिर जा रहे हैं.
इसे कहते हैं प्रोत्साहन!
आईएएस अफसर आंजनेय कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति छह महीने फिर बढ़ा दी गई है. उन्होंने सपा नेता और रामपुर के पूर्व सांसद आजम खान को 2019 के आम चुनाव में प्रचार के दौरान नफरत भरे भाषण के आरोप में जेल भेजा था. सिंह ने चुनावी हलफनामे में उम्र में हेराफेरी करने के मामले में आजम के विधायक बेटे अब्दुल्ला को भी अयोग्य ठहरवाया था.
2005 बैच के सिक्किम काडर के आईएएस अधिकारी सिंह मुरादाबाद के कमिशनर हैं. 2016 में सपा शासन के दौरान ही वे यूपी आए थे. रहने वाले वे यूपी में ही मऊ के हैं. प्रतिनियुक्ति नियमों के अनुसार, कोई आईएएस अधिकारी पांच साल से ज्यादा किसी अन्य राज्य में सेवा नहीं कर सकता, पर वे यूपी में यह उनका आठवां साल है. जाहिर है, लखनऊ में कोई तो है जो उनके लिए बैटिंग कर रहा है. या फिर यह आजम को जेल भेजने का इनाम है?
पुरानी आदत

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी नेता अजित पवार ने 'धर्मनिरपेक्ष' कांग्रेस को छोड़ भाजपा से नाता भले जोड़ लिया हो पर पुरानी आदतें इतनी आसानी से कहां छूटती हैं. एनसीपी के अल्पसंख्यक सेल के एक सम्मेलन में शिक्षा, नौकरी और यहां तक कि राजनीति में आरक्षण की मांग के एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. बाद में हंगामे के बाद होश आया तो राजनैतिक कोटे का जिक्र हटा दिया गया.
- अभिषेक घोष दस्तीदार और धवल एस. कुलकर्णी

